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प्रधान पुत्र व तीन ग्राम विकास अधिकारियों पर मुकदमा
Updated Sat, 05 May 2018 08:44 PM IST
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मंझनपुर/सरायअकिल। नेवादा ब्लॉक की चकपिनहा ग्राम प्रधान का फर्जी हस्ताक्षर बनाकर उनके बेटे ने आठ महीने में करीब चार लाख रुपये निकाल लिए। इस खेल में तीन ग्राम विकास अधिकारी भी शामिल रहे। मामले की जांच के बाद एडीओ पंचायत ने सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है।
चकपिनहा निवासी मो. कासिम पुत्र नाजिम ने महीने भर पहले डीएम को दिए गए शिाकयती पत्र में बताया कि ग्राम प्रधान जाहिदा बेगम का पुत्र उनकी जगह पर सरकारी क्रागजों में हस्ताक्षर करता है। उसने पिछले आठ महीने में प्रधान का फर्जी हस्ताक्षर करके करीब चार लाख रुपया निकाल लिया है। यह रकम विकास कार्यों के लिए ग्राम सभा के खाते में आई थी। डीएम के निर्देश पर डीपीआरओ ने मामले की जांच कराई तो आरोप सही पाए गए। ग्राम सभा में तीन-तीन महीने तैनात रहे सेक्रेटरी मनोज तिवारी, रवि सिंह व दो साल कार्यरत रहे हरिओम गुप्ता की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई। डीपीआरओ (जिला पंचायती राज अधिकारी) ने ग्राम विकास अधिकारी (सेक्रेटरी) मनोज तिवारी को दस दिन पहले निलंबित कर दिया। इसके बाद शुक्रवार को एडीओ पंचायत प्रमोद कुमार मिश्र ने प्रधान के बेेटे व तीनों ग्राम विकास अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। इस कार्रवाई से जिले भर में हड़कंप मच गया है। मामले में डीपीआरओ कमल किशोर का कहना है कि प्रकरण की बारीकी से जांच करने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। वहीं, सरायअकिल एसओ हेमंत मिश्र का कहना है कि जांच के बाद आरोपियों को जेल भेजा जाएगा।
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चकपिनहा निवासी मो. कासिम पुत्र नाजिम ने महीने भर पहले डीएम को दिए गए शिाकयती पत्र में बताया कि ग्राम प्रधान जाहिदा बेगम का पुत्र उनकी जगह पर सरकारी क्रागजों में हस्ताक्षर करता है। उसने पिछले आठ महीने में प्रधान का फर्जी हस्ताक्षर करके करीब चार लाख रुपया निकाल लिया है। यह रकम विकास कार्यों के लिए ग्राम सभा के खाते में आई थी। डीएम के निर्देश पर डीपीआरओ ने मामले की जांच कराई तो आरोप सही पाए गए। ग्राम सभा में तीन-तीन महीने तैनात रहे सेक्रेटरी मनोज तिवारी, रवि सिंह व दो साल कार्यरत रहे हरिओम गुप्ता की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई। डीपीआरओ (जिला पंचायती राज अधिकारी) ने ग्राम विकास अधिकारी (सेक्रेटरी) मनोज तिवारी को दस दिन पहले निलंबित कर दिया। इसके बाद शुक्रवार को एडीओ पंचायत प्रमोद कुमार मिश्र ने प्रधान के बेेटे व तीनों ग्राम विकास अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। इस कार्रवाई से जिले भर में हड़कंप मच गया है। मामले में डीपीआरओ कमल किशोर का कहना है कि प्रकरण की बारीकी से जांच करने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। वहीं, सरायअकिल एसओ हेमंत मिश्र का कहना है कि जांच के बाद आरोपियों को जेल भेजा जाएगा।
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