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जान जोखिम में डाल छात्रावास में रह रहें हैं बीटीसी प्रशिक्षु
Updated Fri, 31 Aug 2018 12:18 AM IST
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मंझनपुर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के छात्रावास में बीटीसी प्रशिक्षु जान जोखिम में डालकर रह रहे हैं। बरसात में आवास की छत टपक रही है। भवन की दीवारों पर काई की पर्त जमी है। ऐसे में यहां रहने वाले कभी भी हादसे का शिकार हो सकते हैं।
डॉयट में प्रशिक्षण लेने वाले छात्रों के लिए दो मंजिला छात्रावास बना है। दो दशक पहले तक यह हॉस्टल छात्रों से गुलजार रहता था। विभाग की अनदेखी की वजह से हॉस्टल बदहाल हो गया। छात्रों ने भी यहां से दूरी बना ली। नतीजतन, विभाग भी मरम्मत को लेकर बेफिक्र हो गया। यहां के प्रशिक्षु किराए का कमरा लेकर या फिर अपने घर से आवागमन करते हैं। पर, गरीब तबके के छात्र जान जोखिम में डालकर यहां रहने को मजबूर हैं। डॉयट प्रवक्ता बीडी मिश्र का कहना पूर्व प्राचार्य ने गरीब छात्रों की मांग पर उन्हें रहने की इजाजत दे दी थी। उनके तबादले के बाद भी हॉस्टल में कोई रह रहा है, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। भवन की मरम्मत के लिए पहले पत्राचार किया गया था। बजट नहीं मिलने की वजह से काम नहीं कराया जा सका।
अध्यापकों की होती थी ट्रेनिंग
मंझनपुर। परिषदीय स्कूलों में पढ़ाने वाले अक्सर इसी हॉस्टल में रुककर ट्रेनिंग किया करते थे। अब यहां जो भी ट्रेनिंग होती है, अध्यापकों को खुद से रहने की व्यवस्था करनी होती है।
डॉयट में प्रशिक्षण लेने वाले छात्रों के लिए दो मंजिला छात्रावास बना है। दो दशक पहले तक यह हॉस्टल छात्रों से गुलजार रहता था। विभाग की अनदेखी की वजह से हॉस्टल बदहाल हो गया। छात्रों ने भी यहां से दूरी बना ली। नतीजतन, विभाग भी मरम्मत को लेकर बेफिक्र हो गया। यहां के प्रशिक्षु किराए का कमरा लेकर या फिर अपने घर से आवागमन करते हैं। पर, गरीब तबके के छात्र जान जोखिम में डालकर यहां रहने को मजबूर हैं। डॉयट प्रवक्ता बीडी मिश्र का कहना पूर्व प्राचार्य ने गरीब छात्रों की मांग पर उन्हें रहने की इजाजत दे दी थी। उनके तबादले के बाद भी हॉस्टल में कोई रह रहा है, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। भवन की मरम्मत के लिए पहले पत्राचार किया गया था। बजट नहीं मिलने की वजह से काम नहीं कराया जा सका।
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अध्यापकों की होती थी ट्रेनिंग
मंझनपुर। परिषदीय स्कूलों में पढ़ाने वाले अक्सर इसी हॉस्टल में रुककर ट्रेनिंग किया करते थे। अब यहां जो भी ट्रेनिंग होती है, अध्यापकों को खुद से रहने की व्यवस्था करनी होती है।
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