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प्रसव के बाद महिला की मौत, हंगामा
Updated Fri, 03 Aug 2018 05:52 PM IST
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मंझनपुर। जिला अस्पताल में गुरुवार को प्रसव के बाद महिला की मौत हो जाने से जमकर हंगामा हुआ। ससुराल और मायके पक्ष के लोग इलाज में लापरवाही का आरोप लगा रहे थे। मामले की जानकारी पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह मामले को शांत कराया। देर रात परिजन शव लेकर घर चले गए।
कौशाम्बी थाने के बंजर मजरा विजिया गांव की रहने वाली खुशबू (26) पत्नी शंकर लाल को प्रसव पीड़ा थी। गुरुवार की सुबह घरवाले उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल लाए। दोपहर 12 बजे डॉक्टरों ने महिला का ऑपरेशन किया। खुशबू ने बेटी को जन्म दिया। रात को उसकी हालत बिगड़ने लगी। घरवाले अस्पताल के चिकित्सकों के पास भागे। मौके पर पहुंचे चिकित्सक डॉ. अरविंद कनौजिया ने महिला को मृत घोषित किया। इसके बाद मायके और ससुराल पक्ष के लोग इलाज मे लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। उनका कहना था कि डॉक्टरों ने इलाज के नाम पर खानापूर्ति की है। बवाल बढ़ता देख पुलिस को खबर दी गई। रात नौ बजे के बाद पहुंची सदर कोतवाली पुलिस ने किसी तरह मामला शांत कराया।
पुलिस ने महिला के शव को उसके परिजनों के हवाले कर दिया है। महिला की बच्ची पूरी तरह से स्वस्थ बताई गई है। इस बाबत सीएमएस डॉ. दीपक सेठ का कहना है कि महिला को कई दिनों से प्रसव पीड़ा हो रही थी। उसके घरवाले इलाज कराने के बजाय दाई के पास पहुंचे थे। हालत बिगड़ने पर इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया था। वहीं सदर कोतवाल अजीत कुमार का कहना है कि हंगामे की जानकारी पर पुलिस पहुंची थी। महिला के घरवालों ने कोई तहरीर नहीं दी। वह लोग शव लेकर अंतिम संस्कार के लिए चले गए हैं।
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कौशाम्बी थाने के बंजर मजरा विजिया गांव की रहने वाली खुशबू (26) पत्नी शंकर लाल को प्रसव पीड़ा थी। गुरुवार की सुबह घरवाले उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल लाए। दोपहर 12 बजे डॉक्टरों ने महिला का ऑपरेशन किया। खुशबू ने बेटी को जन्म दिया। रात को उसकी हालत बिगड़ने लगी। घरवाले अस्पताल के चिकित्सकों के पास भागे। मौके पर पहुंचे चिकित्सक डॉ. अरविंद कनौजिया ने महिला को मृत घोषित किया। इसके बाद मायके और ससुराल पक्ष के लोग इलाज मे लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। उनका कहना था कि डॉक्टरों ने इलाज के नाम पर खानापूर्ति की है। बवाल बढ़ता देख पुलिस को खबर दी गई। रात नौ बजे के बाद पहुंची सदर कोतवाली पुलिस ने किसी तरह मामला शांत कराया।
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पुलिस ने महिला के शव को उसके परिजनों के हवाले कर दिया है। महिला की बच्ची पूरी तरह से स्वस्थ बताई गई है। इस बाबत सीएमएस डॉ. दीपक सेठ का कहना है कि महिला को कई दिनों से प्रसव पीड़ा हो रही थी। उसके घरवाले इलाज कराने के बजाय दाई के पास पहुंचे थे। हालत बिगड़ने पर इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया था। वहीं सदर कोतवाल अजीत कुमार का कहना है कि हंगामे की जानकारी पर पुलिस पहुंची थी। महिला के घरवालों ने कोई तहरीर नहीं दी। वह लोग शव लेकर अंतिम संस्कार के लिए चले गए हैं।
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