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इंसाफ नहीं मिलने पर मवेशी संघ धरना देगा कुनबा
Updated Wed, 27 Jun 2018 12:14 AM IST
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पइंसा। पांच बिस्वा जमीन पर कब्जा नहीं पाने से परेशान एक व्यक्ति इंसाफ के लिए परिवार और मवेशियों के संग सिराथू तहसील के लिए निकल मंगलवार को वह तहसील जा ही रहा था कि किसी ने पुलिस को खबर कर दी। पुलिस उसे थाने लाई और कब्जेदारों को बुलाकर चेतावनी दी। इससे परिवार वापस घर लौट गया है।
पइंसा थाने के जवई गांव निवासी ख्रैराती के पिता कैरुल को पांच बिस्वा जमीन वर्ष 1882 में पट्टे में मिली थी। पांच साल पहले पिता की मौत के बाद कुछ लोगों ने उसकी जमीन पर कब्जा कर लिया। इसकी शिकायत 23 जून को चकबंदी अधिकारी से की गई। चकबंदी के लेखपाल ने खैराती के हिस्से की जमीन नाप कर अलग कर दी। इसके बाद भी खैराती जमीन पर कब्जा नहीं पा रहा था। शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई तो मंगलवार को खैराती अपने परिवार, गृहस्थी व मवेशियों को लेकर सिराथू तहसील में धरना देने जा रहा था। मामले की जानकारी होने पर पइंसा थानाध्यक्ष विजय कुशवाहा ने बीच रास्ते में खैराती को रोककर पूरी बात जाना। इसके बाद थाने में खैराती के विपक्षी को बुलाकर कब्जा हटाने की चेतवानी दी। साथ ही खैराती से कहा कि वह अपनी जमीन पर मेड़ बांध ले। पुलिस के समझाने के बाद खैराती वापस घर चला गया।
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पइंसा थाने के जवई गांव निवासी ख्रैराती के पिता कैरुल को पांच बिस्वा जमीन वर्ष 1882 में पट्टे में मिली थी। पांच साल पहले पिता की मौत के बाद कुछ लोगों ने उसकी जमीन पर कब्जा कर लिया। इसकी शिकायत 23 जून को चकबंदी अधिकारी से की गई। चकबंदी के लेखपाल ने खैराती के हिस्से की जमीन नाप कर अलग कर दी। इसके बाद भी खैराती जमीन पर कब्जा नहीं पा रहा था। शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई तो मंगलवार को खैराती अपने परिवार, गृहस्थी व मवेशियों को लेकर सिराथू तहसील में धरना देने जा रहा था। मामले की जानकारी होने पर पइंसा थानाध्यक्ष विजय कुशवाहा ने बीच रास्ते में खैराती को रोककर पूरी बात जाना। इसके बाद थाने में खैराती के विपक्षी को बुलाकर कब्जा हटाने की चेतवानी दी। साथ ही खैराती से कहा कि वह अपनी जमीन पर मेड़ बांध ले। पुलिस के समझाने के बाद खैराती वापस घर चला गया।
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