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Jammu News: रील्स और रौब के चक्कर में अपराध की राह पर युवा
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-ग्रामीण इलाकों में पसर रहा गैंगस्टर कल्चर, दोमाना से घो मन्हासा, फ्लायं मंडाल से आरएस पुरा तक घटनाएं बनीं सिरदर्द
-छोटी कहासुनी पर चाकू-टोका और पिस्तौल निकालने की नौबत, सोशल मीडिया पर अपराधियों को हीरो बनाने की होड़
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। रील्स में रौब, हाथों में हथियार और जुबां पर धमकी...शहर से सटे ग्रामीण इलाकों में युवाओं के एक वर्ग के बीच गैंगस्टर कल्चर तेजी से पैर पसार रहा है। दोमाना, घो मन्हासा, फ्लायं मंडाल, आरएस पुरा, अरनिया और बिश्नाह में मामूली कहासुनी के बाद चाकू, टोका और पिस्तौल निकलने की घटनाएं पुलिस के लिए सिरदर्द बन रही हैं। इलाके में दबदबा कायम करने की होड़ अब सोशल मीडिया से निकलकर सड़कों तक पहुंच गई है।
चिंता की बात यह है कि इस खतरनाक रौब की गिरफ्त में कम उम्र के लड़के भी आ रहे हैं। गैंग के नाम से पहचान बनाना, हथियारों के साथ फोटो खिंचवाना और हिंसक गानों पर वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालना कुछ युवाओं के लिए स्टाइल बनता जा रहा है। अपराधियों की नकल और गैंग से जुड़कर पहचान बनाने की मानसिकता पुलिस के लिए नई चुनौती खड़ी कर रही है।
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गैंग के नाम पर रौब, हथियारों से खौफ
ग्रामीण इलाकों में गुगली गैंग, खौफ गैंग, गोकुल गैंग, गटारू गैंग और नागी गैंग समेत कई छोटे-बड़े गैंग के नाम पुलिस की कार्रवाई में सामने आए हैं। इनसे जुड़े युवाओं पर मारपीट, धमकी, रंगदारी और आपसी गैंगवार जैसी वारदातों में शामिल होने के आरोप लगते रहे हैं। अपना प्रभाव बढ़ाने की होड़ में हथियारों का इस्तेमाल बढ़ना गंभीर चिंता का विषय है।
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अरनिया में छह गिरफ्तार, तीन पिस्तौल और पांच टोके बरामद
बीते सोमवार को अरनिया पुलिस ने खौफ गैंग से जुड़े छह युवकों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपी कम उम्र के हैं। इनके कब्जे से तीन पिस्तौल, छह कारतूस और पांच टोके बरामद किए गए। फायरिंग और रंगदारी के मामले में हुई कार्रवाई ने दिखाया कि गैंग कल्चर अब सिर्फ सोशल मीडिया की रील्स तक सीमित नहीं रहा।
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मामूली विवाद से खूनी टकराव तक
पिछले कुछ महीनों में हथियारों के इस्तेमाल की घटनाएं सामने आई हैं। मार्च में फ्लायं मंडाल रिंग रोड पर टहल रहे भाजयुमो मंडल अध्यक्ष सचिन गुप्ता पर नकाबपोश युवकों ने हमला किया था। जनवरी में बख्शी नगर में आपसी विवाद के दौरान एक युवक पर टोके से हमला किया गया था। ऐसी घटनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।
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गलत संगत वालों पर भी पुलिस की नजर
एसपी मुख्यालय अन्ना सिन्हा ने कहा कि बार-बार आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान कर उन पर नजर रखी जा रही है। माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। गलत संगत के चलते अपराध की ओर बढ़ रहे युवाओं पर भी निगरानी बढ़ाई गई है। पुलिस के सामने चुनौती अब सिर्फ वारदात रोकने की नहीं, बल्कि हथियार को ताकत, गैंग को पहचान और अपराधी को हीरो समझने वाली सोच पर लगाम लगाने की भी है।
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-छोटी कहासुनी पर चाकू-टोका और पिस्तौल निकालने की नौबत, सोशल मीडिया पर अपराधियों को हीरो बनाने की होड़
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। रील्स में रौब, हाथों में हथियार और जुबां पर धमकी...शहर से सटे ग्रामीण इलाकों में युवाओं के एक वर्ग के बीच गैंगस्टर कल्चर तेजी से पैर पसार रहा है। दोमाना, घो मन्हासा, फ्लायं मंडाल, आरएस पुरा, अरनिया और बिश्नाह में मामूली कहासुनी के बाद चाकू, टोका और पिस्तौल निकलने की घटनाएं पुलिस के लिए सिरदर्द बन रही हैं। इलाके में दबदबा कायम करने की होड़ अब सोशल मीडिया से निकलकर सड़कों तक पहुंच गई है।
चिंता की बात यह है कि इस खतरनाक रौब की गिरफ्त में कम उम्र के लड़के भी आ रहे हैं। गैंग के नाम से पहचान बनाना, हथियारों के साथ फोटो खिंचवाना और हिंसक गानों पर वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालना कुछ युवाओं के लिए स्टाइल बनता जा रहा है। अपराधियों की नकल और गैंग से जुड़कर पहचान बनाने की मानसिकता पुलिस के लिए नई चुनौती खड़ी कर रही है।
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गैंग के नाम पर रौब, हथियारों से खौफ
ग्रामीण इलाकों में गुगली गैंग, खौफ गैंग, गोकुल गैंग, गटारू गैंग और नागी गैंग समेत कई छोटे-बड़े गैंग के नाम पुलिस की कार्रवाई में सामने आए हैं। इनसे जुड़े युवाओं पर मारपीट, धमकी, रंगदारी और आपसी गैंगवार जैसी वारदातों में शामिल होने के आरोप लगते रहे हैं। अपना प्रभाव बढ़ाने की होड़ में हथियारों का इस्तेमाल बढ़ना गंभीर चिंता का विषय है।
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अरनिया में छह गिरफ्तार, तीन पिस्तौल और पांच टोके बरामद
बीते सोमवार को अरनिया पुलिस ने खौफ गैंग से जुड़े छह युवकों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपी कम उम्र के हैं। इनके कब्जे से तीन पिस्तौल, छह कारतूस और पांच टोके बरामद किए गए। फायरिंग और रंगदारी के मामले में हुई कार्रवाई ने दिखाया कि गैंग कल्चर अब सिर्फ सोशल मीडिया की रील्स तक सीमित नहीं रहा।
मामूली विवाद से खूनी टकराव तक
पिछले कुछ महीनों में हथियारों के इस्तेमाल की घटनाएं सामने आई हैं। मार्च में फ्लायं मंडाल रिंग रोड पर टहल रहे भाजयुमो मंडल अध्यक्ष सचिन गुप्ता पर नकाबपोश युवकों ने हमला किया था। जनवरी में बख्शी नगर में आपसी विवाद के दौरान एक युवक पर टोके से हमला किया गया था। ऐसी घटनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।
गलत संगत वालों पर भी पुलिस की नजर
एसपी मुख्यालय अन्ना सिन्हा ने कहा कि बार-बार आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान कर उन पर नजर रखी जा रही है। माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। गलत संगत के चलते अपराध की ओर बढ़ रहे युवाओं पर भी निगरानी बढ़ाई गई है। पुलिस के सामने चुनौती अब सिर्फ वारदात रोकने की नहीं, बल्कि हथियार को ताकत, गैंग को पहचान और अपराधी को हीरो समझने वाली सोच पर लगाम लगाने की भी है।