बाड़मेर जिला कारागृह की खुली जेल से हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा एक बंदी फरार हो गया। शुक्रवार को बंदियों की हाजिरी के दौरान बंदी भावेश उर्फ बंटी के मौजूद नहीं मिलने पर जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। उसकी आसपास के इलाके में तलाश की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद जेल प्रशासन ने पुलिस को सूचना देकर रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार बंदी की तलाश शुरू कर दी है।
हाजिरी के दौरान नहीं मिला बंदी
बाड़मेर जिला कारागृह में खुला बंदी शिविर संचालित होता है। शुक्रवार 11 सितंबर को बंदियों की हाजिरी ली जा रही थी। इसी दौरान हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा भावेश उर्फ बंटी मौजूद नहीं मिला। जेल प्रशासन ने तत्काल उसकी तलाश शुरू की और जेल परिसर के साथ आसपास के इलाकों में भी खोजबीन की, लेकिन बंदी का पता नहीं चल सका। इसके बाद जेल उपाधीक्षक की ओर से पुलिस थाने में रिपोर्ट दी गई। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर फरार बंदी की तलाश शुरू कर दी है।
जोधपुर सेंट्रल जेल से बाड़मेर किया गया था शिफ्ट
एएसपी नितेश आर्य ने बताया कि हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा पाए बंदी भावेश उर्फ बंटी पुत्र मंगलाराम को जोधपुर सेंट्रल जेल से बाड़मेर जिला कारागृह में शिफ्ट किया गया था। वह कमला नेहरू नगर, प्रतापनगर थाना क्षेत्र, जोधपुर का निवासी है और करीब एक साल से बाड़मेर जेल में सजा काट रहा था। एएसपी ने बताया कि भावेश उर्फ बंटी को हत्या के मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास की सजा हुई है। बाड़मेर जेल में शिफ्ट किए जाने से पहले वह जोधपुर सेंट्रल जेल में करीब 6 साल 8 माह की सजा काट चुका था।
पुलिस ने टीमें गठित कर शुरू की तलाश
बंदी के हाजिरी में नहीं मिलने के बाद जेल प्रशासन ने अपने स्तर पर तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई। रिपोर्ट मिलने के बाद बाड़मेर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। फरार बंदी की तलाश के लिए पुलिस की टीमें गठित की गई हैं और संभावित ठिकानों पर दबिश देकर उसकी तलाश की जा रही है। पुलिस बंदी के फरार होने की परिस्थितियों की भी जांच कर रही है।