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कौशांबी: आशियाना बनवाना हुआ महंगा निर्माण सामग्री के बढ़े दाम
Thu, 09 Feb 2023 01:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Thu, 09 Feb 2023 01:01 AM IST
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आशियाना बनवाना हुआ महंगा निर्माण सामग्री के बढ़े दाम
-- - 10 रुपये प्रति बोरी सीमेंट के दाम बढ़े तो मौरंग के भाव हुए दोगुने
-- - ईंटों और सरियों के रेट में भी भारी बढ़ोत्तरी से हर वर्ग परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। भवन निर्माण सामग्री पर छाई महंगाई ने उन लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, जो आशियाना बनवा रहे हैं या बनाने की तैयारी कर रहे हैं। सीमेंट और सरिया से लेकर पेंट तक के दाम एक महीने के अंदर बढ़ गए हैं। इससे सबसे ज्यादा प्रभावित गरीब और मध्यम वर्ग है। पाई-पाई जोड़कर घर के लिए बजट बनाया था, जो अब बिगड़ने लगा है।
महंगाई थमने का नाम ही नहीं ले रही है। मौरंग के दाम पिछले साल ही दोगुने हो गए थे, जो अब तक कम नहीं हुए। अब अन्य भवन निर्माण सामग्री भी महंगी हो गई है। इससे अब मकान बनवाना काफी महंगा हो गया है। सीमेंट किसी भी कंपनी की हो 10 रुपये प्रति बोरी महंगी हो गई है। सरिया के दाम में करीब 900 रुपये क्विंटल का इजाफा हो गया है। गिट्टी के दाम 600 रुपये प्रति टन बढ़ गए हैं। कोयले के दाम लगातार बढ़ने के कारण भट्ठा मालिकों ने भी ईंटों के दाम बढ़ा दिए हैं। नतीजतन वर्तमान में अब लोगों को एक हजार ईंट पर एक हजार रुपये का अतिरिक्त भुगतान करना पड़ रहा है। पेंट के दाम में भी 15 से 20 फीसदी की बढ़ोतरी हो गई है। सबसे ज्यादा प्रभावित गरीब और मध्यम वर्ग है।
वहीं पीएम आवास योजना के तहत सरकार की ओर से गरीबों को मकान बनवाने के लिए एक लाख 20 हजार रुपये दिए जाते हैं। पहली किस्त के 40 हजार रुपये आवास स्वीकृत होते ही मिल जाते हैं। दूसरी किस्त में 70 हजार रुपये तब दिए जाते हैं, जब आवास की नींव भर जाए। शेष 10 हजार रुपये आवास बनकर तैयार होने पर मिलते हैं। इस सत्र में 8960 पीएम आवास स्वीकृत हुए हैं। महंगाई बढ़ने के कारण लाभार्थी अपने आवास नहीं बनवा पा रहे हैं। इसका नतीजा है कि दूसरी और तीसरी किस्त ही जारी हो रही है।
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पीएम आवास पर एक नजर
8960 - आवास हुए स्वीकृत
7108 - लाभार्थियों को मिली पहली किस्त
414 - लाभार्थियों को मिली दूसरी किस्त
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भवन निर्माण सामग्री के दामों पर एक नजर
सामग्री - रेट पहले - मौजूदा रेट
सीमेंट - 335 से 375 रुपये प्रति बोरी - 345 से 385 रुपये प्रति बोरी
सरिया - 5300 रुपये प्रति क्विंटल - 6300 रुपये प्रति क्विंटल
गिट्टी - 35000 रुपये प्रति टन - 43000 रुपये प्रति टन मौरंग - 3500 रुपये प्रति 100 फिट - 6500 रुपये प्रति 100 फिट
नोट: मौरंग के दाम एक साल से बढ़े हुए हैं, जबकि अन्य सामग्री एक महीने के अंदर महंगी हुई।
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प्रधानमंत्री आवास योजना की पहली किस्त मिल थी। अब दूसरी किस्त मिलनी बाकी है, लेकिन महंगाई को देखकर लगता है कि कर्ज लेना पड़ेगा, तभी आवास का निर्माण पूरा हो पाएगा।-लक्ष्मी देवी, लाभार्थी, नरेंद्रबारा, कौशाम्बी
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पीएम आवास की पहली किस्त का पूरा पैसा नींव भरने में लग गया। जबकि अभी तो काफी काम बाकी है। योजना से दो किस्तों में 80 हजार रुपये मिलने हैं, लेकिन इतने में मकान बन नहीं पाएगा।- भदऊ सरोज, लाभार्थी, नरेंद्र बारा, कौशाम्बी
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काफी इंतजार के बाद पीएम आवास स्वीकृत हुआ। लगा था कि अब पक्का घर बन जाएगा, लेकिन अब संभव नहीं दिख रहा है। ईंट से लेकर सरिया तक हर निर्माण सामग्री महंगी हो गई है।-कवि प्रकाश, लाभार्थी, झंडापर, सिराथू
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भवन निर्माण सामग्री के दामों में काफी बढ़ोतरी हुई है। मौरंग पहले से ही महंगी थी। अब सरिया, सीमेंट और ईंटों के रेट भी बढ़ गए हैं। इसकी वजह से व्यवसाय पर असर पड़ रहा है।- अरविंद कुमार, व्यापारी, बिजिया चौराहा
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। भवन निर्माण सामग्री पर छाई महंगाई ने उन लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, जो आशियाना बनवा रहे हैं या बनाने की तैयारी कर रहे हैं। सीमेंट और सरिया से लेकर पेंट तक के दाम एक महीने के अंदर बढ़ गए हैं। इससे सबसे ज्यादा प्रभावित गरीब और मध्यम वर्ग है। पाई-पाई जोड़कर घर के लिए बजट बनाया था, जो अब बिगड़ने लगा है।
महंगाई थमने का नाम ही नहीं ले रही है। मौरंग के दाम पिछले साल ही दोगुने हो गए थे, जो अब तक कम नहीं हुए। अब अन्य भवन निर्माण सामग्री भी महंगी हो गई है। इससे अब मकान बनवाना काफी महंगा हो गया है। सीमेंट किसी भी कंपनी की हो 10 रुपये प्रति बोरी महंगी हो गई है। सरिया के दाम में करीब 900 रुपये क्विंटल का इजाफा हो गया है। गिट्टी के दाम 600 रुपये प्रति टन बढ़ गए हैं। कोयले के दाम लगातार बढ़ने के कारण भट्ठा मालिकों ने भी ईंटों के दाम बढ़ा दिए हैं। नतीजतन वर्तमान में अब लोगों को एक हजार ईंट पर एक हजार रुपये का अतिरिक्त भुगतान करना पड़ रहा है। पेंट के दाम में भी 15 से 20 फीसदी की बढ़ोतरी हो गई है। सबसे ज्यादा प्रभावित गरीब और मध्यम वर्ग है।
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वहीं पीएम आवास योजना के तहत सरकार की ओर से गरीबों को मकान बनवाने के लिए एक लाख 20 हजार रुपये दिए जाते हैं। पहली किस्त के 40 हजार रुपये आवास स्वीकृत होते ही मिल जाते हैं। दूसरी किस्त में 70 हजार रुपये तब दिए जाते हैं, जब आवास की नींव भर जाए। शेष 10 हजार रुपये आवास बनकर तैयार होने पर मिलते हैं। इस सत्र में 8960 पीएम आवास स्वीकृत हुए हैं। महंगाई बढ़ने के कारण लाभार्थी अपने आवास नहीं बनवा पा रहे हैं। इसका नतीजा है कि दूसरी और तीसरी किस्त ही जारी हो रही है।
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पीएम आवास पर एक नजर
8960 - आवास हुए स्वीकृत
7108 - लाभार्थियों को मिली पहली किस्त
414 - लाभार्थियों को मिली दूसरी किस्त
भवन निर्माण सामग्री के दामों पर एक नजर
सामग्री - रेट पहले - मौजूदा रेट
सीमेंट - 335 से 375 रुपये प्रति बोरी - 345 से 385 रुपये प्रति बोरी
सरिया - 5300 रुपये प्रति क्विंटल - 6300 रुपये प्रति क्विंटल
गिट्टी - 35000 रुपये प्रति टन - 43000 रुपये प्रति टन मौरंग - 3500 रुपये प्रति 100 फिट - 6500 रुपये प्रति 100 फिट
नोट: मौरंग के दाम एक साल से बढ़े हुए हैं, जबकि अन्य सामग्री एक महीने के अंदर महंगी हुई।
प्रधानमंत्री आवास योजना की पहली किस्त मिल थी। अब दूसरी किस्त मिलनी बाकी है, लेकिन महंगाई को देखकर लगता है कि कर्ज लेना पड़ेगा, तभी आवास का निर्माण पूरा हो पाएगा।-लक्ष्मी देवी, लाभार्थी, नरेंद्रबारा, कौशाम्बी
पीएम आवास की पहली किस्त का पूरा पैसा नींव भरने में लग गया। जबकि अभी तो काफी काम बाकी है। योजना से दो किस्तों में 80 हजार रुपये मिलने हैं, लेकिन इतने में मकान बन नहीं पाएगा।- भदऊ सरोज, लाभार्थी, नरेंद्र बारा, कौशाम्बी
काफी इंतजार के बाद पीएम आवास स्वीकृत हुआ। लगा था कि अब पक्का घर बन जाएगा, लेकिन अब संभव नहीं दिख रहा है। ईंट से लेकर सरिया तक हर निर्माण सामग्री महंगी हो गई है।-कवि प्रकाश, लाभार्थी, झंडापर, सिराथू
भवन निर्माण सामग्री के दामों में काफी बढ़ोतरी हुई है। मौरंग पहले से ही महंगी थी। अब सरिया, सीमेंट और ईंटों के रेट भी बढ़ गए हैं। इसकी वजह से व्यवसाय पर असर पड़ रहा है।- अरविंद कुमार, व्यापारी, बिजिया चौराहा