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दोआबा में बेकाबू हुई बिजली कटौती
Kaushambi
Updated Wed, 20 Aug 2014 05:30 AM IST
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मंझनपुर। कौशाम्बी में दो महीने से बिजली आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। जिला मुख्यालय में ही 16 घंटे की बिजली आपूर्ति के रोस्टर में लोगों को आठ घंटे भी सप्लाई मिलनी मुश्किल है। जहां लोग बार-बार की ट्रिपिंग से परेशान हैं, वहीं रात में 11 से दो बजे की कटौती से कस्बे की 30 हजार की आबादी भोर तक रतजगा करने को मजबूर है।
बता दें कि लोकसभा चुनाव के बाद से कौशाम्बी जिले में बिजली की आपूर्ति पूरी तरह से बेपटरी हो चुकी है। मंझनपुर, सिराथू, चायल, सरायअकिल, करारी, अजुहा, देवीगंज, कड़ा, मनौरी, पुरामुफ्ती, मूरतगंज, भरवारी,पश्चिमशरीरा समेत सभी कस्बों और 440 गांवों में रहने वाली 15 लाख की आबादी बिजली की अंधाधुंध कटौती से बेहाल है। जिला मुख्यालय मंझनपुर कस्बे में ही देखें तो यहां 16 घंटे की बिजली आपूर्ति का रोस्टर है। पर, आधी सप्लाई तो ट्रिपिंग की भेंट चढ़ जा रही है। करीब 15 दिन से आलम यह है कि आधे-आधे घंटे पर सप्लाई ट्रिप करती रहती है। इन सबके बीच सबसे ज्यादा दिक्कत लोगों को कस्बे में रात 11 बजे से दो और तीन बजे तक की कटौती से है। सोने के समय हो रही बिजली की कटौती से कस्बाई बेहाल हैं। वे भोर में तीन बजे तक छतों पर टहलते हैं। मंझनपुर कस्बे के रहने वाले रामलखन, भगवत प्रसाद, प्रमेश कुमार गुप्ता, रंजीत कुमार, अभिषेक केसरवानी, विवेक श्रीवास्तव, अंशुल केसरवानी, शिवमूरत मिश्र, रीतेश विश्वकर्मा, नीरज द्विवेदी आदि ने बताया कि कई बार एक्सईएन तक को प्रार्थनापत्र देकर कटौती बंद कराने की मांग की गई, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
बिजली उपकेंद्र मंझनपुर की मंगलवार की दोपहर अचानक ट्राली फुंक गई। इससे जहां लाइनमैन राजेश कुमार झुलसने से बाल-बाल बच गया। वहीं मंझनपुर कस्बे के अलावा जिला अस्पताल, जिला कारागार, पोस्टमार्टम हाउस, पुलिस लाइन आदि की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। उधर, ट्राली फुंकने से मंगलवार को सुबह 10 बजे से सारा दिन मंझनपुर कस्बे की बत्ती गुल रहने से भीषण गर्मी में कस्बाई पसीने से तर-बतर रहे। मामले में अवर अभियंता चंद्रशेखर ने बताया कि ट्राली दुरुस्त करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं जेई का कहना है कि उपकेंद्र की ज्यादातर मशीनें जर्जर पड़ी हैं। इससे आएदिन गड़बड़ी होती है। बताया कि उच्चाधिकारियों को कई बार लिखापढ़ी की गई। इसके बाद भी जर्जर पड़े उपकरण बदले नहीं जा रहे हैं।
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सरायअकिल उपकेंद्र से जुड़े 50 गांव सोमवार को रातभर बत्ती गुल रही। भीषण उमसभरी गर्मी में बिजली आपूर्ति ठप होने से इन गांवों में रहने वाली करीब एक लाख की आबादी बेहाल रही। बता दें कि सरायअकिल बिजली उपकेंद्र से नगर पंचायत सरायअकिल के अलावा रक्सराई, मवई, भगवानपुर, बहुगरा, किशुनपुर, अंबारी, बसुहार, डहिया अमिरसा, खोंपा, पनारा गोपालपुर, बहुगरी, पुरखास, बकोढ़वा, रसूलीपुर आदि 50 गांवों में आपूर्ति होती है। ग्रामीणों के मुताबिक इन गांवों में रात नौ बजे से रात दो बजे और दिन में सुबह 5 बजे से 10 बजे की बिजली सप्लाई का रोस्टर है। पर, सोमवार की रात एक मिनट के लिए भी बिजली के दर्शन नहीं हुए। रात नौ बजे से बिजली आने का इंतजार करते-करते लोग परेशान रहे। वहीं कस्बे के लोगों ने बताया कि मंगलवार की सुबह भी करीब पांच बजे बिजली आई और लगभग आधे घंटे बाद ही गुल हो गई। इस मामले में एसडीओ नवनीत प्रजापति ने बताया कि पनकी स्थित कंट्रोल रूम से ही आपात कटौती की गई थी।
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बता दें कि लोकसभा चुनाव के बाद से कौशाम्बी जिले में बिजली की आपूर्ति पूरी तरह से बेपटरी हो चुकी है। मंझनपुर, सिराथू, चायल, सरायअकिल, करारी, अजुहा, देवीगंज, कड़ा, मनौरी, पुरामुफ्ती, मूरतगंज, भरवारी,पश्चिमशरीरा समेत सभी कस्बों और 440 गांवों में रहने वाली 15 लाख की आबादी बिजली की अंधाधुंध कटौती से बेहाल है। जिला मुख्यालय मंझनपुर कस्बे में ही देखें तो यहां 16 घंटे की बिजली आपूर्ति का रोस्टर है। पर, आधी सप्लाई तो ट्रिपिंग की भेंट चढ़ जा रही है। करीब 15 दिन से आलम यह है कि आधे-आधे घंटे पर सप्लाई ट्रिप करती रहती है। इन सबके बीच सबसे ज्यादा दिक्कत लोगों को कस्बे में रात 11 बजे से दो और तीन बजे तक की कटौती से है। सोने के समय हो रही बिजली की कटौती से कस्बाई बेहाल हैं। वे भोर में तीन बजे तक छतों पर टहलते हैं। मंझनपुर कस्बे के रहने वाले रामलखन, भगवत प्रसाद, प्रमेश कुमार गुप्ता, रंजीत कुमार, अभिषेक केसरवानी, विवेक श्रीवास्तव, अंशुल केसरवानी, शिवमूरत मिश्र, रीतेश विश्वकर्मा, नीरज द्विवेदी आदि ने बताया कि कई बार एक्सईएन तक को प्रार्थनापत्र देकर कटौती बंद कराने की मांग की गई, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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बिजली उपकेंद्र मंझनपुर की मंगलवार की दोपहर अचानक ट्राली फुंक गई। इससे जहां लाइनमैन राजेश कुमार झुलसने से बाल-बाल बच गया। वहीं मंझनपुर कस्बे के अलावा जिला अस्पताल, जिला कारागार, पोस्टमार्टम हाउस, पुलिस लाइन आदि की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। उधर, ट्राली फुंकने से मंगलवार को सुबह 10 बजे से सारा दिन मंझनपुर कस्बे की बत्ती गुल रहने से भीषण गर्मी में कस्बाई पसीने से तर-बतर रहे। मामले में अवर अभियंता चंद्रशेखर ने बताया कि ट्राली दुरुस्त करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं जेई का कहना है कि उपकेंद्र की ज्यादातर मशीनें जर्जर पड़ी हैं। इससे आएदिन गड़बड़ी होती है। बताया कि उच्चाधिकारियों को कई बार लिखापढ़ी की गई। इसके बाद भी जर्जर पड़े उपकरण बदले नहीं जा रहे हैं।
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सरायअकिल उपकेंद्र से जुड़े 50 गांव सोमवार को रातभर बत्ती गुल रही। भीषण उमसभरी गर्मी में बिजली आपूर्ति ठप होने से इन गांवों में रहने वाली करीब एक लाख की आबादी बेहाल रही। बता दें कि सरायअकिल बिजली उपकेंद्र से नगर पंचायत सरायअकिल के अलावा रक्सराई, मवई, भगवानपुर, बहुगरा, किशुनपुर, अंबारी, बसुहार, डहिया अमिरसा, खोंपा, पनारा गोपालपुर, बहुगरी, पुरखास, बकोढ़वा, रसूलीपुर आदि 50 गांवों में आपूर्ति होती है। ग्रामीणों के मुताबिक इन गांवों में रात नौ बजे से रात दो बजे और दिन में सुबह 5 बजे से 10 बजे की बिजली सप्लाई का रोस्टर है। पर, सोमवार की रात एक मिनट के लिए भी बिजली के दर्शन नहीं हुए। रात नौ बजे से बिजली आने का इंतजार करते-करते लोग परेशान रहे। वहीं कस्बे के लोगों ने बताया कि मंगलवार की सुबह भी करीब पांच बजे बिजली आई और लगभग आधे घंटे बाद ही गुल हो गई। इस मामले में एसडीओ नवनीत प्रजापति ने बताया कि पनकी स्थित कंट्रोल रूम से ही आपात कटौती की गई थी।