{"_id":"5a4f511d4f1c1b40198b4f77","slug":"youngman-death-in-thailand","type":"story","status":"publish","title_hn":"लाश के 'फिंगर सेंस' से खुला राज, थाईलैंड में हुई थी मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लाश के 'फिंगर सेंस' से खुला राज, थाईलैंड में हुई थी मौत
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 05 Jan 2018 03:49 PM IST
विज्ञापन
डेमो पिक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी के हरदोई जिले मे शाहाबाद के मोहल्ला अल्हापुर निवासी युवक की थाईलैंड के फिनलैंड समुद्र में हुई मौत के पांच दिन बाद भी उसका चेहरा परिजनों से दूर है। पांच दिन से कलेजे के टुकडे़ को देखने के लिए कुनबा सिसक रहा है। रूंधे गले से पिता ने बताया कि शव आने के बाद छह को उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
कस्बे के युवा आलोक शुक्ला की हुई मौत के पांच दिन बाद भी उसका शव घर तक नही पहुंच सका है। फोन पर परिजनों को मिली सूचना में बताया गया कि समुद्र से लाश बरामद करने के बाद दो सौ किलोमीटर की दूरी पर स्थित कराबी में गुरुवार को शव का पोस्टमार्टम किया गया।
इसके बाद करावी हवाईअड्डा से प्लेन द्वारा 784 मील की दूरी तय करके बैंकाक लाया जाएगा। यहां पर सारी सरकारी औपचारिकताएं पूरी कर शव को दिल्ली के लिए शुक्रवार को रवाना किया जाएगा। मृतक के पिता कन्हैयालाल शुक्ला ने बताया कि अन्त्येष्टि छह जनवरी को की जाएगी।
विज्ञापन
24 वर्षीय आलोक नोएडा में एक प्राइवेट कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर पद पर तैनात था। वह अपने दो मित्रों के साथ नव वर्ष मनाने थाईलैंड गया था। 31 दिसंबर को फिनलैंड में समुद्र के भीतर मूंगा की चट्टान देखकर लौटते समय वह फिसलकर बोट से समुद्र की गहराइयों में चला गया। पांच दिन से शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का घर में तांता लगा हुआ है।
मौत के बाद भी आलोक का लेना पड़ा अंगूठा
अपने परिजनों को सूचना देने के लिए आखिरी बार जब आलोक के मोबाइल को सुरक्षा कर्मियों ने खोलने का प्रयास किया तो उसमें फिंगर सेंसर लगे होने के कारण वह उसे नहीं खोल सके। मौत के बाद भी सुरक्षाकर्मियों ने शव का अंगूठा लगाकर मोबाइल ऑन कर परिवार वालों को सूचना दी।
विज्ञापन
कस्बे के युवा आलोक शुक्ला की हुई मौत के पांच दिन बाद भी उसका शव घर तक नही पहुंच सका है। फोन पर परिजनों को मिली सूचना में बताया गया कि समुद्र से लाश बरामद करने के बाद दो सौ किलोमीटर की दूरी पर स्थित कराबी में गुरुवार को शव का पोस्टमार्टम किया गया।
विज्ञापन
इसके बाद करावी हवाईअड्डा से प्लेन द्वारा 784 मील की दूरी तय करके बैंकाक लाया जाएगा। यहां पर सारी सरकारी औपचारिकताएं पूरी कर शव को दिल्ली के लिए शुक्रवार को रवाना किया जाएगा। मृतक के पिता कन्हैयालाल शुक्ला ने बताया कि अन्त्येष्टि छह जनवरी को की जाएगी।
विज्ञापन
24 वर्षीय आलोक नोएडा में एक प्राइवेट कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर पद पर तैनात था। वह अपने दो मित्रों के साथ नव वर्ष मनाने थाईलैंड गया था। 31 दिसंबर को फिनलैंड में समुद्र के भीतर मूंगा की चट्टान देखकर लौटते समय वह फिसलकर बोट से समुद्र की गहराइयों में चला गया। पांच दिन से शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का घर में तांता लगा हुआ है।
मौत के बाद भी आलोक का लेना पड़ा अंगूठा
अपने परिजनों को सूचना देने के लिए आखिरी बार जब आलोक के मोबाइल को सुरक्षा कर्मियों ने खोलने का प्रयास किया तो उसमें फिंगर सेंसर लगे होने के कारण वह उसे नहीं खोल सके। मौत के बाद भी सुरक्षाकर्मियों ने शव का अंगूठा लगाकर मोबाइल ऑन कर परिवार वालों को सूचना दी।