फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Uproar in the police station of family members by accusing Gwaltoli police in kanpur

कानपुर: मुस्लिम की लाश जला दी, परिजनों को दिया हिंदू का शव, हंगामा

Mon, 18 May 2020 03:19 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Mon, 18 May 2020 03:19 PM IST
विज्ञापन
Uproar in the police station of family members by accusing Gwaltoli police in kanpur
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : गूगल
कानपुर में पुलिस ने एक युवक के अंतिम संस्कार में इतनी जल्दबाजी दिखाई कि बवाल हो गया। ग्वालटोली पुलिस ने जिस मुस्लिम युवक के शव का लावारिस दिखाकर अंतिम संस्कार करा दिया, उसके परिजन घाट पहुंच गए। आरोप है कि हंगामे से बचने को पुलिस ने एक हिंदू का शव पकड़ा दिया।
विज्ञापन


घर पहुंचे परिजनों को जब इसका पता चला तो मोहल्ले वालों के साथ ग्वालटोली थाने पहुंचकर जमकर हंगामा किया। इंस्पेक्टर विजय कुमार पांडेय के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग करने लगे। सीओ ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया।
विज्ञापन


कर्नलगंज के छोटे मियां का हाता निवासी सब्जी विक्रेता मो. अकील (36) 13 मई को लापता हो गया था। घरवालों ने गुमशुदगी दर्ज करवाई। ग्वालटोली पुलिस को 14 मई को हैनीमैन चौराहे पर एक शव मिला। आरोप है कि पुलिस ने शिनाख्त कराने की कोशिश नहीं की। यह शव अकील का था। 72 घंटे बाद रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव ग्वालटोली पुलिस के सुपुर्द किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

थानेदार विजय कुमार पांडेय के निर्देश पर परमट चौकी प्रभारी ने घाट पर दाहसंस्कार करवा दिया। उधर किसी तरह पता चलने पर अपराह्न तीन बजे घर वाले ग्वालटोली थाने पहुंचे तो फोटो देखकर पुलिस ने भी माना कि शव अकील का था। परिजन परमट चौकी पहुंचे तो पुलिस ने कफन में सिला एक शव पकड़ा दिया जबकि अकील के शव का दाह संस्कार किया जा चुका था।

परिजन शव लेकर घर पहुंचे तो पता चला शव अकील का नहीं है। मृतक के मामा आरिफ ने बताया कि किसी हिंदू का शव था। पोस्टमार्टम में पता चला है कि अकील की मौत सिर पर चोट लगने से हुई थी। परिजनों को आशंका है कि उसकी हत्या की गई है। परिजनों का कहना कि ग्वालटोली और कर्नलगंज पुलिस की लापरवाही में उनके बेटे का शव लावारिस में जला दिया गया।

पुलिस ने कोई गड़बड़ी नहीं की। परिजन शव लेने ही देरी से पहुंचे। नियमानुसार 72 घंटे बाद शव का अंतिम संस्कार कराया गया। रही बात दूसरा शव ले जाने की तो परिजन खुद उसे अकील का शव बताकर ले गए थे। - विजय पांडेय ग्वालटोली इंस्पेक्टर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed