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बाल दिवस: उम्र भले कम हो दिल दिमाग बड़ा है......
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 14 Nov 2017 11:55 AM IST
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नवंबर का महीना आते ही स्कूली बच्चों का मन प्रफुल्लित होने लगता है। सभी जानते हैं कि 14 नवंबर को स्कूलों में बाल दिवस मनाया जाता है। भले ही बाल दिवस मनाने के लिए एक दिन का समय शेष हो, लेकिन बच्चे इस दिन को यादगार बनाने के लिए अभी से तैयारियों में जुट गए हैं। बाल दिवस को यादगार बनाने के लिए कुछ बच्चों ने विचार कलम के जरिए पेश किए हैं। आइए जानते हैं कि बाल दिवस के दिन इटावा के बच्चों के क्या मुद्दे हैं।
मानसी सक्सेना केंद्रीय विद्यालय कक्षा सात की छात्रा हैं। मानसी ने बताया कि शहर में अतिक्रमण सबसे बड़ी परेशानी का कारण बना हुआ है। इससे लोगों को आने-जाने में कठिनाई होती है। कभी-कभी दुघर्टनाएं भी हो जाती हैं। ऐसे में सड़कों पर चलना भी खतरनाक होता जा रहा है। मुख्य सड़कों की चौड़ाई अतिक्रमण के चलते काफी कम हो गई है। ऊपर से वाहनों की बढ़ती संख्या से स्थिति की वजह से स्कूल जाने के लिए कभी-कभी लेट हो जाते हैं। जाम में फंसे रहने के कारण वाहनों से निकलने वाले धुएं से और भी ज्यादा परेशानी होती है।
एसबीएम जूनियर स्कूल में कक्षा आठ के छात्र काव्य दुबे ने शिक्षा के गिरते स्तर पर राय व्यक्त की है। काव्य का कहना है कि बच्चों को स्कूल में कैसी शिक्षा दी जा रही है ज्यादातर अभिभावक भी यह जानने का प्रयास नहीं करते हैं। वे यही सोच कर लगे रहते हैं कि बच्चा कोचिंग भी जा रहा है। उनका मानना कि शैक्षिक स्तर के सुधार के लिए युवाओं को ही आगे आना होगा तभी कुछ हो सकेगा। युवाओं को अपने नैतिक कार्यों की व्यस्तता के बावजूद सामाजिक कार्यों एवं जागरूकता पैदा करने की जिम्मेदारी लेनी होगी।
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अर्चना मेमोरियल सरस्वती ज्ञान मंदिर इंटर कालेज की कक्षा आठ बी की छात्रा आकांक्षा कुमारी लिखतीं हैं कि बात तो हम प्रदूषण की बडे़ जोरों पर करते हैं, लेकिन इन दिनों दिल्ली समेत समूचे एनसीआर में धुंध की वजह से चलना दूभर है। बढ़ते प्रदूषण के कारण स्कूलों तक को बंद करना पड़ रहा है। ऐसे में वायु प्रदूषण से निपटना सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। हालात ये हो गए हैं कि खुली हवा में ठीक से सांस भी नहीं ले सकते, इससे बीमारियां उत्पन्न होने की आशंका सता रही है।
अर्चना मेमोरियल सरस्वती ज्ञान मंदिर इंटर कालेज के कक्षा 11 डी के छात्र आकाश सिंह ने बढ़ते भ्रष्टाचार पर राय दी। कहा कि भ्रष्टाचार दिनोंदिन बढ़ रहा है। यह देश को कमजोर कर रहा है। देश को 1947 में आजादी मिलने के बाद से धीरे-धीरे विकास कर रहा था, लेकिन तभी भ्रष्टाचार रूपी बीमारी फैलने से बढ़ते भारत की रफ्तार पर ब्रेक लगा। भ्रष्टाचार रूपी इस बीमारी के चलते लोगों के दिलोदिमाग में ऐसे घर कर गई कि सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं में बिना सुविधा शुल्क दिए कोई भी काम नहीं होता।
अर्चना मेमोरियल सरस्वती ज्ञान मंदिर इंटर कालेज में कक्षा 11 डी के छात्र विश्वास गुप्ता ने आतंकवाद पर विचार रखे। लिखा कि अभी तक दुनिया के तमाम देश में आतंकवाद से बुरी तरह से पहले ही त्रस्त हैं और आए दिन किसी न किसी देश में आतंकी हमला हो ही जाता है। बावजूद इसके चीन जैसे विकसित देश पाक परस्त और पठानकोट आतंकी हमले के मास्टर माइंड मसूद अजहर जैसे आतंकी को वैश्विक आतंकी घोषित करने के भारत के प्रयासों पर लगातार अपने वीटो का प्रयोग करके उस पर प्रतिबंध लगने से बचाने में लगा हुआ है।
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मानसी सक्सेना केंद्रीय विद्यालय कक्षा सात की छात्रा हैं। मानसी ने बताया कि शहर में अतिक्रमण सबसे बड़ी परेशानी का कारण बना हुआ है। इससे लोगों को आने-जाने में कठिनाई होती है। कभी-कभी दुघर्टनाएं भी हो जाती हैं। ऐसे में सड़कों पर चलना भी खतरनाक होता जा रहा है। मुख्य सड़कों की चौड़ाई अतिक्रमण के चलते काफी कम हो गई है। ऊपर से वाहनों की बढ़ती संख्या से स्थिति की वजह से स्कूल जाने के लिए कभी-कभी लेट हो जाते हैं। जाम में फंसे रहने के कारण वाहनों से निकलने वाले धुएं से और भी ज्यादा परेशानी होती है।
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एसबीएम जूनियर स्कूल में कक्षा आठ के छात्र काव्य दुबे ने शिक्षा के गिरते स्तर पर राय व्यक्त की है। काव्य का कहना है कि बच्चों को स्कूल में कैसी शिक्षा दी जा रही है ज्यादातर अभिभावक भी यह जानने का प्रयास नहीं करते हैं। वे यही सोच कर लगे रहते हैं कि बच्चा कोचिंग भी जा रहा है। उनका मानना कि शैक्षिक स्तर के सुधार के लिए युवाओं को ही आगे आना होगा तभी कुछ हो सकेगा। युवाओं को अपने नैतिक कार्यों की व्यस्तता के बावजूद सामाजिक कार्यों एवं जागरूकता पैदा करने की जिम्मेदारी लेनी होगी।
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अर्चना मेमोरियल सरस्वती ज्ञान मंदिर इंटर कालेज की कक्षा आठ बी की छात्रा आकांक्षा कुमारी लिखतीं हैं कि बात तो हम प्रदूषण की बडे़ जोरों पर करते हैं, लेकिन इन दिनों दिल्ली समेत समूचे एनसीआर में धुंध की वजह से चलना दूभर है। बढ़ते प्रदूषण के कारण स्कूलों तक को बंद करना पड़ रहा है। ऐसे में वायु प्रदूषण से निपटना सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। हालात ये हो गए हैं कि खुली हवा में ठीक से सांस भी नहीं ले सकते, इससे बीमारियां उत्पन्न होने की आशंका सता रही है।
अर्चना मेमोरियल सरस्वती ज्ञान मंदिर इंटर कालेज के कक्षा 11 डी के छात्र आकाश सिंह ने बढ़ते भ्रष्टाचार पर राय दी। कहा कि भ्रष्टाचार दिनोंदिन बढ़ रहा है। यह देश को कमजोर कर रहा है। देश को 1947 में आजादी मिलने के बाद से धीरे-धीरे विकास कर रहा था, लेकिन तभी भ्रष्टाचार रूपी बीमारी फैलने से बढ़ते भारत की रफ्तार पर ब्रेक लगा। भ्रष्टाचार रूपी इस बीमारी के चलते लोगों के दिलोदिमाग में ऐसे घर कर गई कि सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं में बिना सुविधा शुल्क दिए कोई भी काम नहीं होता।
अर्चना मेमोरियल सरस्वती ज्ञान मंदिर इंटर कालेज में कक्षा 11 डी के छात्र विश्वास गुप्ता ने आतंकवाद पर विचार रखे। लिखा कि अभी तक दुनिया के तमाम देश में आतंकवाद से बुरी तरह से पहले ही त्रस्त हैं और आए दिन किसी न किसी देश में आतंकी हमला हो ही जाता है। बावजूद इसके चीन जैसे विकसित देश पाक परस्त और पठानकोट आतंकी हमले के मास्टर माइंड मसूद अजहर जैसे आतंकी को वैश्विक आतंकी घोषित करने के भारत के प्रयासों पर लगातार अपने वीटो का प्रयोग करके उस पर प्रतिबंध लगने से बचाने में लगा हुआ है।