अब अध्यात्म की परिभाषा मंत्र और माला जपने से कुछ और अधिक विस्तृत हो गई है। जिंदगी की आपाधापी में अब सेवा और सत्संग के जरिये भी शांति की तलाश जारी है। जब सत्संग चल रहा होता है तो शांति का एहसास भी होता है। अवसाद, तनाव की माकूल थेरेपी है संगीत। यह बात सिंगर गीतांजलि रॉय ने कही। वह गुरुवार को एक निजी समारोह में भाग लेने के लिए कानपुर शहर आई हैं। वैसे तो इनके कई भजन प्रसिद्ध हैं लेकिन हरी सुंदर नंद मुकुंद, हरि नारायण हरि बोल... सर्वाधिक प्रसिद्ध है।
अवसाद, तनाव की माकूल थेरेपी है संगीत
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 29 Jun 2017 03:44 PM IST
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