{"_id":"5e08f4038ebc3e87ff46d0fd","slug":"she-got-pregnant-after-17-days-of-marriage-said-father-and-brother-were-misdeeds","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"विवाह के 17 दिन बाद हुई गर्भवती तो बोली 13 साल की उम्र से पिता व भाई कर रहे दुष्कर्म","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विवाह के 17 दिन बाद हुई गर्भवती तो बोली 13 साल की उम्र से पिता व भाई कर रहे दुष्कर्म
Mon, 30 Dec 2019 12:14 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमर उजाला, उन्नाव
संवाद न्यूज एजेंसी, अमर उजाला, उन्नाव
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 30 Dec 2019 12:14 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : pexels.com
उन्नाव में शनिवार को एसपी की चौखट पर सामूहिक दुष्कर्म का एक ऐसा मामला पहुंचा, जिसने रिश्तों को शर्मशार कर दिया। 18 वर्षीय विवाहिता ने अपने पिता, सगे व चचेरे भाइयों के अलावा गांव के पूर्व प्रधान समेत 10 लोगों पर पिछले तीन साल से सामूहिक दुष्कर्म करने और देह व्यापार कराने का आरोप लगाया है।
बताया कि गर्भ ठहरने पर परिजनों ने उन्नाव के सदर कोतवाली क्षेत्र में उसकी शादी करा दी। विवाह के 17 दिन बाद उसने बच्चे को जन्म दिया तो उसे ससुरालीजनों को सच्चाई बतानी पड़ी। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर उसके के पिता, भाई समेत 10 लोगों पर सामूहिक दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की है।
विज्ञापन
बताया कि गर्भ ठहरने पर परिजनों ने उन्नाव के सदर कोतवाली क्षेत्र में उसकी शादी करा दी। विवाह के 17 दिन बाद उसने बच्चे को जन्म दिया तो उसे ससुरालीजनों को सच्चाई बतानी पड़ी। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर उसके के पिता, भाई समेत 10 लोगों पर सामूहिक दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की है।
विज्ञापन
पीड़िता लखनऊ के बंथरा थाना क्षेत्र की निवासी है। उसका आरोप है कि पिछले तीन साल से उसके पिता व भाई उससे देह व्यापार करा रहे थे। उन्होंने खुद भी उससे दुष्कर्म किया था। इस दौरान 7 माह की गर्भवती होने की जानकारी पर पिता ने 19 अप्रैल 2019 को उसकी शादी उन्नाव के सदर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में कर दी।
विवाह के 17 दिन बाद 6 मई को प्रसव पीड़ा शुरू होने पर उसे ससुरालियों को सच बताना पड़ा था। ससुरालियों ने पुरवा कोतवाली क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में उसे भर्ती कराया था। जहां उसने बच्चे को जन्म दिया था। ससुरालियों ने पिता समेत अन्य परिजनों को बुलाया तो सभी उल्टे दहेज के मामले में ससुरालीजनों को फंसा देने की धमकी देकर चले गए थे।
विवाह के 17 दिन बाद 6 मई को प्रसव पीड़ा शुरू होने पर उसे ससुरालियों को सच बताना पड़ा था। ससुरालियों ने पुरवा कोतवाली क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में उसे भर्ती कराया था। जहां उसने बच्चे को जन्म दिया था। ससुरालियों ने पिता समेत अन्य परिजनों को बुलाया तो सभी उल्टे दहेज के मामले में ससुरालीजनों को फंसा देने की धमकी देकर चले गए थे।
तब से उसे व उसके ससुरालीजनों को लगातार जान से मारने की धमकी दी जाने लगी। शनिवार 28 दिसंबर को पीड़िता ने एसपी को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। एसपी ने महिला थाना एसओ को बुलाकर रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए।
पीड़िता की तहरीर पर महिला थाना पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म, जान की धमकी, मारपीट समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की है। एसपी विक्रांतवीर ने बताया कि विवेचना के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
पीड़िता की तहरीर पर महिला थाना पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म, जान की धमकी, मारपीट समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की है। एसपी विक्रांतवीर ने बताया कि विवेचना के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
ससुर की हत्या की योजना बनाने का भी आरोप
पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसके पिता ने मामा व अन्य परिवार के लोगों के साथ मिलकर उसके ससुर की वाहन से कुचलकर हत्या कराने की भी योजना बनाई थी। बताया कि सभी ने 12 अक्टूबर 2019 को अजगैन-मोहान रोड पर रेलवे क्रासिंग के पास घेरेबंदी की थी, लेकिन ससुर बचकर निकल आए।
महिला थाना पुलिस की अनसुनी से भटकने को हुई मजबूर
पीड़िता का आरोप है कि उसका शारीरिक शोषण करने वाले उसके पिता व अन्य ने जब उसे और उसके ससुर को लगातार जान से मारने की धमकी देनी शुरू की तो उसके सब्र का बांध टूट गया। 12 दिसंबर को वह अपने पिता व शारीरिक शोषण करने वालों पर कार्रवाई के लिए महिला थाना पहुंची। हालांकि महिला थाना पुलिस ने उसे चलता कर दिया। कार्रवाई न होने से वह कई दिन तक इधर-उधर भटकने को मजबूर रही। इसके बाद एसपी के निर्देश पर रविवार 29 दिसंबर को उसकी रिपोर्ट महिला थाना पुलिस ने दर्ज की।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसके पिता ने मामा व अन्य परिवार के लोगों के साथ मिलकर उसके ससुर की वाहन से कुचलकर हत्या कराने की भी योजना बनाई थी। बताया कि सभी ने 12 अक्टूबर 2019 को अजगैन-मोहान रोड पर रेलवे क्रासिंग के पास घेरेबंदी की थी, लेकिन ससुर बचकर निकल आए।
महिला थाना पुलिस की अनसुनी से भटकने को हुई मजबूर
पीड़िता का आरोप है कि उसका शारीरिक शोषण करने वाले उसके पिता व अन्य ने जब उसे और उसके ससुर को लगातार जान से मारने की धमकी देनी शुरू की तो उसके सब्र का बांध टूट गया। 12 दिसंबर को वह अपने पिता व शारीरिक शोषण करने वालों पर कार्रवाई के लिए महिला थाना पहुंची। हालांकि महिला थाना पुलिस ने उसे चलता कर दिया। कार्रवाई न होने से वह कई दिन तक इधर-उधर भटकने को मजबूर रही। इसके बाद एसपी के निर्देश पर रविवार 29 दिसंबर को उसकी रिपोर्ट महिला थाना पुलिस ने दर्ज की।