फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

चेक से हो रहे फ्रॉड को रोकने के लिए आरबीआई ने लिया एक्शन, बैंक ट्रांजेक्शन से पहले पढ़ें ये खबर

Thu, 19 Jul 2018 05:40 PM IST
अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर
अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर Updated Thu, 19 Jul 2018 05:40 PM IST
सार

- चेक फ्रॉड मामलों को लेकर आरबीआई ने जारी किए नए निर्देश
- संदिग्ध चेक को अल्ट्रा वायलेट लैब से गुजारने को भी कहा गया
- आर्डर वाली चेक को बियरर बना कर जालसाजी के मामले सामने आए

विज्ञापन
RBI takes action to prevent fraud from check
डेमो पिक
क्लोन चेक के जरिये होने वाले फ्रॉड को रोकने के लिए आरबीआई ने बैंकों को इसी सप्ताह नए निर्देश जारी किए हैं। इसमें बियरर (धारक) चेक से होने वाले भुगतान पर भी कड़ी नजर रखने को कहा गया है। संदिग्ध लगने पर चेक को अल्ट्रावायलेट लैब से भी गुजारने के निर्देश दिए हैं।

 
RBI takes action to prevent fraud from check
डेमो पिक
आरबीआई से जुड़े सूत्रों ने बताया पिछले जून से लेकर चेक फ्रॉड के अब तक 13 मामले प्रकाश में आ चुके हैं। क्लोन चेकों से एसबीआई की हंसपुरम शाखा में 25 हजार, मेडिकल कॉलेज शाखा में 49 हजार, रतनलाल नगर शाखा में 48 हजार, विनोबा नगर शाखा में 30 हजार, पीरोड शाखा में 40 हजार, गोपाल नगर स्थित शाखा में 50 हजार, मोतीझील और शारदानगर शाखा में 48-48 हजार और पांडु नगर स्थित शाखा में 45 हजार, आवास-विकास परिषद एक नंबर शाखा से 46 हजार रुपये निकलने का मामले सामने आए थे।

 
RBI takes action to prevent fraud from check
डेमो पिक
इन सभी में चेक फ्रॉड के मॉड्यूल में कुछ समानताएं मिली हैं जैसे इन सभी चेक में भुगतान बियरर (धारक) चेक से हुआ है। इस चेक के होने पर धारक से बैंक कर्मी द्वारा भुगतान के संबंध में कोई भी पूछताछ नहीं की जाती है। शातिरों ने आर्डर वाली सामान्य चेक को बियरर चेक बना लिया और भुगतान ले लिया। जिनके साथ फ्रॉड हुआ, उनके पास आर्डर वाली चेक थी। आर्डर चेक लगाने वाले से उसकी पहचान के लिए प्रमाण पत्र जैसे आधार नंबर या फिर पैन नंबर आने के बाद ही भुगतान होता है। 

 
विज्ञापन
विज्ञापन

यह होती है चेक बियरर और आर्डर

RBI takes action to prevent fraud from check
डेमो पिक
बियरर (धारक) चेक बैंक के माध्यम से खाताधारक को उपलब्ध कराई जाती है। इस चेक को खाते में लगाने पर संबंधित से किसी भी प्रकार की पूछताछ मसलन किसने चेक दी, कौन लेने आया आदि पूछताछ नहीं की जाती है। चेक में दायें तरफ बियरर चेक लिखा होता है। जबकि आर्डर चेक में किसी दूसरे या तीसरे को भुगतान की बात होती है। जब यह चेक बैंक में लगाया जाता है तो लगाने वाले व्यक्ति से बैंक कर्मचारी चेक कैसे मिला, किसने दिया संबंधित का पूरा ब्योरा लेता है। 
      
 
विज्ञापन

क्या होती है अल्ट्रावायलेट (यूवी) लैब

RBI takes action to prevent fraud from check
डेमो पिक
यह एक प्रकार की मशीन होती है जिसमें अल्ट्रावायलेट (यूवी) किरणों के जरिये क्लोन या सही चेक की पहचान की जाती है। जब यूवी किरणें चेक पर डाला जाती हैं तो बैंक के लोगो आदि चमकने लगते हैं। इसके अलावा कई अन्य सुरक्षा फीचर भी दिखने लगते हैं। अभी बैंकों में काम अधिक और स्टाफ कम होने से सभी चेक को इस लैब से नहीं गुजारा जाता है। 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed