मयूर ग्रुप पर छापा: दो दर्जन कंपनियां भी रडार पर, इंवेस्टर्स समिट में दिया है 285 करोड़ का निवेश प्रस्ताव
Kanpur News: आयकर के सूत्रों के अनुसार मयूर समूह ने रनियां स्थित फैक्टरी का विस्तार करने के साथ क्षेत्र में सैकड़ों बीघा जमीन भी खरीदी है। सूत्रों के कहना है इसमें से 200 बीघा से ज्यादा जमीन तो बेहद कम समय में खरीदी गई। पता लगाया जा रहा है कि कम समय में भारी निवेश के लिए धन कैसे जुटाया गया?
विस्तार
कानपुर में मयूर समूह के विभिन्न ठिकानों पर मारे गए छापों में आयकर की टीम को दो दर्जन अन्य कंपनियां होने का भी पता चला है। आयकर विभाग के सूत्रों का कहना है कि तीन प्रमुख कंपनियों के अलावा समूह ने कई अन्य कंपनियां भी शुरू कर दी हैं। जांच में ऐसी 20 से 25 कंपनियां होने की बात सामने आ रही है।
आयकर की टीम इन कंपनियों की गतिविधियों की जांच पड़ताल कर रही है। समूह का कारोबार पांच राज्यों में फैला हुआ है। इसमें उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड शामिल हैं। इसके अलावा दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में भी कार्यालय हैं। इन कार्यालयों से बड़े पैमाने पर दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
पॉम ऑयल की आयातक कंपनी होने के कारण उसके बैंक ट्रांजेक्शन की भी जांच की जा रही है। समूह बहुराष्ट्रीय कंपनी के लिए बिस्कुट के साथ-साथ मवेशी चारा, रियल इस्टेट विकास, काजू कर्नेल, राफिया प्लांट, साबुन और डिटरजेंट के लिए भी जॉब वर्क भी कर रहा है।
फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र 285 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया
जानकारी के अनुसार सिविल लाइंस स्थित मयूर विला में परिवार के 25 से 30 लोग साथ रहते हैं। मनोज गुप्ता, सुरेश गुप्ता, सुनील गुप्ता समेत पांच भाई और उनके बच्चे समूह का कारोबार संचालित कर रहे हैं। गौरतलब है कि समूह ने ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में समूह के सुनील गुप्ता ने फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र 285 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया है।
रनियां में जमीन में किए गए निवेश पर भी नजर
आयकर के सूत्रों के अनुसार मयूर समूह ने रनियां स्थित फैक्ट्री का विस्तार करने के साथ क्षेत्र में सैकड़ों बीघा जमीन भी खरीदी है। सूत्रों के कहना है इसमें से 200 बीघा से ज्यादा जमीन तो बेहद कम समय में खरीदी गई। पता लगाया जा रहा है कि कम समय में भारी निवेश के लिए धन कैसे जुटाया गया?
सूर्या नमकीन ने कुछ सालों में ही की खासी तरक्की
मयूर समूह से कारोबारी रिश्ते रखने वाली सूर्या नमकीन ने भी कुछ सालों में ही तेजी से तरक्की की है। इसमें हुए निवेश और निवेश के स्रोतों की जानकारी जुटाई जा रही है। कंपनी 20 साल पहले शुरू हुई थी। तनवानी ब्रांड से कंपनी अलग-अलग तरह की नमकीन बनाती है।
आईटीसी हड़पने और तेल आयात के मामले में भी फंसा था समूह, एक निदेशक हुआ था गिरफ्तार
मयूर के प्रतिष्ठानों पर कुछ साल पहले डीजीजीआई, लखनऊ और डीआरआई की टीम ने भी बड़ी कार्रवाई की थी। कंपनी के एक निदेशक को गिरफ्तार भी किया गया था। 2021 में डीजीजीआई लखनऊ ने आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) में बड़ी गड़बड़ी पकड़ी थी। तब कंपनी के सिविल लाइंस स्थित कार्यालय और रनियां स्थित फैक्टरी पर छापा मारा था।
गड़बड़ी के ये मामले चार साल पुराने थे
टीम ने कर्मचारियों से पूछताछ कर उस समय आईटीसी में गड़बड़ी से संबंधित काफी दस्तावेज जब्त किए थे। गड़बड़ी के ये मामले चार साल पुराने थे। इसके अलावा 25 फरवरी 2019 को डीआरआई (राजस्व खुफिया निदेशालय) कोलकाता और लखनऊ की टीमों ने मयूर वनस्पति के निर्माता सुनील गुप्ता और सुरेश गुप्ता के सिविल लाइंस स्थित आवास पर संयुक्त रूप से छापा मारा था।
कंपनी के एक निदेशक को गिरफ्तार भी किया गया था
इसमें पता चला था कि कारोबारी बांग्लादेश के रास्ते थाईलैंड से कच्चा माल (वनस्पति तेल) मंगाते थे। थाईलैंड से सीधे आयात पर टैक्स अधिक है, इसलिए इस रास्ते का इस्तेमाल किया जा रहा था। मामले में कंपनी के एक निदेशक को गिरफ्तार भी किया गया था।