राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आईआईटीयन्स को पढ़ाया अनुशासन का पाठ फिर दिए ये सक्सेस टिप्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद गुरुवार को आईआईटी कानपुर दीक्षांत समारोह में पहुंचे। यहां उन्होंने आईआईटीयन्स को गंगा सफाई का संदेश दिया। राष्ट्रपति ने कहा कि 'यह बहुत ही खुशी का अवसर है जब मैं यहां 51वें दीक्षांत समारोह में शामिल होने आया हूं और इतने होनहार युवाओं के बीच अपनी बात को रखने पर गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं।'
राष्ट्रपति ने यहां आईआईटी के छात्रों से कहा कि वे अपने शोध और विज्ञान का प्रयोग करते हुए गंगा की सफाई के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल करें जिससे गंगा नदी फिर से अपने गौरव के प्राप्त कर सके। राष्ट्रपति ने कहा कि साल1963 में आईआईटी कानपुर ने कम्प्यूटर साइंस की पढ़ाई शुरू कर दी थी इसका श्रेय उन्होंने सभी प्रोफेसर और छात्रों की मेहनत को दिया।
उन्होंने कहा कि अपने लक्ष्य को पाने के लिए सभी को विनीत स्वभाव रखना चाहिए। अपने लक्ष्य को पाने के बाद कभी भी उसका घमण्ड नहीं करना चाहिए। अपने लक्ष्य को पाने का पहला कदम अनुशासन होता है। आईआईटी कानपुर ने 1960 में अपने पहले बैच को 100 छात्रों के साथ शुरू किया था और आज यहां 6500 स्टूडेंट्स पढ़ रहे हैं। यहां 35000 छात्रों ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी। अब ये सभी छात्र-छात्राएं विश्वभर में भारत का नाम रोशन कर रहे हैं।