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छात्रों के साथ धोखाधड़ी नहीं कर पाएंगे पॉलिटेक्निक कॉलेज, शुरू की गयी ये व्यवस्था
- सत्र 2018-19 से पढ़ाई, कैंपस प्लेसमेंट के आधार पर दी जाएगी रैंकिंग
- इसी रैंक के आधार पर छात्र ले सकेंगे एडमिशन
- अभी कॉलेज वाले झूठी जानकारी देकर फंसाते हैं छात्रों को
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पॉलिटेक्निक कॉलेज
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सत्र 2018-19 से यूपी के सभी पॉलिटेक्निक कॉलेजों की अलग से रैंकिंग जारी की जाएगी। रैंकिंग के अनुसार ही छात्रों को कॉलेज भी अलॉट किए जाएंगे ताकि छात्र कॉलेजों के फरेब में न फंस पाएं। प्राविधिक शिक्षा निदेशक आरसी राजपूत ने इस बाबत खाका तैयार कर लिया है। रैंकिंग की प्रक्रिया शुरू करने के लिए अक्टूबर -नवंबर में सभी कॉलेजों से कई बिंदुओं पर जानकारी मांगी जाएगी।
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पॉलिटेक्निक कॉलेज
निदेशक आरसी राजपूत ने बताया कि अभी छात्रों को एडमिशन के समय अच्छे कॉलेज ढूंढने में परेशानी होती है। छात्र कई बार कॉलेजों के चंगुल में फंस जाते हैं। कॉलेजों द्वारा दी गई झूठी जानकारी को सही मान लेते हैं। यह फर्जीवाड़ा रोकने के लिए ही इस बार से सरकारी और निजी क्षेत्र के सभी पॉलिटेक्निक कॉलेजों को रैंकिंग दी जाएगी। इसे नए सत्र से शुरू करने की योजना है। रैकिंग हासिल करना सभी कॉलेजों के लिए अनिवार्य होगा। इसके अनुसार छात्र एडमिशन ले सकेंगे।
इन मानकों पर परखें जाएंगे कॉलेज
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डेमाे पिक
निदेशक आरसी राजपूत ने बताया कि प्रदेश के सभी पॉलिटेक्निक कॉलेजों को परखने के लिए कई मानक बनाए गए हैं। इसमें सबसे पहले शिक्षकों की संख्या और उनकी योग्यता। इसके अलावा छात्रों के प्लेसमेंट रिकॉर्ड, लैब और इंफ्रास्ट्रक्चर आदि अहम बिंदु होंगे। सभी बिंदु के लिए अलग-अलग अंक निर्धारित किए जाएंगे और कॉलेजों को अंक के अनुसार रैंक दी जाएगी।
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वेबसाइट पर जारी होगी पूरी डिटेल
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डेमाे पिक
रैंकिंग के लिए कॉलेजों की तरफ से दी जाने वाली जानकारी भी वेबसाइट पर डाली जाएगी ताकि छात्र और उनके अभिभावक कॉलेज की स्थिति का खुद परीक्षण कर सकें। निदेशक के अनुसार प्रत्येक बिंदु के लिए कॉलेज प्रशासन को साक्ष्य भी प्रस्तुत करने होंगे। अगर कोई गलत सूचना देता है तो उस पर कार्रवाई होगी।
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