{"_id":"5b47562e4f1c1ba5468b611d","slug":"shocking-story-of-phoolan-devi","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"उसके साथ हुआ था 'अप्राकृतिक सेक्स और गैंगरेप', बदला लिया भी तो ऐसा कि आज तक कोई भूल नहीं पाया ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उसके साथ हुआ था 'अप्राकृतिक सेक्स और गैंगरेप', बदला लिया भी तो ऐसा कि आज तक कोई भूल नहीं पाया
गौरव शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 15 Jul 2018 02:44 PM IST
विज्ञापन
फूलन देवी की अनसुनी कहानी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इस औरत ने अपनी छोटी सी जिंदगी में तमाम दुख झेले। यही वजह थी यूपी (जालौन) के एक छोटे से गांव से ताल्लुक रखने वाली ये औरत केवल भारत ही नहीं विदेश में भी चर्चित हो गई। हम बात कर रहे हैं दस्यु सुंदरी फूलन देवी की। जिसने 14 फरवरी 1981 के दिन 20 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था, बदला लेने के बाद यह महिला लोगों महिलाअाें के लिए मसीहा बन गई। जुर्म की दुनिया छाेड़कर राजनीति में आई फूलन को लाेगाें ने संसद तक पहुंचाया।
फूलन देवी की अनसुनी कहानी
चंबल के बीहड़ों से संसद पहुंचने वाली फूलन देवी पर ब्रिटेन में आउटलॉ नाम की एक किताब प्रकाशित हुई है जिसमें उनके जीवन के कई पहलुओं पर चर्चा की गई है। फूलन देवी को मिली जेल की सजा के बारे में पढ़ने के लिए लेखक रॉय मॉक्सहैम ने 1992 में उनसे पत्राचार शुरू किया। जब फूलन देवी ने उनके पत्र का जवाब नहीं दिया तो रॉय मॉक्सहैम भारत आए और उन्हें फूलन देवी को करीब से जानने का मौका मिला।
आगे की स्लाइड में पढ़ेंः- गुलामों जैसा बर्ताव किया जाता था ...
आगे की स्लाइड में पढ़ेंः- गुलामों जैसा बर्ताव किया जाता था ...
फूलन देवी की अनसुनी कहानी
फूलन देवी का जन्म उत्तर प्रदेश के जालौन के पास बने एक गांव पूरवा में 10 अगस्त 1963 में हुआ था। इसी गांव से उसकी कहानी भी शुरू होती है। जहां वह अपने मां-बाप और बहनों के साथ रहती थी। कानपुर के पास स्थित इस गांव में फूलन के परिवार को मल्लाह होने के चलते ऊंची जातियों के लोग हेय दृष्टि से देखते थे। इनके साथ गुलामों जैसा बर्ताव किया जाता था। फूलन के पिता की सारी जमीन उनके सगे भाई ने झगड़ा करके जबरन बैनामा कराकर छीन ली थी। फूलन के पिता जो कुछ भी कमाते वो जमीन के झगड़े के चलते वकीलों की फीस में चला जाता।
आगे की स्लाइड में पढ़ेंः- 11 साल की उम्र में बूढ़े आदमी से हो गई थी शादी ...
आगे की स्लाइड में पढ़ेंः- 11 साल की उम्र में बूढ़े आदमी से हो गई थी शादी ...
विज्ञापन
विज्ञापन
फूलन देवी की अनसुनी कहानी
फूलन इसी तरह के दमघोंटू माहौल में पलती और बड़ी होती रही। उसके अंदर बदले की आग से जलने लगी। आग की इस जलन को सुलगाने में उसकी मां ने भी आग में घी का काम किया। जब फूलन 11 साल की हुई, तो उसके चचेरे भाई मायादिन ने उसको गांव से बाहर निकालने के लिए उसकी शादी पुत्ती लाल नाम के बूढ़े आदमी से करवा दी गई।फूलन के पति ने शादी के तुरंत बाद ही उसका रेप किया और उसे प्रताड़ित करने लगा। परेशान होकर फूलन पति का घर छोड़कर वापस मां-बाप के पास जाकर रहने लगी।
आगे की स्लाइड में पढ़ेंः- मकान को ही कचरे के ढेर में बदल दिया...
आगे की स्लाइड में पढ़ेंः- मकान को ही कचरे के ढेर में बदल दिया...
विज्ञापन
फूलन देवी की अनसुनी कहानी
गांव में ही फूलन ने अपने परिवार के साथ मजदूरी करना शुरू कर दिया। यहीं से लोगों को फूलन के विद्रोही स्वभाव के नजारे देखने को मिले। एक बार तो जब एक आदमी ने फूलन को मकान बनाने में की गई मजदूरी का मेहनताना देने से मना कर दिया, तो उसने रात को उस आदमी के मकान को ही कचरे के ढेर में बदल दिया।
आगे की स्लाइड में पढ़ेंः- गैंगरेप का बदला था बेहमई कांड...
आगे की स्लाइड में पढ़ेंः- गैंगरेप का बदला था बेहमई कांड...