{"_id":"eb89b3b9ebc31e641eb8e8ac7d33e434","slug":"pan-card-aadhar-card-voter-id-still-he-is-unknown-for-grp-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पैन कार्ड, आधार, वोटर आईडी वाला जीआरपी में ‘अज्ञात’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पैन कार्ड, आधार, वोटर आईडी वाला जीआरपी में ‘अज्ञात’
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
Updated Fri, 22 Jan 2016 02:07 AM IST
विज्ञापन
जिसके पास पैन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर आईडी हो उसे अज्ञात कौन कहेगा? कोई बेवकूफ या निहायत गैरजिम्मेदार आदमी ही कहेगा।
गोविंदपुरी स्टेशन के पास रेलवे लाइन किनारे खंडहर में फंदे से लटकते मिले एक युवक के मामले में ऐसा ही हुआ। युवक की पैंट की जेब में इन दस्तावेज के साथ ही दो एटीएम और फोन नंबर लिखी डायरी भी मिली लेकिन गोविंदपुरी स्टेशन चौकी इंचार्ज ने उसका पंचनामा अज्ञात में भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पोस्टमार्टम हाउस में शिनाख्त के इतने सारे कागजात मिलने पर डॉक्टर ने पोस्टमार्टम से इनकार कर दिया। अब जीआरपी लीपापोती कर रही है। गोविंदपुरी स्टेशन से चंद कदम की दूरी पर रेलवे लाइन किनारे खंडहर में मंगलवार रात गमछे से युवक का शव फंदे से लटकता मिला।
गोविंदपुरी स्टेशन चौकी इंचार्ज अमित पांडेय ने अज्ञात में शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। गुरुवार दोपहर पोस्टमार्टम से पहले उसके पैंट की जेब से तमाम कागजात निकले जिससे दो मिनट में ही उसकी पहचान अबूनाथ (29) निवासी रामकृष्ण नगर करीमगंज असम के रूप में हो गई।
विज्ञापन
इतने कागजात होने के बाद भी अज्ञात में शव दाखिल होने के कारण डॉक्टर ने पोस्टमार्टम करने से मना कर दिया। फिर जीआरपी चौकी प्रभारी को बुलाया गया। चौकी इंचार्ज ने बताया कि युवक दो पैंट पहने हुए था। ऊपर वाले पैंट की तलाशी में कुछ नहीं मिला था। अंदर वाले पैंट की तलाशी उन्होंने नहीं ली थी।
लूट के बाद हत्या तो नहीं
युवक का शव जिस खंडहर में मिला है वहां किसी अनजान व्यक्ति का जाना मुश्किल है। युवक की जेब से सिर्फ कागजात ही मिले हैं, कोई टिकट और रुपये भी नहीं मिले। असम का रहने वाला युवक इतनी दूर आकर आत्महत्या क्यों करेगा। इन सभी सवालों के जवाब जीआरपी के पास नहीं मिला। इन सवालों से बचने के लिए ही जीआरपी ने शव को अज्ञात में निपटाने की कोशिश की।
विज्ञापन
गोविंदपुरी स्टेशन के पास रेलवे लाइन किनारे खंडहर में फंदे से लटकते मिले एक युवक के मामले में ऐसा ही हुआ। युवक की पैंट की जेब में इन दस्तावेज के साथ ही दो एटीएम और फोन नंबर लिखी डायरी भी मिली लेकिन गोविंदपुरी स्टेशन चौकी इंचार्ज ने उसका पंचनामा अज्ञात में भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पोस्टमार्टम हाउस में शिनाख्त के इतने सारे कागजात मिलने पर डॉक्टर ने पोस्टमार्टम से इनकार कर दिया। अब जीआरपी लीपापोती कर रही है। गोविंदपुरी स्टेशन से चंद कदम की दूरी पर रेलवे लाइन किनारे खंडहर में मंगलवार रात गमछे से युवक का शव फंदे से लटकता मिला।
विज्ञापन
गोविंदपुरी स्टेशन चौकी इंचार्ज अमित पांडेय ने अज्ञात में शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। गुरुवार दोपहर पोस्टमार्टम से पहले उसके पैंट की जेब से तमाम कागजात निकले जिससे दो मिनट में ही उसकी पहचान अबूनाथ (29) निवासी रामकृष्ण नगर करीमगंज असम के रूप में हो गई।
विज्ञापन
इतने कागजात होने के बाद भी अज्ञात में शव दाखिल होने के कारण डॉक्टर ने पोस्टमार्टम करने से मना कर दिया। फिर जीआरपी चौकी प्रभारी को बुलाया गया। चौकी इंचार्ज ने बताया कि युवक दो पैंट पहने हुए था। ऊपर वाले पैंट की तलाशी में कुछ नहीं मिला था। अंदर वाले पैंट की तलाशी उन्होंने नहीं ली थी।
लूट के बाद हत्या तो नहीं
युवक का शव जिस खंडहर में मिला है वहां किसी अनजान व्यक्ति का जाना मुश्किल है। युवक की जेब से सिर्फ कागजात ही मिले हैं, कोई टिकट और रुपये भी नहीं मिले। असम का रहने वाला युवक इतनी दूर आकर आत्महत्या क्यों करेगा। इन सभी सवालों के जवाब जीआरपी के पास नहीं मिला। इन सवालों से बचने के लिए ही जीआरपी ने शव को अज्ञात में निपटाने की कोशिश की।