कानपुर के गोविंद नगर की संगम फूड प्रोडक्ट फैक्ट्री के पास 2015 में बना होल सेल रिपैकिंग का लाइसेंस था। वह थोक में घी व तेल खरीदकर अपने ब्रांड (शिवाय, संगम) का लेबल लगाकर बेच सकता था।
लेकिन मुनाफे की लालच में फैक्ट्री में खतरनाक केमिकल के जरिए नकली देशी घी व ऑयल बनाए जाने लगा। वह भी ऐसे केमिकल से जो कैंसर तक दे दे। इस घी के खाने से किडनी और लिवर प्रभावित होना तो आम है। एसटीएफ ने भारी मात्रा में फैक्ट्री से केमिकल बरामद किया है।
अभिहित अधिकारी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि फैक्ट्री में एक कुंतल नकली रिफाइंड और नकली वनस्पति ऑयल को मिलाने के बाद खौलाकर केमिकल की दस बूंद डालकर एक कुंतल नकली देशी घी बनाया जा रहा था।
केमिकल की यह दस बूंदें सेहत के लिए बेहद खतरनाक है। इसकी खुशबू इतनी तीक्ष्ण होती है कि पूरी बोतल कोई सूंघ ले तो बेहोश हो जाए। इसके सेवन से लिवर, किडनी तो प्रभावित होती है साथ ही कैंसर का भी खतरा होता है।
एसटीएफ के अनुसार फैक्ट्री में एक लीटर केमिकल से 220 लीटर तिल का तेल तैयार किया जा रहा था, जबकि 220 लीटर सोयाबीन ऑयल तैयार करने में एक लीटर केमिकल का इस्तेमाल हो रहा था। जिसे वह शहर के अलावा आसपास के जिलों में बेचता था। जबकि तीन महीने पहले ही संगम फूड फैक्ट्री में खाद्य विभाग का छापा पड़ा था।