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नई सड़क हिंसा: हयात ने हिंसा से फैलाई दहशत, छूटा तो हो सकता है बवाल
Tue, 26 Jul 2022 07:44 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 26 Jul 2022 07:44 AM IST
सार
तीन जून को नई सड़क पर हिंसा हुई थी। इसमें 62 आरोपी जेल में बंद हैं। हयात जफर हाशमी मुख्य साजिशकर्ता है। पुलिस उन पर एनएसए लगाने की संस्तुति कर डीएम को फाइल भेज चुकी है।
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हयात जफर हाशमी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हयात पर एनएसए की कार्रवाई जल्द होगी। इस संबंध में प्रशासन की ओर से कुछ जानकारियां एसआईटी से मांगी हैं। जानकारियां उपलब्ध कराने के बाद डीएम एनएसए की फाइल पर मुहर लगाएंगे। दो हजार पन्नों की फाइल में हयात की करतूतों, उसकी दहशत के बारे में लिखा गया है।
तीन जून को नई सड़क पर हिंसा हुई थी। इसमें 62 आरोपी जेल में बंद हैं। हयात जफर हाशमी मुख्य साजिशकर्ता है। पुलिस उन पर एनएसए लगाने की संस्तुति कर डीएम को फाइल भेज चुकी है। इस बीच फाइल में कुछ तथ्य कम हैं, जिसके बारे में एसआईटी से जानकारी मांगी गई है। वारदात में शामिल होने की हयात की फोटो व अन्य साक्ष्य भी मांगे हैं।
एसआईटी ने रिपोर्ट में लिखा कि हिंसा की वजह से दहशत फैल गई। तीन दिनों तक इलाके में सन्नाटा पसरा रहा। दुकानें नहीं खुलीं। दूधवाला तक उस क्षेत्र में नहीं आया। यह दहशत व डर का माहौल हयात की वजह से पनपा। 14 गवाहों ने कहा है कि अगर हयात जेल से छूटा तो फिर बवाल हो सकता है। इन्हीं सभी तथ्यों को आधार बनाकर एसआईटी ने एनएसए की संस्तुति की है।
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तीन जून को नई सड़क पर हिंसा हुई थी। इसमें 62 आरोपी जेल में बंद हैं। हयात जफर हाशमी मुख्य साजिशकर्ता है। पुलिस उन पर एनएसए लगाने की संस्तुति कर डीएम को फाइल भेज चुकी है। इस बीच फाइल में कुछ तथ्य कम हैं, जिसके बारे में एसआईटी से जानकारी मांगी गई है। वारदात में शामिल होने की हयात की फोटो व अन्य साक्ष्य भी मांगे हैं।
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एसआईटी ने रिपोर्ट में लिखा कि हिंसा की वजह से दहशत फैल गई। तीन दिनों तक इलाके में सन्नाटा पसरा रहा। दुकानें नहीं खुलीं। दूधवाला तक उस क्षेत्र में नहीं आया। यह दहशत व डर का माहौल हयात की वजह से पनपा। 14 गवाहों ने कहा है कि अगर हयात जेल से छूटा तो फिर बवाल हो सकता है। इन्हीं सभी तथ्यों को आधार बनाकर एसआईटी ने एनएसए की संस्तुति की है।
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