ICICI Bank की लापरवाही: केस्को के 1.48 करोड़ दूसरे खाते में ट्रांसफर, 1731 उपभोक्ताओं ने ऑनलाइन किया था भुगतान
Kanpur News: 1731 उपभोक्ताओं ने बिल का भुगतान ऑनलाइन किया था। बैंक ने किसके खाते में भेजा, इसकी भी जांच चल रही है। केस्को ने आईसीआईसीआई सिविल लाइंस शाखा के वरिष्ठ प्रबंधक, प्रबंधक व अन्य बैंक कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
विस्तार
कानपुर में आईसीआईसीआई बैंक की सिविल लाइंस शाखा में बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। बैंक ने 1731 केस्को उपभोक्ताओं के आए 1.48 करोड़ रुपये किसी और खाते में ट्रांसफर कर दिए, जबकि ये रुपये केस्को के खाते में भेजे जाने चाहिए थे।
मामला संज्ञान में आने के बाद केस्को के एक्सईएन आईटी सेल व वरिष्ठ लेखाधिकारी आशीष दीक्षित ने शाखा के वरिष्ठ बैंक प्रबंधक, प्रबंधक व अन्य बैंक कर्मचारियों के खिलाफ ग्वालटोली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। केस्को का ऑनलाइन बिल भुगतान का खाता आईसीआईसीआई बैंक जेएस टॉवर माल रोड पर है।
आशीष दीक्षित ने बताया कि 18 से 23 जून के बीच 679 उपभोक्ताओं ने 44 लाख 92 हजार रुपये जमा किए थे। इसके बाद एक जुलाई से 16 जुलाई के बीच 1102 उपभोक्ताओं ने एक करोड़ तीन लाख रुपये जमा किए थे, लेकिन केस्को के खाते में यह रकम प्राप्त नहीं हुई।
ये रुपये किसी और खाते में ट्रांसफर कर दिए
इस दौरान कुल 1731 उपभोक्ताओं का एक करोड़ 48 लाख रुपये बार-बार रिमाइंडर कराने के बाद भी बैंक ने केस्को खाते में ट्रांसफर नहीं किया। पता चला कि बैंक प्रबंधन ने ये रुपये किसी और खाते में ट्रांसफर कर दिए हैं। उन्होंने बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक, प्रबंधक और अन्य कर्मचारियों पर सांठगांठ कर ऐसा करने का आरोप लगाया है।
खुलासे के बाद शुरू किया रिकार्ड खंगालना
केस्को के रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर होने के बाद अधिकारियों ने अब तक के ऑनलाइन भुगतान का रिकाॅर्ड खंगालना शुरू कर दिया है। इसके लिए एक टीम भी गठित की गई है।
धोखाधड़ी करने वाले भेजे जाएंगे जेल
ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि पूरा विषय ऑनलाइन भुगतान से संबंधित है। इस प्रकरण में साइबर सेल की टीम के साथ कोतवाली पुलिस, ग्वालटोली पुलिस के साथ एक इनवेस्टीगेशन टीम बनाई जाएगी।
जांच कर होगी सख्त कार्रवाई
वहीं एसीपी कर्नलगंज अकमल खां ने बताया कि केस्को के एक्सईएन की तहरीर पर तीन के खिलाफ रुपये हड़पने की धारा में मामला दर्ज किया गया है। जांच में जिनका नाम सामने आएगा, उनको जेल भेजा जाएगा। इसका भी पता किया जा रहा कि रुपये किसके खाते में ट्रांसफर हुए हैं।