{"_id":"60f964bf8ebc3e6d8f79b2e7","slug":"mahoba-businessman-indrakant-death-case-news-update","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"महोबा: कारोबारी इंद्रकांत की मौत के मामले में बर्खास्त सिपाही के दो भाइयों के खिलाफ धमकी की रिपोर्ट दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महोबा: कारोबारी इंद्रकांत की मौत के मामले में बर्खास्त सिपाही के दो भाइयों के खिलाफ धमकी की रिपोर्ट दर्ज
Thu, 22 Jul 2021 06:01 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 22 Jul 2021 06:01 PM IST
सार
बर्खास्त सिपाही इंद्रकांत त्रिपाठी मामले में लखनऊ जेल में निरुद्ध है। मृतक कारोबारी के भाई विजय त्रिपाठी ने पुलिस अधीक्षक सुधा सिंह को शिकायती पत्र देकर बताया कि जेल में निरुद्ध बर्खास्त सिपाही अरुण यादव का इटावा निवासी भाई नीरज यादव पुलिस विभाग में कांस्टेबल है।
विज्ञापन
इंद्रकांत त्रिपाठी की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
महोबा जिले में कबरई के क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत के मामले में जेल में निरुद्ध बर्खास्त सिपाही अरुण यादव के दो भाइयों के खिलाफ थाना कबरई में धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज हुई है। फेसबुक पर धमकी भरी पोस्ट अपलोड करने पर मृतक व्यापारी के भाई ने अनहोनी की आशंका जताते हुए मामला दर्ज कराया है।
बर्खास्त सिपाही इंद्रकांत त्रिपाठी मामले में लखनऊ जेल में निरुद्ध है। मृतक कारोबारी के भाई विजय त्रिपाठी ने पुलिस अधीक्षक सुधा सिंह को शिकायती पत्र देकर बताया कि जेल में निरुद्ध बर्खास्त सिपाही अरुण यादव का इटावा निवासी भाई नीरज यादव पुलिस विभाग में कांस्टेबल है।
नीरज व उसके चचेरे भाई नीलेश यादव ने फेसबुक पर धमकी भरे पोस्ट अपलोड किए हैं। जिससे पीड़ित परिवार को अपहरण व हत्या की आशंका बनी है। आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले भी नीलेश यादव ने धमकी भरी पोस्ट डाली थी।
विज्ञापन
जिसकी सूचना 21 जून को एसपी को दी गई थी। एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कबरई थानाध्यक्ष को रिपोर्ट के आदेश दिए। बुधवार को थाना कबरई में बर्खास्त सिपाही के भाई नीरज यादव व चचेरे भाई नीलेश के खिलाफ धमकी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। थानाध्यक्ष कबरई दिनेश सिंह ने बताया कि एसपी के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की जांच कराई जा रही है।
विज्ञापन
बर्खास्त सिपाही इंद्रकांत त्रिपाठी मामले में लखनऊ जेल में निरुद्ध है। मृतक कारोबारी के भाई विजय त्रिपाठी ने पुलिस अधीक्षक सुधा सिंह को शिकायती पत्र देकर बताया कि जेल में निरुद्ध बर्खास्त सिपाही अरुण यादव का इटावा निवासी भाई नीरज यादव पुलिस विभाग में कांस्टेबल है।
विज्ञापन
नीरज व उसके चचेरे भाई नीलेश यादव ने फेसबुक पर धमकी भरे पोस्ट अपलोड किए हैं। जिससे पीड़ित परिवार को अपहरण व हत्या की आशंका बनी है। आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले भी नीलेश यादव ने धमकी भरी पोस्ट डाली थी।
विज्ञापन
जिसकी सूचना 21 जून को एसपी को दी गई थी। एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कबरई थानाध्यक्ष को रिपोर्ट के आदेश दिए। बुधवार को थाना कबरई में बर्खास्त सिपाही के भाई नीरज यादव व चचेरे भाई नीलेश के खिलाफ धमकी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। थानाध्यक्ष कबरई दिनेश सिंह ने बताया कि एसपी के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की जांच कराई जा रही है।
बर्खास्त सिपाही व भाई पर पहले से दर्ज हैं मुकदमे
बर्खास्त सिपाही अरुण यादव व उसके भाई पर पहले से भी मुकदमे दर्ज हैं। सितंबर 2020 में क्रशर कारोबारी मामले में बर्खास्त सिपाही को आरोपी बनाया गया था। इसके बाद शहर कोतवाली में पांच लाख रुपये का धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था।
औरैया निवासी विकास यादव की तहरीर पर उसके भाई नीरज यादव समेत अन्य परिजनों पर मामला दर्ज हुआ था। सात जुलाई 2021 को सिपाही के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संगठन झांसी के निरीक्षक सुरेंद्र सिंह ने शहर कोतवाली में आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कराया था। जिसमें आरोप था कि सिपाही ने 21 लाख रुपये की आय के सापेक्ष 76 लाख रुपये से अधिक का व्यय किया है।
बर्खास्त सिपाही अरुण यादव व उसके भाई पर पहले से भी मुकदमे दर्ज हैं। सितंबर 2020 में क्रशर कारोबारी मामले में बर्खास्त सिपाही को आरोपी बनाया गया था। इसके बाद शहर कोतवाली में पांच लाख रुपये का धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था।
औरैया निवासी विकास यादव की तहरीर पर उसके भाई नीरज यादव समेत अन्य परिजनों पर मामला दर्ज हुआ था। सात जुलाई 2021 को सिपाही के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संगठन झांसी के निरीक्षक सुरेंद्र सिंह ने शहर कोतवाली में आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कराया था। जिसमें आरोप था कि सिपाही ने 21 लाख रुपये की आय के सापेक्ष 76 लाख रुपये से अधिक का व्यय किया है।
यह था मामला
क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने सात सितंबर 2020 को सोशल मीडिया में वीडियो वायरल कर तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। आठ सितंबर को उनके गले में गोली लग गई थी और 13 सितंबर को कानपुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
मामले की जांच एसआईटी ने की थी। मृतक कारोबारी के भाई रविकांत त्रिपाठी ने तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार, तत्कालीन थानाध्यक्ष कबरई देवेंद्र शुक्ला, व्यापारी सुरेश सोनी व ब्रह्मदत्त के खिलाफ आत्महत्या के लिए उत्प्रेरित करने का मामला दर्ज कराया था।
बाद में सिपाही अरुण यादव को भी मामले में अभियुक्त बनाया गया था। इस मामले में तत्कालीन थानाध्यक्ष, बर्खास्त सिपाही व दोनों व्यापारी लखनऊ जेल में निरुद्ध है जबकि एक लाख के इनामी निलंबित एसपी मणिलाल पाटीदार अभी भी फरार चल रहे हैं।
क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने सात सितंबर 2020 को सोशल मीडिया में वीडियो वायरल कर तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। आठ सितंबर को उनके गले में गोली लग गई थी और 13 सितंबर को कानपुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
मामले की जांच एसआईटी ने की थी। मृतक कारोबारी के भाई रविकांत त्रिपाठी ने तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार, तत्कालीन थानाध्यक्ष कबरई देवेंद्र शुक्ला, व्यापारी सुरेश सोनी व ब्रह्मदत्त के खिलाफ आत्महत्या के लिए उत्प्रेरित करने का मामला दर्ज कराया था।
बाद में सिपाही अरुण यादव को भी मामले में अभियुक्त बनाया गया था। इस मामले में तत्कालीन थानाध्यक्ष, बर्खास्त सिपाही व दोनों व्यापारी लखनऊ जेल में निरुद्ध है जबकि एक लाख के इनामी निलंबित एसपी मणिलाल पाटीदार अभी भी फरार चल रहे हैं।