Kanpur: पदयात्रा से पहले यूथ कांग्रेस और NSUI के अध्यक्ष हाउस अरेस्ट, तिलक हॉल से बड़े चौराहे तक होना था मार्च
Kanpur News: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय पर कार्रवाई रोकने तथा शहर की जर्जर सड़कों और जलनिकासी की समस्याओं को लेकर रविवार को प्रस्तावित यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई की पदयात्रा शुरू होने से पहले पुलिस ने दोनों संगठनों के नेताओं को नजरबंद कर दिया।
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शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे समेत विभिन्न मांगों को लेकर यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई की ओर से रविवार को प्रस्तावित पदयात्रा से पहले पुलिस ने इन दोनों फ्रंटल संगठनों के अध्यक्षों को उनके घर में नजरबंद कर लिया।
एनएसयूआई शहर अध्यक्ष मोहित सविता को तिलक हॉल में प्रेस कांफ्रेंस और वहां से बड़े चौराहे तक प्रस्तावित पदयात्रा में शामिल होने से रोकने के लिए सुबह करीब नौ बजे पुलिस ने उनके आवास को घेर लिया। वहीं, लखनऊ से कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष अनस रहमान को बाबूपुरवा पुलिस ने रोक लिया। यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष अब्दुल माबूद सिद्दीकी को भी हाउस अरेस्ट किया गया।
सुबह 9 बजे ही पुलिस बल ने डाली नेताओं के घरों पर दबिश
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एनएसयूआई के शहर अध्यक्ष मोहित सविता को तिलक हॉल में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस और उसके बाद वहां से बड़े चौराहे तक प्रस्तावित पदयात्रा में शामिल होना था। लेकिन उन्हें रोकने के लिए सुबह करीब 9 बजे ही किदवई नगर पुलिस ने उनके निरालानगर स्थित आवास को चारों तरफ से घेर लिया।
वहीं दूसरी तरफ, लखनऊ से इस बड़े आंदोलन में शामिल होने के लिए कानपुर पहुंचे एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष अनस रहमान को बाबूपुरवा पुलिस ने रास्ते में ही रोक लिया। इसके साथ ही पुलिस ने कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अब्दुल माबूद सिद्दीकी को भी बाबूपुरवा स्थित उनके आवास पर पूरी तरह से हाउस अरेस्ट कर दिया, जिसके चलते कांग्रेसी नेता अपने निर्धारित कार्यक्रम स्थल पर नहीं पहुंच सके।
जर्जर सड़कों और यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई को लेकर था विरोध
यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई के नेताओं ने संयुक्त रूप से शहर की जर्जर सड़कों, उफनाते नालों की समस्या, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और जौहर यूनिवर्सिटी के मुद्दे पर तिलक हाल में कार्यकर्ताओं को सुबह एकत्रित होने का आह्वान किया था। वहां से यह हुजूम कलेक्ट्रेट जाकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने वाला था।
दिनभर चले हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद शाम करीब 5:30 बजे किदवई नगर पुलिस ने मोहित सविता के घर पर ही उनसे ज्ञापन लिया और नजरबंदी से मुक्त किया। इस दौरान एआईसीसी सदस्य विकास अवस्थी, रत्नेश गुप्ता, भानु ठाकुर और ओबीसी कानपुर दक्षिण के अध्यक्ष रामनवल कुशवाहा समेत कई कांग्रेसी मौजूद रहे।
इसी तरह शाम को यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष अब्दुल माबूद सिद्दीकी से भी पुलिस ने उनके घर पर ज्ञापन लेकर नजरबंदी खत्म की, जहां प्रदेश उपाध्यक्ष वैभव शुक्ला और लखनऊ यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष माजिद खान मौजूद रहे।
सरकार कर रही है लोकतंत्र की हत्या: कांग्रेस का आरोप
पुलिस की इस घेराबंदी और नजरबंदी से मुक्त होने के बाद यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई के नेताओं ने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला। यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष अब्दुल माबूद सिद्दीकी ने कहा कि वर्तमान सरकार पूरी तरह से तानाशाही पर उतारू है और लोकतांत्रिक तरीके से शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराने के मौलिक अधिकार को भी छीना जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह सीधे तौर पर लोकतंत्र की हत्या है और सरकार छात्रों व युवाओं की बुलंद आवाज को पुलिस के दम पर दबाने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस नेताओं ने साफ चेतावनी दी है कि पुलिसिया उत्पीड़न से उनका हौसला टूटने वाला नहीं है और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक उनका यह संघर्ष सड़कों पर जारी रहेगा।