कानपुर: अज्ञात वाहन ने दंपती को कुचला, पत्नी की मौके पर मौत, पति ने हैलट में तोड़ा दम, जांच में जुटी पुलिस
Kanpur News: गोविंद नगर उद्योग कुंज के पास मूसलाधार बारिश के दौरान अज्ञात वाहन की टक्कर से साइकिल सवार दंपती की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में पत्नी नीलम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पति संतोष कुमार शुक्ला गंभीर रूप से घायल होकर एक घंटे तक सड़क पर तड़पते रहे।
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कानपुर में तेज बारिश में अज्ञात वाहन की टक्कर से घायल संतोष कुमार शुक्ला (48) की जिंदगी हादसे से कम और उसके बाद मदद के इंतजार में ज्यादा जूझती रही। गोविंद नगर के उद्योग कुंज साइट-5 के पास शुक्रवार रात साइकिल सवार दंपती को अज्ञात वाहन ने कुचल दिया। पत्नी नीलम शुक्ला (45) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि संतोष गंभीर हालत में सड़क पर पड़े तड़पते रहे।
बेटों का आरोप है कि सूचना के बावजूद एंबुलेंस एक घंटे से ज्यादा देर में पहुंची। इस दौरान तेज बारिश में घायल पिता सड़क पर जिंदगी के लिए जूझते रहे। करीब 11:50 बजे एंबुलेंस पहुंची और उन्हें हैलट ले जाया गया, लेकिन वहां भी तत्काल उपचार नहीं मिलने का आरोप है। कुछ ही देर में संतोष ने दम तोड़ दिया।
अज्ञात वाहन ने दोनों को टक्कर मार दी
संतोष इंक फैक्टरी में काम करते थे। नीलम ने करीब 15 दिन पहले ही एक फैक्टरी में नौकरी शुरू की थी। परिवार के मुताबिक, दोनों शुक्रवार रात साइकिल से किसी काम से निकले थे। उद्योग कुंज साइट-5 के पास तेज बारिश के दौरान अज्ञात वाहन ने दोनों को टक्कर मार दी। नीलम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि संतोष गंभीर रूप से घायल हो गए।
बारिश के कारण निजी वाहन नहीं मिल सका
रात करीब 10:30 बजे बेटे आशीष और अभिषेक घटनास्थल पर पहुंचे। मां की मौत हो चुकी थी और पिता सड़क पर खून से लथपथ पड़े थे। बारिश लगातार हो रही थी और पिता की सांसें चल रही थीं, लेकिन परिवार के सामने उन्हें अस्पताल पहुंचाने के लिए सिर्फ इंतजार था। बेटों के मुताबिक, पुलिस ने एंबुलेंस को सूचना दी थी। वे खुद भी मदद के लिए इधर-उधर भागे, लेकिन बारिश के कारण निजी वाहन नहीं मिल सका।
गंभीर घायल को तत्काल उपचार नहीं मिल
करीब एक घंटे से ज्यादा समय तक एंबुलेंस का इंतजार करने के बाद लगभग 11:50 बजे मदद पहुंची। परिजनों के मुताबिक, तब तक संतोष की हालत और बिगड़ चुकी थी। उन्हें हैलट ले जाया गया। बेटों का आरोप है कि यहां भी गंभीर घायल को तत्काल उपचार नहीं मिला। पिता को बचाने की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचे बेटे इलाज शुरू होने का इंतजार करते रहे, लेकिन हालत लगातार बिगड़ती गई और कुछ ही देर बाद संतोष ने दम तोड़ दिया।
शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे
परिजनों का कहना है कि हादसे में मां को मौके पर खोने के बाद पिता को बचाने की पूरी उम्मीद समय पर इलाज पर टिकी थी। उनका आरोप है कि पहले एंबुलेंस ने इंतजार कराया और अस्पताल पहुंचने के बाद भी उपचार में देरी हुई। यदि एंबुलेंस समय पर पहुंचती और अस्पताल में तत्काल उपचार मिलता, तो शायद संतोष की जान बच सकती थी। एक ही रात में माता-पिता दोनों को खोने के बाद आशीष और अभिषेक बदहवास हैं। गोविंद नगर पुलिस ने दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं।