कानपुर में दो दिन से हो रही बरसात ने शहर के उद्योग और बाजारों को करीब 500 करोड़ रुपये की चोट पहुंचाई है। औद्योगिक क्षेत्रों में पानी भरने, कर्मचारियों के नहीं पहुंचने और बिजली की ट्रिपिंग से करीब 200 से ज्यादा इकाइयों में उत्पादन ठप हो गया। थोक और फुटकर बाजारों में बहुत कम ग्राहक पहुंचे। इससे कपड़ा, किराना, सराफा, लोहा, मेवा, सब्जी और ऑटोमोबाइल कारोबार पर असर पड़ा।
दादानगर, पनकी साइट एक से पांच, फजलगंज, इस्पातनगर और व्यापारनगर में करीब 10 हजार इकाइयां और प्रतिष्ठान हैं। बारिश से कई इकाइयों में पानी भर गया। पीआईए के मनोज बंका ने बताया कि करीब 200 से ज्यादा इकाइयों में माल खराब हुआ। कई इकाइयों में 50 फीसदी से कम कर्मचारी और श्रमिक पहुंचे, जिससे उत्पादन 75 फीसदी तक प्रभावित रहा। आईआईए के मंडलीय अध्यक्ष दिनेश बरासिया ने बताया कि केस्को की ट्रिपिंग ने समस्या बढ़ाई।
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पनकी साइट- वन पर बारिश के कारण फैक्टरी में जलभराव
- फोटो : amar ujala
करीब 20 करोड़ का नुकसान बताया
केमिकल, प्लास्टिक, इंजीनियरिंग और पैकेजिंग इकाइयों में बिजली बाधित रहने से कच्चा माल खराब हुआ और उत्पादन रुका। हालांकि, कोई फीडर बंद नहीं हुआ। उद्योगों को 150 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान बताया गया है। उधर, इस्पातनगर-व्यापारनगर में सड़कें दलदल में बदल गईं। ट्रांसपोर्टनगर में गोदामों में पानी भरने से माल खराब हुआ। हजारों ट्रकों की लोडिंग-अनलोडिंग और सब्जी, फल, किराना, मेवा, कपड़ा व लोहे के ट्रकों की आवाजाही बाधित रही। इससे करीब 20 करोड़ का नुकसान बताया गया।
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पनकी साइट- वन पर बारिश के कारण जलभराव
- फोटो : amar ujala
बाजारों में रहा सन्नाटा, ऑनलाइन कारोबार भी प्रभावित
थोक बाजार जनरलगंज, नयागंज सराफा, नयागंज किराना, नौघड़ा, हालसी रोड और कलक्टरगंज में दिनभर सन्नाटा रहा। इसी तरह सीसामऊ, गोविंदनगर, चावला मार्केट, गुमटी नंबर पांच, पीपीएन मार्केट और नवीन मार्केट, गोविंदनगर फर्नीचर मार्केट में दुकानें दोपहर एक बजे खुलीं और जल्दी बंद हुईं। कपड़ा बाजार में करीब 100 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ। कई दुकानों और गोदामों में पानी भरने से माल खराब हुआ।
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पनकी साइट- वन पर बारिश के कारण जलभराव
- फोटो : amar ujala
फसल भी प्रभावित हुई, आगे दाम बढ़ने की आशंका
चकरपुर मंडी में महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से आई 10 गाड़ी गोभी, आठ गाड़ी बंधा, सात गाड़ी शिमला मिर्च, छह गाड़ी हरी मिर्च और सात गाड़ी टमाटर की बिक्री नहीं हुई। 30 से ज्यादा गाड़ियां खड़ी रहने से सब्जियां खराब हो गईं। नुकसान दो करोड़ रुपये से अधिक बताया गया है। स्थानीय फसल भी प्रभावित हुई है, जिससे आगे दाम बढ़ने की आशंका है। बारिश से ऑनलाइन कारोबार भी प्रभावित हुआ। सब्जी, दूध और घरेलू सामान के ऑर्डर बुक नहीं हो सके। इन वस्तुओं का रोजाना पांच करोड़ रुपये से अधिक का ऑनलाइन कारोबार होता है।
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पनकी साइट नंबर-4
- फोटो : amar ujala
नुकसान
- औद्योगिक इकाइयां: करीब 150 करोड़ से अधिक
- कपड़ा बाजार: करीब 100 करोड़
- ट्रांसपोर्टर: करीब 20 करोड़
- सब्जी कारोबार: दो करोड़ से अधिक
- अन्य बाजार और कारोबार: करीब 200 करोड़