फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Kanpur 150 year old historic fair washed out by rain stalls were set up but customers didnt turn up

कानपुर: 150 साल पुराना ऐतिहासिक मेला बारिश में धुला, दुकानें सजीं पर ग्राहक नहीं पहुंचे, लाखों का नुकसान

Sun, 27 Sep 2026 08:33 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Sun, 27 Sep 2026 08:33 AM IST
सार

Kanpur News: नरवल तहसील के सिकठिया पुरवा में अनंत चतुर्दशी पर लगने वाले करीब 150 साल पुराने ऐतिहासिक मेले में इस बार मूसलाधार बारिश ने खलल डाल दिया। दो दिन तक लगातार हुई बारिश के कारण मेले में दुकानें और झूले सजे होने के बावजूद सन्नाटा पसरा रहा। इससे दुकानदारों और झूला ठेकेदारों को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

विज्ञापन
Kanpur 150 year old historic fair washed out by rain stalls were set up but customers didnt turn up
150 साल पुराना ऐतिहासिक मेला बारिश में धुला - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर में नरवल तहसील के सरसौल विकासखंड के ग्राम सिकठिया पुरवा में लगने वाले करीब डेढ़ सौ वर्ष पुराने ऐतिहासिक मेले पर इस बार बारिश ने ग्रहण लगा दिया। दो दिन तक लगातार हुई बारिश के कारण मेले में सन्नाटा पसरा रहा। झूले लगे रहे, दुकानें सजी रहीं, लेकिन एक भी ग्राहक नहीं पहुंचा। इससे दुकानदारों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।

विज्ञापन

मेला संयोजकों के अनुसार, यह मेला प्रतिवर्ष अनंत चतुर्दशी के अवसर पर दो दिनों के लिए लगता है। डेढ़ सौ वर्षों के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है, जब लगातार बारिश के कारण मेला नहीं लग सका। यह क्षेत्र का एकमात्र बचा हुआ ऐतिहासिक मेला है, जिसमें करीब दो दर्जन से अधिक गांवों के लोग साल भर खरीदारी का इंतजार करते हैं।

विज्ञापन





15 दिन की मेहनत बेकार चली गई
बड़े-बुजुर्ग और बच्चे सभी मेले का लुत्फ उठाने आते थे, लेकिन इस बार बारिश ने मेले के रंग में भंग डाल दिया। झूला ठेकेदार केदार यादव ने बताया कि वह प्रतिवर्ष 15 दिन पहले आकर मेले की तैयारी शुरू करते हैं। इस बार भी तैयारी पूरी कर ली गई थी, लेकिन मौसम खराब होने से 15 दिन की मेहनत बेकार चली गई। 15 से 20 मजदूरों की मजदूरी और भाड़ा मिलाकर करीब ढाई लाख रुपये का नुकसान हुआ है।

विज्ञापन

भीषण बारिश के कारण मेला पूरी तरह फ्लॉप रहा
वहीं, गैर जनपदों से आए दुकानदारों ने बताया कि वे हर साल इस मेले में हजारों की बिक्री करते थे, लेकिन दोनों दिन भीषण बारिश के कारण मेला पूरी तरह फ्लॉप रहा। सैकड़ों वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार इस मेले में कंस वध और नाग नथैया लीला का आयोजन भी किया जाता था, जो इस वर्ष बारिश के कारण नहीं हो सका।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed