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Kanpur: रंगदारी मामले में भी दीनू उपाध्याय की पांच जून तक न्यायिक हिरासत मंजूर
Thu, 22 May 2025 11:41 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 22 May 2025 11:41 PM IST
सार
Kanpur News: पिंटू सेंगर हत्याकांड में जेल भेजे गए अधिवक्ता दीनू उपाध्याय को पांच जून तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
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कस्टडी रिमांड में दीनू
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पिंटू सेंगर हत्याकांड में जेल भेजे गए अधिवक्ता धीरज उपाध्याय उर्फ दीनू को नवाबगंज थाने में दर्ज धोखाधड़ी, रंगदारी और षड़यंत्र के आरोप से संबंधित मुकदमे में भी पांच जून तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। लगभग एक घंटे चली सुनवाई के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय की अदालत से रिमांड मंजूर कर वापस जेल भेज दिया गया।
कटरी ख्योरा स्थित एक संपत्ति का गलत तरीके से एग्रीमेंट कराने से संबंधित मुकदमे में धोखाधड़ी, रंगदारी और षड़यंत्र के मामले में धीरज उपाध्याय उर्फ दीनू को गुरुवार को न्यायालय में पेश किया गया। नवाबगंज निवासी राजाराम वर्मा के बेटे नरेंद्र देव ने रामखिलावन, विमला देवी और शुभम के खिलाफ 17 दिसंबर 2024 को नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसी मुकदमे की विवेचना के दौरान दीनू का नाम सामने आया था। विवेचक की ओर से दीनू को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने के लिए कोर्ट में अर्जी दी गई।
इस पर दीनू के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने आपत्ति जताते हुए तर्क रखा कि विवेचक ने मुकदमे में गिरफ्तारी से संबंधित कोई आधार पेश नहीं किया है। वहीं, अभियोजन अधिकारी अजय श्रीवास्तव व आराध्य मिश्रा ने बताया कि दीनू पहले से ही एक मुकदमे में जेल में बंद है। यह पुराना मुकदमा है, इसलिए इसमें गिरफ्तारी के लिए आधार बताना जरूरी नहीं है। रिमांड मंजूर की जानी चाहिए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने दीनू को पांच जून तक के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
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कटरी ख्योरा स्थित एक संपत्ति का गलत तरीके से एग्रीमेंट कराने से संबंधित मुकदमे में धोखाधड़ी, रंगदारी और षड़यंत्र के मामले में धीरज उपाध्याय उर्फ दीनू को गुरुवार को न्यायालय में पेश किया गया। नवाबगंज निवासी राजाराम वर्मा के बेटे नरेंद्र देव ने रामखिलावन, विमला देवी और शुभम के खिलाफ 17 दिसंबर 2024 को नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसी मुकदमे की विवेचना के दौरान दीनू का नाम सामने आया था। विवेचक की ओर से दीनू को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने के लिए कोर्ट में अर्जी दी गई।
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इस पर दीनू के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने आपत्ति जताते हुए तर्क रखा कि विवेचक ने मुकदमे में गिरफ्तारी से संबंधित कोई आधार पेश नहीं किया है। वहीं, अभियोजन अधिकारी अजय श्रीवास्तव व आराध्य मिश्रा ने बताया कि दीनू पहले से ही एक मुकदमे में जेल में बंद है। यह पुराना मुकदमा है, इसलिए इसमें गिरफ्तारी के लिए आधार बताना जरूरी नहीं है। रिमांड मंजूर की जानी चाहिए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने दीनू को पांच जून तक के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
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कस्टडी रिमांड में दीनू
- फोटो : अमर उजाला
एक तरफ वकीलों के गुट तो दूसरी तरफ भारी पुलिस बल
दीनू की सुनवाई के दौरान एक तरफ बार व लॉयर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों, यूपी बार काउंसिल के उपाध्यक्ष समेत भारी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे तो दूसरी तरफ पुलिस ने भी किसी भी टकराव की स्थिति से बचने के लिए भारी पुलिस बल व पीएसी तैनात कर रखी थी। एलआईयू के लोग भी पल-पल की गतिविधियों से अफसरों को आगाह करा रहे थे।
दीनू की सुनवाई के दौरान एक तरफ बार व लॉयर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों, यूपी बार काउंसिल के उपाध्यक्ष समेत भारी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे तो दूसरी तरफ पुलिस ने भी किसी भी टकराव की स्थिति से बचने के लिए भारी पुलिस बल व पीएसी तैनात कर रखी थी। एलआईयू के लोग भी पल-पल की गतिविधियों से अफसरों को आगाह करा रहे थे।
कस्टडी रिमांड में दीनू
- फोटो : अमर उजाला
गले मिलकर रोए दोनों भाई
गुरुवार को जेल में बंद दीनू को कोर्ट लाया गया। दीनू के भाई संजय भी सुनवाई के लिए कोर्ट पहुंचे थे। दीनू और संजय आमने-सामने आए तो एक-दूसरे के गले लिपटकर फूटकर रोने लगे। दीनू बार-बार यही कहते रहे कि उन्होंने किसी की जमीन नहीं कब्जाई, कोई फर्जीवाड़ा नहीं किया। उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाकर जेल में बंद रखने की साजिश रची जा रही है।
गुरुवार को जेल में बंद दीनू को कोर्ट लाया गया। दीनू के भाई संजय भी सुनवाई के लिए कोर्ट पहुंचे थे। दीनू और संजय आमने-सामने आए तो एक-दूसरे के गले लिपटकर फूटकर रोने लगे। दीनू बार-बार यही कहते रहे कि उन्होंने किसी की जमीन नहीं कब्जाई, कोई फर्जीवाड़ा नहीं किया। उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाकर जेल में बंद रखने की साजिश रची जा रही है।