Kanpur: ‘पढ़ना-लिखना नहीं आता, कहां से दें पढ़ाई का डाटा’, 12000 बुजुर्गों की एक साल से अटकी पेंशन, पढ़ें मामला
Kanpur News: आधार कार्ड को आयु प्रमाण के तौर पर अमान्य किए जाने के बाद कानपुर के 12 हजार बुजुर्गों की पेंशन रुक गई है। अब विभाग शैक्षिक प्रमाण पत्र या कुटुंब रजिस्टर मांग रहा है, जो अधिकांश गरीबों के पास नहीं है।
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विस्तार
- केस वन- अधिकारी और बाबू नहीं दे रहे सही जवाब
- केस दो- एक साल से चक्कर काटकर रहा
मनोहरनगर बर्रा दो के रहने वाले राजकुमार ने 2024 में वृद्धा पेंशन के लिए आवेदन किया था। करीब पांच माह बीतने के बाद 2025 में कागजातों का सत्यापन होकर पात्र सूची में नाम शामिल हो गया लेकिन अभी तक एक बार भी पेंशन नहीं मिली। कई बार कार्यालय आए लेकिन कोई सही जवाब न अधिकारी ने दिया न बाबू ने। अब नए नियम के कागजात मांग रहे हैं जो एक भी नहीं हैं।
कल्याणपुर के बरसाइतपुर के रहने वाले रमेश चंद्र का पात्र सूची में नाम मई 2025 में शामिल हो चुका था। पेंशन की स्वीकृति के लिए नाम भी भेज दिया गया था लेकिन पेंशन आज तक नहीं मिली। अब नए नियमों में कागजात मांगे गए, तो उन्होंने बताया कि हम तो अंगूठा लगाते हैं ये कागजात कहां से लाएं। एक साल से चक्कर काटकर थक गया हूं।
कानपुर जिले के 12 हजार लोग वृद्धावस्था पेंशन के नए नियमों से परेशान हैं। इनकी एक साल से पेंशन अटकी हुई है। ये अंगूठाछाप हैं। इनसे शैक्षिक प्रमाणपत्र और कुटुंब रजिस्टर मांगा जा रहा है। अंगूठाछाप होने से शैक्षिक प्रमाणपत्र नहीं हैं और कुटुंब रजिस्टर में उम्र नहीं दर्ज है। 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को हर महीने एक हजार रुपये पेंशन मिलती है।
यह राशि उनके दवा और राशन का सहारा होती है। यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने आधार को आयु प्रमाण से मानने से इन्कार कर दिया है। इसके बाद समाज कल्याण विभाग ने नए नियम लागू किए हैं। अब केवल कुटुंब रजिस्टर या शैक्षिक प्रमाण पत्र ही मान्य हैं। अधिकांश गरीब और अशिक्षित बुजुर्गों के पास ये दस्तावेज नहीं हैं।
करीब 12 हजार नए आवेदन एक साल से लंबित हैं
ग्रामीण क्षेत्रों में कई कुटुंब रजिस्टर में जन्मतिथि दर्ज नहीं है या गलत है। इससे बुजुर्ग लेखपाल, पंचायत और तहसील के चक्कर काट रहे हैं। उनकी कमजोर सेहत और आर्थिक तंगी दफ्तर जाने में बाधा बन रही है। समाज कल्याण विभाग के 94,470 बुजुर्ग पेंशनधारक हैं। करीब 12 हजार नए आवेदन एक साल से लंबित हैं। बुजुर्गों का कहना है कि नए नियमों ने उन्हें फिर से मुश्किल में डाल दिया है।
जिन लोगों के आवेदन स्वीकृत हो चुके हैं उन लोगों को नए नियमों के अनुसार कुटुंब रजिस्टर या फिर अपनी शैक्षिक योग्यता के प्रमाण पत्र देने होंगे। इसके बाद ही वृद्धापेंशन योजना का लाभ मिलेगा।
-शिवम सागर, जिला समाज कल्याण अधिकारी