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फर्जी मार्कशीट प्रकरण: पुलिस का ‘सीक्रेट पार्सल’ ऑपरेशन; कूरियर पहुंचने से पहले दबोचे गए जालसाज, ऐसे खुला खेल

Thu, 11 Jun 2026 09:29 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Thu, 11 Jun 2026 09:29 AM IST
सार

Kanpur News: पुलिस ने एक कूरियर कंपनी से दिल्ली भेजे जा रहे संदिग्ध पार्सल को जब्त कर उसमें फर्जी मार्कशीट पकड़ीं। गिरोह को चकमा देने के लिए पुलिस ने नकली पार्सल दिल्ली भेजा और कूरियर पहुंचने से पहले ही बेकनगंज के छपाई कारखाने से चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

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Kanpur Fake Marksheet Case Polices Secret Parcel Operation fraudsters nabbed before courier arrived
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर में फर्जी मार्कशीट गिरोह के पकड़े गए चारों आरोपी हसन आसिफ, जियाउल हसन उर्फ समीर, नूरुद्दीन और आमिर अहमद को मंगलवार को कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया। पूर्व में किदवईनगर से गिरफ्तार जेल भेजे गए राघव सर्राफ और फर्जी मार्कशीट छाप रहे हसन आसिफ के बैंक खातों से पुलिस को लेनदेन के साक्ष्य मिले थे। पुलिस ने हसन की निगरानी शुरू की, तो वह अक्सर कूरियर कंपनी में पार्सल देते पाया गया। पुलिस ने कूरियर कंपनी को दिए गए एक ऐसे ही संदिग्ध पार्सल को जब्त किया, तो उन्हें बेकनगंज में फर्जी मार्कशीट और प्रमाणपत्र छापने वाले छपाई कारखाने का सुराग मिल गया। इस तरह से पुलिस ने छपाई कारखाने का भंडाफोड़ किया।

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इस ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे इंस्पेक्टर अभय सिंह ने बताया कि आसिफ एक कूरियर कंपनी में पार्सल देकर चला गया। इसके बाद पुलिस कूरियर बुकिंग दफ्तर पहुंची। वहां के कर्मचारी से दिए गए पार्सल के बारे में पूछा। पहले उसने बताने में आनाकानी की, लेकिन थोड़ी सख्ती करते ही उसने पार्सल पुलिस को सौंप दिया। पार्सल देखने में हूबहू हैदराबाद में मनीष के पास से, गाजियाबाद में राघव के पास से और किदवईनगर में शैलेंद्र के पास मिले पार्सल जैसा ही था। इस पर भेजने और पाने वाले का नाम कोड में लिखा था। जिसे पार्सल देना है उसके कोड नेम संग मोबाइल नंबर लिखा मिला।

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जियाउल हसन समेत चारों को गिरफ्तार कर लिया
पुलिस ने पार्सल खोला तो उसमें भारी संख्या में यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की फर्जी मार्कशीट और प्रमाणपत्र मिले। सभी पड़ोसी जिले के इंटर काॅलेज के नाम पर छापे गए थे। अधिकतर में 65 से 85 प्रतिशत अंक भी थे। गिरोह के सदस्यों को शक न हो इसके लिए हूबहू संदिग्ध पार्सल जैसा दूसरा पार्सल तैयार कर उसमें सादे कागज भरकर उसे दिल्ली में उसी पते पर कूरियर कर दिया गया। इधर पुलिस ने कूरियर के दिल्ली पहुंचने से पहले ही कार्रवाई करते हुए बेकनगंज में जियाउल हसन समेत चारों को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, पुलिस की एक टीम दिल्ली में भी सक्रिय कर दी गई है।

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बेकनगंज के युवक ही हैं कनाडा में एजेंट
पुलिस ने बताया कि बेकनगंज इलाके के रहने वाले भावीन, वारी और असलम कनाडा में फर्जी मार्कशीट गिरोह के लिए बताैर एजेंट काम कर रहे थे। कनाडा और ब्रिटेन में कॉमर्स सेक्टर के लोगों की मांग ज्यादा है। इसके चलते बीकॉम आदि की मार्कशीट की वहां से मांग ज्यादा आती है। बीकॉम वाले लोगों को वहां जल्दी और अच्छी सैलरी वाली नौकरी मिल जाती है। ऐसे में एजेंट वहां से मांग बताते और यहां से मार्कशीट व डिग्री बनाकर ऑनलाइन भेज दी जाती है। स्कैनर के माध्यम से भुगतान होता था। मार्कशीट और डिग्री प्रिंट करने के लिए दिल्ली के सदर बाजार से खास कागज मंगाया जाता था। यह आसानी से बाजारों में उपलब्ध नहीं है।

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