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चोरी की हांडा सिटी कार से करते थे बकरी चोरी, चार गिरफ्तार
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कानपुर देहात जिले के अकबरपुर कोतवाली में चोरी की पकड़ी गई कार और पुलिस गिरफ्त में खड़े शातिर।
- फोटो : AKBARPUR
कानपुर देहात। बारा टोल प्लाजा के पास दो कारें टकराने पर पहुंची पुलिस की गिरफ्त में चार ऐसे युवक आ गए, जो होंडा सिटी जैसी लग्जरी कार से बकरियां चुराते थे। चोरी की वारदातों में इस्तेमाल की जा रही होंडा सिटी भी आरोपियों ने दिल्ली से चुराई थी। इनके कब्जे से कार, दो तमंचे, चार कारतूस जब्त करने के बाद पुलिस ने सभी को कोर्ट में पेशी के बाद जेल भेज दिया।
एएसपी अनूप कुमार ने बताया कि बुधवार शाम बारा टोल प्लाजा के पास दो कारें टकरा गई थीं। हादसे की सूचना पर बारा चौकी प्रभारी गजेंद्र पाल सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और क्षतिग्रस्त कारों को कब्जे में लिया। इस बीच कार पर सवार लोगों ने आपस में समझौता कर लिया। पूछताछ में होंडा सिटी कार पर सवार युवकों से शक के आधार पर पूछताछ की गई। छानबीन में गाड़ी के चेसिस और इंजन नंबर का मिलान रजिस्ट्रेशन पेपर से नहीं हुआ। सख्ती से पूछताछ में चारों ने कार दिल्ली से चोरी करने और फर्जी नंबर प्लेट लगाने की बात स्वीकार की। बकरी चोरी व अन्य सामान की चोरी के मामले भी कबूल किए। तलाशी में दो तमंचे, चार कारतूस भी बरामद हुए।
एएसपी के मुताबिक गिरफ्त में आए लोगों में औरैया के तिलक नगर में रहने वाला मोनू, नारायनपुर का रमा कांत, अचानकपुर दिबियापुर का बॉबी उर्फ सलूरज और तिल्ली दरवाजा औरैया का नरेंद्र कुमार है। इन पर सिकंदरा, अकबरपुर व शाहजहांपुर जिले के पुवायां थाने में चोरी, धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। कानपुर देहात, औरैया, इटावा, लखनऊ, उन्नाव और आसपास के जिलों में वारदातों को अंजाम देते थे।
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चेसिस नंबर मिटा देख गहराया था पुलिस का शक
बारा टोल प्लाजा के पास हांडा सिटी कार में पकड़े गए युवक बेहद शातिर हैं। युवकों ने पुलिस को चकमा देने की पूरी कोशिश की, लेकिन पुलिस ने कार नंबर को मोबाइल के एप में डालकर ट्रेस किया तो इंजन नंबर मैच नहीं कर रहा था। वहीं चेसिस नंबर को रगड़ कर मिटा दिया गया था। यह देख पुलिस का संदेह बढ़ गया था। पुलिस ने गहनता से छानबीन की, तो पता चला कि कार दिल्ली के मालवीय नगर से सितंबर में चोरी हुई थी। दिल्ली पुलिस से संपर्क कर कार मालिक को बुलाया गया है।
शातिर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करते रहे। कार का चेसिस नंबर मिटाए जाने के सवाल पर युवक फंस गए। पुलिस के पास केवल कार का इंजन नंबर सही था। पुलिस ने एआरटीओ दफ्तर में चार घंटे मशक्कत के बाद इंजन नंबर की मदद से कार का ओरिजनल नंबर निकाल लिया। इसके बाद कार के मालिक का पता चला, लेकिन उसका मोबाइल नंबर नहीं मिला। कार पर एचडीएफसी बैंक से ऋण लिया गया था। इस पर पुलिस ने एचडीएफसी बैंक की अकबरपुर शाखा की मदद से कार मालिक का मोबाइल नंबर हासिल किया। तब खुलासा हुआ कि कार मालवीय नगर नई दिल्ली से 24 सितंबर को चोरी हुई थी। 25 सितंबर को मालवीय नगर निवासी कार मालिक वरुण कुमार ने मालवीय नगर थाने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने कार मालिक से संपर्क करने के बाद मालवीय नगर पुलिस से भी बात की है। कार मालिक को बुलाया गया है।
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एएसपी अनूप कुमार ने बताया कि बुधवार शाम बारा टोल प्लाजा के पास दो कारें टकरा गई थीं। हादसे की सूचना पर बारा चौकी प्रभारी गजेंद्र पाल सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और क्षतिग्रस्त कारों को कब्जे में लिया। इस बीच कार पर सवार लोगों ने आपस में समझौता कर लिया। पूछताछ में होंडा सिटी कार पर सवार युवकों से शक के आधार पर पूछताछ की गई। छानबीन में गाड़ी के चेसिस और इंजन नंबर का मिलान रजिस्ट्रेशन पेपर से नहीं हुआ। सख्ती से पूछताछ में चारों ने कार दिल्ली से चोरी करने और फर्जी नंबर प्लेट लगाने की बात स्वीकार की। बकरी चोरी व अन्य सामान की चोरी के मामले भी कबूल किए। तलाशी में दो तमंचे, चार कारतूस भी बरामद हुए।
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एएसपी के मुताबिक गिरफ्त में आए लोगों में औरैया के तिलक नगर में रहने वाला मोनू, नारायनपुर का रमा कांत, अचानकपुर दिबियापुर का बॉबी उर्फ सलूरज और तिल्ली दरवाजा औरैया का नरेंद्र कुमार है। इन पर सिकंदरा, अकबरपुर व शाहजहांपुर जिले के पुवायां थाने में चोरी, धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। कानपुर देहात, औरैया, इटावा, लखनऊ, उन्नाव और आसपास के जिलों में वारदातों को अंजाम देते थे।
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चेसिस नंबर मिटा देख गहराया था पुलिस का शक
बारा टोल प्लाजा के पास हांडा सिटी कार में पकड़े गए युवक बेहद शातिर हैं। युवकों ने पुलिस को चकमा देने की पूरी कोशिश की, लेकिन पुलिस ने कार नंबर को मोबाइल के एप में डालकर ट्रेस किया तो इंजन नंबर मैच नहीं कर रहा था। वहीं चेसिस नंबर को रगड़ कर मिटा दिया गया था। यह देख पुलिस का संदेह बढ़ गया था। पुलिस ने गहनता से छानबीन की, तो पता चला कि कार दिल्ली के मालवीय नगर से सितंबर में चोरी हुई थी। दिल्ली पुलिस से संपर्क कर कार मालिक को बुलाया गया है।
शातिर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करते रहे। कार का चेसिस नंबर मिटाए जाने के सवाल पर युवक फंस गए। पुलिस के पास केवल कार का इंजन नंबर सही था। पुलिस ने एआरटीओ दफ्तर में चार घंटे मशक्कत के बाद इंजन नंबर की मदद से कार का ओरिजनल नंबर निकाल लिया। इसके बाद कार के मालिक का पता चला, लेकिन उसका मोबाइल नंबर नहीं मिला। कार पर एचडीएफसी बैंक से ऋण लिया गया था। इस पर पुलिस ने एचडीएफसी बैंक की अकबरपुर शाखा की मदद से कार मालिक का मोबाइल नंबर हासिल किया। तब खुलासा हुआ कि कार मालवीय नगर नई दिल्ली से 24 सितंबर को चोरी हुई थी। 25 सितंबर को मालवीय नगर निवासी कार मालिक वरुण कुमार ने मालवीय नगर थाने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने कार मालिक से संपर्क करने के बाद मालवीय नगर पुलिस से भी बात की है। कार मालिक को बुलाया गया है।