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भाई की अर्थी पर पर्दा डालकर उठाई गई बहन की डोली
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हिमांशू की मौत पर बिलखते परिजन
- फोटो : AKBARPUR
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झींझक (कानपुर देहात)। करियाझाला मंगलपुर में रहने वाले सेवानिवृत्त फौजी रामनरेश यादव बुधवार को पूरी रात हादसे में मरे बेटे की मौत का गम दबाकर बेटी की शादी रस्में पूरी कराते रहे। गुरुवार की सुबह बेटी की डोली उठाई। उसके बिदा होने के बाद रामनरेश ने बेटे की अर्थी उठाई। एक तरफ बेटी की डोली और दूसरी तरफ बेटे की अर्थी निकलते देख रिश्तेदारों और गांव के लोगों की आंखें भर आईं।
रामनरेश यादव की बेटी अंजू की बुधवार को सिंधी कालोनी भरथना इटावा से बरात आई थी। शादी समारोह घर के पास ही एक गेस्ट हाउस में चल रहा था। बरात पहुंचने के बाद स्वागत की तैयारी चल रही थी। उसी दौरान दुल्हन का भाई हिमांशु यादव (19) कुछ सामान लाने के लिए बाइक से करियाझाला मोड़ स्थित अपने घर पर गया था। वहां से गेस्ट हाउस लौटते वक्त किशौरा मोड़ पर सड़क हादसे में उसकी मौत हो गई थी। बेटे की मौत की खबर मिलते ही रामनरेश सीएचसी पहुंचकर बिलख पड़े थे।
रिश्तेदारों ने बेटी की शादी में व्यवधान पड़ने की बात कहकर रामनरेश को समझाकर शांत कराया। इसके बाद रामनरेश अस्पताल से गेस्ट हाउस पहुंचे और बेटे की मौत का गम दबाकर बैठ गए। इसके बाद उन्होंने शादी की रस्में पूरी कराई। पूरी रात पत्नी किरन, बेटे सुमित और बेटी अंजू को हादसे में बड़े बेटे हिमांशु की मौत होने की जानकारी नहीं दी।
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गुरुवार की सुबह बेटी को बिदा करने के बाद रामनरेश का सब्र टूट गया। वह दहाड़े मार रो पड़े। इसके बाद उन्होंने परिजनों को हिमांशु की मौत की खबर दी, तो कोहराम मच गया। ससुराल पहुंचने के बाद दुल्हन अंजू पति अनिकेत के साथ वापस मायके आई और भाई के शव से लिपट कर रो पड़ी। अंजू और उसकी मां रोते-रोते बेसुध हो गईं। रिश्तेदारों दुखी परिवार का सांत्वना देकर शांत कराया। इसके बाद हिमांशु का औरैया में यमुना नदी किनारे अंतिम संस्कार कर दिया गया।
मां ने कई बार लगाई हिमांशु को आवाज
बेटे की मौत से अनजान मां किरन शादी की रस्म के दौरान किसी सामान की जरूरत पड़ने पर हिमांशु को आवाज लगाती रही। उसके न आने पर वह कई बार पति रामनरेश पर नाराज भी हुईं। कहा कि हिमांशु कहां गायब हो गया। उसे बुलाओ। इसके बाद भी रामनरेश हिमांशु को ढूंढने की बात कहकर पत्नी को बहलाते रहे। वहीं, रात में छोटा भाई सुमित भी हिमांशु को कई बार ढूंढता रहा।
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रामनरेश यादव की बेटी अंजू की बुधवार को सिंधी कालोनी भरथना इटावा से बरात आई थी। शादी समारोह घर के पास ही एक गेस्ट हाउस में चल रहा था। बरात पहुंचने के बाद स्वागत की तैयारी चल रही थी। उसी दौरान दुल्हन का भाई हिमांशु यादव (19) कुछ सामान लाने के लिए बाइक से करियाझाला मोड़ स्थित अपने घर पर गया था। वहां से गेस्ट हाउस लौटते वक्त किशौरा मोड़ पर सड़क हादसे में उसकी मौत हो गई थी। बेटे की मौत की खबर मिलते ही रामनरेश सीएचसी पहुंचकर बिलख पड़े थे।
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रिश्तेदारों ने बेटी की शादी में व्यवधान पड़ने की बात कहकर रामनरेश को समझाकर शांत कराया। इसके बाद रामनरेश अस्पताल से गेस्ट हाउस पहुंचे और बेटे की मौत का गम दबाकर बैठ गए। इसके बाद उन्होंने शादी की रस्में पूरी कराई। पूरी रात पत्नी किरन, बेटे सुमित और बेटी अंजू को हादसे में बड़े बेटे हिमांशु की मौत होने की जानकारी नहीं दी।
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गुरुवार की सुबह बेटी को बिदा करने के बाद रामनरेश का सब्र टूट गया। वह दहाड़े मार रो पड़े। इसके बाद उन्होंने परिजनों को हिमांशु की मौत की खबर दी, तो कोहराम मच गया। ससुराल पहुंचने के बाद दुल्हन अंजू पति अनिकेत के साथ वापस मायके आई और भाई के शव से लिपट कर रो पड़ी। अंजू और उसकी मां रोते-रोते बेसुध हो गईं। रिश्तेदारों दुखी परिवार का सांत्वना देकर शांत कराया। इसके बाद हिमांशु का औरैया में यमुना नदी किनारे अंतिम संस्कार कर दिया गया।
मां ने कई बार लगाई हिमांशु को आवाज
बेटे की मौत से अनजान मां किरन शादी की रस्म के दौरान किसी सामान की जरूरत पड़ने पर हिमांशु को आवाज लगाती रही। उसके न आने पर वह कई बार पति रामनरेश पर नाराज भी हुईं। कहा कि हिमांशु कहां गायब हो गया। उसे बुलाओ। इसके बाद भी रामनरेश हिमांशु को ढूंढने की बात कहकर पत्नी को बहलाते रहे। वहीं, रात में छोटा भाई सुमित भी हिमांशु को कई बार ढूंढता रहा।