कानपुर में एक और बैंक लूट: अब बैंक ऑफ इंडिया के लॉकर से 50 लाख के जेवरात चोरी, मचा हड़कंप
बैंक ऑफ इंडिया में तीन साल बाद लॉकर ऑपरेट करने गई महिला को लॉकर खुला मिला। उंगली लगाते ही लॉकर खुल गया। लॉकर में रखे करीब 50 लाख के जेवर गायब देख महिला बेहोश हो गई।
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कानपुर में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (सीबीआई) के कराची खाना शाखा के लॉकरों से जेवरात चोरी होने के मामले सामने आने के बाद अब बैंक ऑफ इंडिया (बीओआई) की मालरोड मुख्य शाखा में लॉकर से जेवरात चोरी होने का मामला सामने आया है।
तीन साल बाद लॉकर ऑपरेट करने गई महिला को लॉकर खुला मिला। उंगली लगाते ही लॉकर खुल गया। लॉकर में रखे करीब 50 लाख के जेवर गायब देख महिला बेहोश हो गई। मौके पर बैंक के अफसर और पुलिस पहुंची। मामले में एफआईआर दर्ज की जा रही है।
लॉकर से सामान गायब होने की पुष्टि बैंक के जोनल मैनेजर नीरज तिवारी ने भी की है। मेघदूत होटल के पास रहने वाली देवी गोस्वामी का बैंक में सालों पुराना लॉकर है। इससे पहले उन्होंने 2019 में लॉकर ऑपरेट किया था। दोपहर में वो बैंक शाखा पहुंचीं। औपचारिकता पूरी करने के बाद चपरासी के साथ लॉकर ऑपरेट करने लॉकर रूम में गईं।
बताया गया कि जब उन्होंने लॉकर देखा तो वो खुला सा लग रहा था। इसके बाद बिना चाभी लगाए उंगली से ही लॉकर खुल गया। लॉकर के अंदर रखा सारा सामान गायब मिलने पर वो बेसुध हो गईं। हालांकि पहले बैंक प्रबंधन पूरे मामले को दबाए रहा। काफी देर तक देवी गोस्वामी के घर न पहुंचने पर इनके पति गोपी गोस्वामी इन्हें खोजते हुए शाखा पहुंचे। किसी तरह संभलने के बाद परिजनों को सूचना दी। इसके बाद इनका बेटा और अन्य लोग मौके पर पहुंचे। लाखों के जेवरात गायब होने से शाखा में भी हड़कंप मच गया। वहीं मामले की जांच के लिए डिप्टी जोनल मैनेजर और अन्य अधिकारी भी पहुंच गए। देररात तक पुलिस पीड़ित से पूछताछ कर रही थी।
बैंक वाले बोले- खुद लॉकर खुला छोड़कर चली गई होगी
बैंक ऑफ इंडिया की माल रोड शाखा के बैंक लॉकर से 50 लाख के जेवरात गायब होने के मामले में बैक कर्मचारियों और अफसरों की संवेदनहीनता भी देखने को मिली। दोपहर में मामला सामने आ गया था। इसके बाद भी बैंक कर्मचारियों ने पीड़ित देवी गोस्वामी के साथ सहयोग नहीं किया और न ही पुलिस को जानकारी दी।
इसके उलट महिला अफसर लॉकर से जुड़ा गेट बंद करके चली गई। बैंक कर्मचारियों ने कहा कि खुद ही लॉकर छोड़कर चली गई होगी। वहीं लॉकर रूम का गेट खुलने का पुलिस एक घंटे तक इंतजार करती रही। बाद में ताला खुलने पर जांच शुरू हुई।