फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jalaun News ›   Jalaun road accident, Bike collided with Nilgai, father and daughter died, wife and son injured

जालौन सड़क हादसा: हाईवे पर नीलगाय से टकराई बाइक, पिता -पुत्री की जान गई, पत्नी और बेटा घायल

Sun, 26 Mar 2023 09:21 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sun, 26 Mar 2023 09:21 PM IST
सार

Jalaun Accident: उरई कोतवाली क्षेत्र के बोहदपुरा के पास अचानक सामने आई नीलगाय से बाइक सवार टकरा गए। इस हादसे में पिता और पुत्री की मौत हो गई, जबकि पत्नी और बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए।

विज्ञापन
Jalaun road accident, Bike collided with Nilgai, father and daughter died, wife and son injured
मृतक जितेंद्र सिंह और राधा (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जालौन-उरई हाईवे पर बाइक सवार अचानक नील गाय के सामने आने से टकरा गए। हादसे में पिता-पुत्री की मौत हो गई और पत्नी व बेटा घायल हो गए। यह हादसा रविवार सुबह लगभग 10 बजे उरई कोतवाली क्षेत्र के बोहदपुरा के पास हुआ। पुलिस ने पुत्री का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

विज्ञापन

वहीं,परिजनों ने पिता का पोस्टमार्टम नहीं कराया है। बाइक चालक हेलमेट नहीं लगाए था। कुठौंद थाना क्षेत्र के एकों गांव निवासी जितेंद्र सिंह (43) रविवार को पत्नी लक्ष्मी (40), पुत्री राधा (11) और पुत्र लव (2) के साथ बाइक से किसी काम से उरई आ रहे थे।
विज्ञापन

उनकी बाइक जैसे ही उरई-जालौन हाइवे पर कोतवाली क्षेत्र के बोहदपुरा और कुकरगांव के बीच पहुंची तभी बाइक के सामने अचानक नीलगाय आ गई। इससे उनकी बाइक नीलगाय से टकरा गई। जिससे चारों सड़क पर उछलकर गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए।

विज्ञापन
विज्ञापन

मजदूरी से होता है परिवार का भरण पोषण
हादसे में पिता-पुत्री को अधिक चोटें आईं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने चारों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने पिता-पुत्री को मृत घोषित कर दिय। परिजनों ने बताया कि जितेंद्र की पांच पुत्री और एक पुत्र है। वह मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करता था।

लक्ष्मी के ऊपर टूटा दुखों का पहाड़
सड़क हादसे में पिता-पुत्री की मौत के बाद से जहां गांव में मातम पसरा है। वहीं, पिता का शव पहुंचते ही घर में मौजूद परिजनों में चीख-पुकार मच गई है। दंपति सुबह हंसी खुशी से घर से बच्चों के साथ निकले थे। वहीं घर में मौजूद अन्य बच्चों से शाम तक घर लौट आने का आश्वासन दे गए थे।

परिवार के सामने भरण पोषण की समस्या
किसी को क्या पता था कि वह अब घर लौटकर नहीं आएंगे। जितेंद्र मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करता था। पति की मौत हो जाने के बाद जहां पांच बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया वहीं मां लक्ष्मी पर बच्चों की परवरिश और उनके भरण पोषण की समस्या खड़ी हो गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed