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Jalaun News: खेतों में पानी भरने से किसानों की चिंता बढ़ी
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फोटो - 07 कालपी में बारिश के बाद मोहल्लों में भरा पानी। संवाद
- फोटो : 1
उरई/कालपी। बिजली की गड़गड़ाहट के साथ शनिवार को करीब एक घंटे हुई झमाझम बारिश से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली। वहीं कई खेतों में पानी भरने और तेज हवा से फसलें गिरने की सूचना है। किसानों ने तिली की फसल को सबसे अधिक नुकसान होने की बात कही है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार शनिवार को जालौन में अधिकतम तापमान करीब 33.2 डिग्री और न्यूनतम 26.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जिले के लिए मौसम विभाग के कृषि मौसम परामर्श में भी बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई थी।
कालपी क्षेत्र में दोपहर को अचानक मौसम बदला और तेज गड़गड़ाहट के साथ बारिश शुरू हो गई। करीब एक घंटे तक हुई बारिश से नगर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया। टरननगंज में छंगे आश्रम के पास नाले का पानी सड़क के ऊपर से बहने लगा। इससे राहगीरों को पानी के बीच से होकर निकलना पड़ा।
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तहसील क्षेत्र के संदी गांव के देवकीनंदन,संजय पटेल, आटा के अखिल तिवारी, धमना के राहुल यादव, बैरई के लालता प्रसाद ओमरे और हरमोहन सिंह यादव ने बताया कि खेतों में इस समय कई फसलें खड़ी हैं। बारिश का पानी खेतों में भरने और तेज हवाओं से फसलें गिरने लगी हैं। इससे पैदावार और गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है। किसानों ने बताया कि तिली की फसल को बारिश से खासा नुकसान हुआ है। उनका कहना है कि यदि बारिश का दौर जारी रहा तो बची फसलों को भी बचाना मुश्किल होगा।
कुछ फसलों के लिए बारिश फायदेमंद
कृषि विशेषज्ञ विस्टर जोशी के अनुसार सामान्य मात्रा में बारिश से खेतों में नमी बढ़ने से उन फसलों को फायदा हो सकता है जिन्हें इस समय पर्याप्त नमी की जरूरत है। लेकिन जिन खेतों में पानी निकासी की व्यवस्था नहीं है, वहां लगातार बारिश होने पर जलभराव फसलों की जड़ों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। विशेषकर पकने की ओर बढ़ रही तिली जैसी फसलों में नुकसान की आशंका रहती है।
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मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार शनिवार को जालौन में अधिकतम तापमान करीब 33.2 डिग्री और न्यूनतम 26.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जिले के लिए मौसम विभाग के कृषि मौसम परामर्श में भी बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई थी।
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कालपी क्षेत्र में दोपहर को अचानक मौसम बदला और तेज गड़गड़ाहट के साथ बारिश शुरू हो गई। करीब एक घंटे तक हुई बारिश से नगर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया। टरननगंज में छंगे आश्रम के पास नाले का पानी सड़क के ऊपर से बहने लगा। इससे राहगीरों को पानी के बीच से होकर निकलना पड़ा।
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तहसील क्षेत्र के संदी गांव के देवकीनंदन,संजय पटेल, आटा के अखिल तिवारी, धमना के राहुल यादव, बैरई के लालता प्रसाद ओमरे और हरमोहन सिंह यादव ने बताया कि खेतों में इस समय कई फसलें खड़ी हैं। बारिश का पानी खेतों में भरने और तेज हवाओं से फसलें गिरने लगी हैं। इससे पैदावार और गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है। किसानों ने बताया कि तिली की फसल को बारिश से खासा नुकसान हुआ है। उनका कहना है कि यदि बारिश का दौर जारी रहा तो बची फसलों को भी बचाना मुश्किल होगा।
कुछ फसलों के लिए बारिश फायदेमंद
कृषि विशेषज्ञ विस्टर जोशी के अनुसार सामान्य मात्रा में बारिश से खेतों में नमी बढ़ने से उन फसलों को फायदा हो सकता है जिन्हें इस समय पर्याप्त नमी की जरूरत है। लेकिन जिन खेतों में पानी निकासी की व्यवस्था नहीं है, वहां लगातार बारिश होने पर जलभराव फसलों की जड़ों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। विशेषकर पकने की ओर बढ़ रही तिली जैसी फसलों में नुकसान की आशंका रहती है।

फोटो - 07 कालपी में बारिश के बाद मोहल्लों में भरा पानी। संवाद- फोटो : 1