फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Israel Iran War Fear of war insurance premium increased by 30 percent exporters are not booking orders

Israel-Iran War: युद्ध का डर…30 प्रतिशत बढ़ा बीमा प्रीमियम, निर्यातक बुक नहीं कर रहे आर्डर, ये है स्थिति

Thu, 19 Jun 2025 02:23 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Thu, 19 Jun 2025 02:23 PM IST
सार

Kanpur News: कारोबारियों ने बताया कि युद्ध से सबसे तत्काल और गंभीर प्रभाव शिपिंग की बढ़ती लागत और समय सीमा पर आ गया है। बीमा कंपनियों ने 30 प्रतिशत तक प्रीमियम बढ़ा दिया है। इससे माल की लागत 30 प्रतिशत खुद ही बढ़ गई है।

विज्ञापन
Israel Iran War Fear of war insurance premium increased by 30 percent exporters are not booking orders
जाजमऊ लेदर इंडस्ट्रीज - फोटो : amar ujala

विस्तार

इस्राइल-ईरान युद्ध के बीच छिड़े युद्ध के बीच बीमा कंपनियों ने 30 प्रतिशत तक बीमा प्रीमियम को बढ़ा दिया है। इसका असर भी शुरू हो गया है। पूर्व में कानपुर के निर्यातकों ने सौ करोड़ के ऑर्डर रोक दिए थे, अब नए ऑर्डर भी नहीं बुक किए जा रहे हैं। इस्राइल को शहर से चमड़ा के उत्पाद, मशीनरी उत्पाद, डायमंड का पॉलिश और ईरान को अलग-अलग प्रकार के चारा फूड सप्लीमेंट और चमड़ा उत्पादों का निर्यात किया जाता है। बीमा रकम बढ़ने के साथ ही शिपिंग कंपनियों ने मालभाड़ा भी 15-20 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है। जानकारों का कहना है कि युद्ध से निर्यात मार्ग बदल गया है।

विज्ञापन

हवाई क्षेत्र बंद होने से मध्य एशिया के देशों में समुद्र मार्ग से जाना होगा। इससे निर्यात लागत बढ़ गई है। लाल सागर में हूती विद्रोहियों का भी संकट पहले से ही है। माल पहुंचने के दिन भी ज्यादा हो जाएंगे। कानपुर से इस्राइल को सालाना 500 करोड़ और ईरान को 200 करोड़ के उत्पाद निर्यात किए जाते हैं। वहीं, ईरान से खजूर, अलग-अलग के ड्राईफ्रूट आते हैं। यह गुजरात, मुंबई के पोर्ट में आने के बाद शहर पहुंचते हैं। दोनों देशों के बीच युद्ध लगातार बढ़ता जा रहा है। चर्म निर्यात परिषद के पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष ताज आलम ने बताया कि युद्ध से सबसे तत्काल और गंभीर प्रभाव शिपिंग की बढ़ती लागत और समय सीमा पर आ गया है।

विज्ञापन

सप्लाई चेन पर पड़ सकता है प्रभाव
बीमा कंपनियों ने 30 प्रतिशत तक प्रीमियम बढ़ा दिया है। इससे माल की लागत 30 प्रतिशत खुद ही बढ़ गई है। लाल सागर और स्वेज नहर के माध्यम से महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग के साथ अब एक उच्च जोखिम वाला क्षेत्र माना जाता है। प्रमुख शिपिंग लाइनें केप ऑफ गुड होप के आसपास जहाजों को फिर से शुरू कर देंगी, जिससे अनुमानित समय 14 से 20 दिन बढ़ जाएगा। इससे लॉजिस्टिक कॉस्ट और बढ़ने की संभावना है। निर्यातक वेट एंड वाच की स्थिति में हैं। युद्ध आगे और बढ़ा तो निर्यात उत्पादों की सप्लाई चेन पर प्रभाव पड़ सकता है।

विज्ञापन

ईरान में हवाई क्षेत्र बंद होने से बढ़ी समस्या
फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गनाइजेशन फियो के संयोजक आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि ईरान और आसपास के क्षेत्रों में हवाई क्षेत्र के बंद होने से एयरलाइन को यूरोप और अन्य पश्चिमी बाजारों में कार्गो शिपमेंट के लिए लंबे, अधिक महंगे मार्गों को अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इसके चलते हवाई और शिपिंग माल भाड़े में वृद्धि हो गई है। उन्होंने बताया कि तनाव का असर मिडिल ईस्ट के देशों तक ही सीमित है। अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीकी देशों में निर्यात किया जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed