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पुरानी कपलिंग और स्क्रू के सहारे दौड़ाई थी ट्रेन
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 22 Nov 2016 11:28 PM IST
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पुखरायां में हुए भीषण रेल दुघर्टना के पीछे रेलवे विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। आईआईटी के एक्सपर्ट की छानबीन से पता चला है कि पुरानी कपलिंग और स्क्रू के सहारे ट्रेन के डिब्बे दौड़ाए जा रहे थे। ट्रेन की दो बोगियों (एस-2 और बी-3) की बेरिंग भी खराब मिली है। इन डिब्बों का एलाइनमेंट सही नहीं था।
हादसे के बाद 21 नवंबर को आईआईटी कानपुर की एक टीम पुखरायां गई थी। आईआईटी के एक्सपर्ट का कहना है कि इंदौर-पटना एक्सप्रेस की बोगियों का रखरखाव बेहद खराब था। बोगियों के बेरिंग, कपलिंग, स्क्रू और पहिया सहित कई पुर्जे फेल पाए गए। एलाइनमेंट की गड़बड़ी भी मिली। इसकी वजह से आगे का डिब्बा सीधा तो उसके पीछे का डिब्बा हल्का टेढ़ा चल रहा था।
इसी कारण यात्री हिचकोले खाने की बात रहे थे। आईआईटी की प्रारंभिक छानबीन में ट्रेन की ज्यादातर बोगियां बेकार पाई गईं। ऐसा लगा कि लंबे समय से मेंटेनेंस नहीं हुआ है। बोगियां पुरानी हैं। आईआईटी के एक्सपर्ट ने रिपोर्ट बनाकर रेल मंत्रालय को भेजने का फैसला किया है। साथ ही कहा है कि अब जरूरत ट्रेन के डिब्बों का रखरखाव बढ़ाने की है। यही प्रारंभिक प्राथमिकता भी है।
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हादसे के बाद 21 नवंबर को आईआईटी कानपुर की एक टीम पुखरायां गई थी। आईआईटी के एक्सपर्ट का कहना है कि इंदौर-पटना एक्सप्रेस की बोगियों का रखरखाव बेहद खराब था। बोगियों के बेरिंग, कपलिंग, स्क्रू और पहिया सहित कई पुर्जे फेल पाए गए। एलाइनमेंट की गड़बड़ी भी मिली। इसकी वजह से आगे का डिब्बा सीधा तो उसके पीछे का डिब्बा हल्का टेढ़ा चल रहा था।
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इसी कारण यात्री हिचकोले खाने की बात रहे थे। आईआईटी की प्रारंभिक छानबीन में ट्रेन की ज्यादातर बोगियां बेकार पाई गईं। ऐसा लगा कि लंबे समय से मेंटेनेंस नहीं हुआ है। बोगियां पुरानी हैं। आईआईटी के एक्सपर्ट ने रिपोर्ट बनाकर रेल मंत्रालय को भेजने का फैसला किया है। साथ ही कहा है कि अब जरूरत ट्रेन के डिब्बों का रखरखाव बढ़ाने की है। यही प्रारंभिक प्राथमिकता भी है।
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