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Kanpur News: इंक्यूबेशन सेंटर बनकर तैयार, कम लागत में शुरू कर सकेंगे कारोबार
Wed, 19 Feb 2025 12:51 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Wed, 19 Feb 2025 12:51 AM IST
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आलमचंद्रपुर में इंक्यूबेशन सेंटर का भवन।
- फोटो : संवाद
कानपुर देहात। अकबरपुर के आलमचंद्रपुर में करीब एक करोड़ रुपये की लागत से इंक्यूबेशन बनकर तैयार है। यहां उद्यम को बढ़ावा देने के लिए कम लागत में कारोबार शुरू करने का प्रशिक्षण मिलेगा।
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नति योजना में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए बीते साल इंक्यूबेशन सेंटर की मंजूरी मिली थी। अकबरपुर के आलमचंद्रपुर स्थित उद्यान विभाग की नर्सरी परिसर में इंक्यूबेशन सेंटर बनाया गया है। इसका फायदा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं व खुद का कारोबार शुरू करने के इच्छुक युवाओं को मिलेगा। जल्द ही यहां मशीनें लगाए जाने की उम्मीद है।
हर साल करीब एक हजार से अधिक महिलाओं व युवाओं को प्रशिक्षण देकर कम लागत में अपना कारोबार शुरू कराने में मदद की जाएगी। कच्चा माल उपलब्ध होने और बाजार सुलभ होने के दृष्टिगत यहां बेकरी, दूध व पेठा से जुड़े उत्पाद निर्माण का प्रशिक्षण मिलेगा। इससे खुद का कारोबार करने को बढ़ावा मिलेगा।
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बिजली निगम ने सौंपा 44 लाख का इस्टीमेट
इंक्यूबेशन सेंटर में बेकरी, पेठा और दूध प्रसंस्करण यूनिट की मशीनें संचालित करने के लिए करीब 80 किलोवाट क्षमता का बिजली कनेक्शन लिया जाना है। इसके लिए मांगा गया इस्टीमेट बिजली निगम से देरी से दिया। इस्टीमेट में बिजली लाइन बनाने के लिए करीब 44 लाख रुपये की जरूरत बताई गई है। उद्यान विभाग ने शासन से यह बजट मांगा है।
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वर्जन.....
इंक्यूबेशन सेंटर में बिजली कनेक्शन के लिए बजट की मांग शासन से की गई है। बिजली कनेक्शन होने पर मशीनें संचालित हो सकेंगी। पहले मिल्क प्रोसेसिंग मशीन लगाई जाएगी। यहां प्रशिक्षण मिलेगा। उद्यमी प्रसंस्करण संबंधी कार्य कर सकेंगे। इससे कारोबारी लागत कम होगी। - बलदेव प्रसाद, जिला उद्यान अधिकारी कानपुर देहात
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पहले लगेगी मिल्क प्रोसेसिंग मशीनें
दिल्ली की कंपनी को यहां मशीनें लगाने की जिम्मेदारी दी गई है। बरेली समेत तीन जिलों में मशीनें पहुंच गई हैं। कानपुर देहात में पहले मिल्क प्रोसेसिंग मशीन लगेगी। विभागीय जानकारों का कहना है कि बजट की मंजूरी मिले तो बिजली कनेक्शन कराया जाए। बिना बिजली कनेक्शन के बिना मशीनें लग भी गई तो ट्रायल भी नहीं हो पाएगा।
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इस तरह काम करेगा इंक्यूबेशन सेंटर
यहां कारोबार शुरू करने के लिए जरूरी सलाह मिलेगी। बाजार में तैयार माल की खपत, प्रसंस्करण से बनाए उत्पाद की गुणवत्ता और कच्चे माल की उपलब्धता की जानकारी दी जाएगी। कारोबारी मशीनों की मदद से कच्चे माल से उत्पाद बना सकेंगे। इससे कारोबारी लागत घटेगी तो मुनाफा होगा।
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प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नति योजना में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए बीते साल इंक्यूबेशन सेंटर की मंजूरी मिली थी। अकबरपुर के आलमचंद्रपुर स्थित उद्यान विभाग की नर्सरी परिसर में इंक्यूबेशन सेंटर बनाया गया है। इसका फायदा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं व खुद का कारोबार शुरू करने के इच्छुक युवाओं को मिलेगा। जल्द ही यहां मशीनें लगाए जाने की उम्मीद है।
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हर साल करीब एक हजार से अधिक महिलाओं व युवाओं को प्रशिक्षण देकर कम लागत में अपना कारोबार शुरू कराने में मदद की जाएगी। कच्चा माल उपलब्ध होने और बाजार सुलभ होने के दृष्टिगत यहां बेकरी, दूध व पेठा से जुड़े उत्पाद निर्माण का प्रशिक्षण मिलेगा। इससे खुद का कारोबार करने को बढ़ावा मिलेगा।
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बिजली निगम ने सौंपा 44 लाख का इस्टीमेट
इंक्यूबेशन सेंटर में बेकरी, पेठा और दूध प्रसंस्करण यूनिट की मशीनें संचालित करने के लिए करीब 80 किलोवाट क्षमता का बिजली कनेक्शन लिया जाना है। इसके लिए मांगा गया इस्टीमेट बिजली निगम से देरी से दिया। इस्टीमेट में बिजली लाइन बनाने के लिए करीब 44 लाख रुपये की जरूरत बताई गई है। उद्यान विभाग ने शासन से यह बजट मांगा है।
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इंक्यूबेशन सेंटर में बिजली कनेक्शन के लिए बजट की मांग शासन से की गई है। बिजली कनेक्शन होने पर मशीनें संचालित हो सकेंगी। पहले मिल्क प्रोसेसिंग मशीन लगाई जाएगी। यहां प्रशिक्षण मिलेगा। उद्यमी प्रसंस्करण संबंधी कार्य कर सकेंगे। इससे कारोबारी लागत कम होगी। - बलदेव प्रसाद, जिला उद्यान अधिकारी कानपुर देहात
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पहले लगेगी मिल्क प्रोसेसिंग मशीनें
दिल्ली की कंपनी को यहां मशीनें लगाने की जिम्मेदारी दी गई है। बरेली समेत तीन जिलों में मशीनें पहुंच गई हैं। कानपुर देहात में पहले मिल्क प्रोसेसिंग मशीन लगेगी। विभागीय जानकारों का कहना है कि बजट की मंजूरी मिले तो बिजली कनेक्शन कराया जाए। बिना बिजली कनेक्शन के बिना मशीनें लग भी गई तो ट्रायल भी नहीं हो पाएगा।
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इस तरह काम करेगा इंक्यूबेशन सेंटर
यहां कारोबार शुरू करने के लिए जरूरी सलाह मिलेगी। बाजार में तैयार माल की खपत, प्रसंस्करण से बनाए उत्पाद की गुणवत्ता और कच्चे माल की उपलब्धता की जानकारी दी जाएगी। कारोबारी मशीनों की मदद से कच्चे माल से उत्पाद बना सकेंगे। इससे कारोबारी लागत घटेगी तो मुनाफा होगा।