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Kanpur News: ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर लोग बीमार, विभाग अंजान
Sat, 05 Oct 2024 02:33 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Sat, 05 Oct 2024 02:33 AM IST
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फोटो 24:::::
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। संक्रामक रोग इस समय तेजी से फैल रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश घरों में लोग बीमार हैं, लेकिन वह गांव या आसपास के कस्बों के झोलाछापों व निजी अस्पतालों में उपचार ले रहे हैं। डेंगू ने सबसे ज्यादा पैर इकदिल क्षेत्र में फैलाए हुए हैं। पीड़ित महिला को डेंगू वार्ड में भर्ती कराया गया है।
मौसम के बदलाव के साथ इस समय जिले में संक्रामक रोग फैलने लगे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में ही प्रतिदिन लगभग 1500 मरीज आ रहे हैं। इनमें से लगभग 50 से 60 फीसदी मरीज बुखार, खांसी, शरीर में दर्द, कमजोरी के हैं। डॉक्टर रोजाना 60 से 62 मलेरिया की जांचें और 14 से 15 डेंगू की किट से जांचें कराई जा रही हैं। इनमें से 25 सितंबर से लगभग प्रतिदिन दो डेंगू के पॉजिटव आ रहे हैं। वहीं मलेरिया के चार मरीज पॉजिटिव आ चुके हैं। उधर, ग्रामीण क्षेत्रों में तो लगभग हर घर में लोग बीमार हैं, लेकिन सीएचसी और जिला अस्पताल की दौड़ से बचने के लिए गांव के ही झोलाछापों या आसपास के निजी अस्पतालों में जांच करा रहे हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में निजी लैबें डेंगू और मलेरिया की पॉजिटिव रिपोर्ट दे रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग प्लेटलेट्स कम होने पर बाहर शहरों में इलाज कराने को मजबूर हैं।
इकदिल क्षेत्र में डेंगू सबसे ज्यादा प्रभावी
इकदिल कस्बे और आसपास के गांवों में डेंगू सबसे ज्यादा प्रभावी है। कस्बे के ही कई लोग निजी अस्पतालों की जांचों में डेंगू पॉजिटिव आ चुके हैं। कई लोगों ने बाहर से इलाज कराया है। उधर, इसी क्षेत्र के गांव ऊधनपुर निवासी किशोर पवन की डेंगू से शुक्रवार को मौत हो गई। वहीं इसी क्षेत्र के गांव नेवरपुर निवासी राममूर्ति (60) को भी जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में भर्ती कराया गया है। राममूर्ति के बेटे अनिल कुमार ने बताया कि चार दिन से बुखार आ रहा है। निजी लैब से जांच कराने में डेंगू की पुष्टि हुई है। माता जी की प्लेटलेट्स लगातार गिर रही थीं। शुक्रवार को 45 हजार प्लेटलेट्स रह गईं। इसलिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।
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इटावा। संक्रामक रोग इस समय तेजी से फैल रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश घरों में लोग बीमार हैं, लेकिन वह गांव या आसपास के कस्बों के झोलाछापों व निजी अस्पतालों में उपचार ले रहे हैं। डेंगू ने सबसे ज्यादा पैर इकदिल क्षेत्र में फैलाए हुए हैं। पीड़ित महिला को डेंगू वार्ड में भर्ती कराया गया है।
मौसम के बदलाव के साथ इस समय जिले में संक्रामक रोग फैलने लगे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में ही प्रतिदिन लगभग 1500 मरीज आ रहे हैं। इनमें से लगभग 50 से 60 फीसदी मरीज बुखार, खांसी, शरीर में दर्द, कमजोरी के हैं। डॉक्टर रोजाना 60 से 62 मलेरिया की जांचें और 14 से 15 डेंगू की किट से जांचें कराई जा रही हैं। इनमें से 25 सितंबर से लगभग प्रतिदिन दो डेंगू के पॉजिटव आ रहे हैं। वहीं मलेरिया के चार मरीज पॉजिटिव आ चुके हैं। उधर, ग्रामीण क्षेत्रों में तो लगभग हर घर में लोग बीमार हैं, लेकिन सीएचसी और जिला अस्पताल की दौड़ से बचने के लिए गांव के ही झोलाछापों या आसपास के निजी अस्पतालों में जांच करा रहे हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में निजी लैबें डेंगू और मलेरिया की पॉजिटिव रिपोर्ट दे रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग प्लेटलेट्स कम होने पर बाहर शहरों में इलाज कराने को मजबूर हैं।
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इकदिल क्षेत्र में डेंगू सबसे ज्यादा प्रभावी
इकदिल कस्बे और आसपास के गांवों में डेंगू सबसे ज्यादा प्रभावी है। कस्बे के ही कई लोग निजी अस्पतालों की जांचों में डेंगू पॉजिटिव आ चुके हैं। कई लोगों ने बाहर से इलाज कराया है। उधर, इसी क्षेत्र के गांव ऊधनपुर निवासी किशोर पवन की डेंगू से शुक्रवार को मौत हो गई। वहीं इसी क्षेत्र के गांव नेवरपुर निवासी राममूर्ति (60) को भी जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में भर्ती कराया गया है। राममूर्ति के बेटे अनिल कुमार ने बताया कि चार दिन से बुखार आ रहा है। निजी लैब से जांच कराने में डेंगू की पुष्टि हुई है। माता जी की प्लेटलेट्स लगातार गिर रही थीं। शुक्रवार को 45 हजार प्लेटलेट्स रह गईं। इसलिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।
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