मकर संक्रांति पर गंगा स्नान, दान का विशेष महत्व होता है। विद्वानों का कहना है कि 14 जनवरी की शाम 7:53 बजे सूर्यदेव मकर राशि में प्रवेश करेंगे। ऐसे में 15 जनवरी को उदया तिथि में स्नान, दान लाभकारी रहेगा। ज्योतिषाचार्य व पं. नरेंद्र दीक्षित के अनुसार इस दिन सूर्योदय से सूर्यास्त तक मकर संक्रांति रहेगी।
मकर संक्रांति: उदयातिथि में स्नान और राशिवार इन चीजों का दान दिलाएगा अक्षय पुण्य
मकर संक्रांति की पूजा विधि
मकर संक्रांति के दिन सुबह किसी नदी, तालाब शुद्ध जलाशय में स्नान करें। इसके बाद नए या साफ वस्त्र पहनकर सूर्य देवता की पूजा करें। चाहें तो पास के मंदिर भी जा सकते हैं। इसके बाद ब्राह्मणों, गरीबों को दान करें।
इस दिन दान में आटा, दाल, चावल, खिचड़ी और तिल के लड्डू विशेष रूप से लोगों को दिए जाते हैं। इसके बाद घर में प्रसाद ग्रहण करने से पहले आग में थोड़ा सा गुड़ और तिल डालें और अग्नि देवता को प्रणाम करें।
मकर संक्रांति में न करें ये गलतियां
- सूर्य को जल लोहे ,स्टील या प्लास्टिक के पात्र से मत दें।
- घर में कोई भी सदस्य कहीं भी मांसाहारी भोजन कदापि मत करे।
- शराब का सेवन घर का कोई भी सदस्य कहीं नहीं करेगा।
- धूम्रपान भी वर्जित है।
- घर पर बनने वाले भोजन में लहसुन और प्याज ना डालें। केवल खिचड़ी बनाएं और वही खाएं।
- भोजन बनने की जगह भोजन कदापि मत करें।
- पूरे दिन नए या एकदम साफ कपड़े धारण करें।गंदे कपड़े कदापि मत पहनें।
- प्रयास करें कि असत्य मत बोलें।
- ब्रम्हचर्य का पालन आवश्यक है।
- किसी की निन्दा कदापि मत करें।
- यदि आपने भगवान सूर्य से कभी कुछ मांगा है तो वह पूजा इस संक्रांति पर न करने से समस्या आ सकती है।