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छोटे शहरों में स्टार्टअप शुरू करेगा आईआईटी कानपुर
Mon, 21 Jan 2019 01:55 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 21 Jan 2019 01:55 PM IST
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आईआईटी कानपुर प्रशासन ने देश के छोटे-छोटे शहरों में स्टार्टअप को प्रमोट करने का फैसला लिया है। ज्यादा से ज्यादा युवाओं को स्टार्टअप शुरू करवाया जाएगा। इसके लिए उन्हें तकनीकी गाइडेंस के साथ स्टार्टअप शुरू करने के लिए फंड (आर्थिक अनुदान) भी दिया जाएगा।
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रविवार को यह जानकारी आईआईटी में आयोजित प्रेस वार्ता में सिडबी इनोवेशन एंड इंक्यूबेशन सेंटर के प्रभारी प्रो. अमिताभ बंदोपाध्याय, एसबीईआरटीसी के प्रभारी प्रो. बीवी फड़ी, टाई यूपी के प्रेसिडेंट अमित तिवारी ने दी। बताया कि दो फरवरी को शुरू होने वाले कार्यक्रम में कोई भी शामिल हो सकता है।
इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक छात्र-छात्राएं या अन्य किसी भी आयु वर्ग से जुड़े लोग एक फरवरी तक www.startupmasterclass.in पर आवेदन कर सकते हैं। बताया कि छोटे-छोटे शहरों में स्टार्टअप को प्रमोट करने के लिए विभिन्न कार्यशालाओं का भी आयोजन किया जाएगा ताकि ज्यादा से ज्यादा छात्रों का रुझान स्टार्टअप की ओर बढ़ सके। प्रेसवार्ता में प्रोग्राम हेड स्टूडेंट अमन गुप्ता और ई-सेल के प्रभारी पार्थ छबरवाल भी रहे।
इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक छात्र-छात्राएं या अन्य किसी भी आयु वर्ग से जुड़े लोग एक फरवरी तक www.startupmasterclass.in पर आवेदन कर सकते हैं। बताया कि छोटे-छोटे शहरों में स्टार्टअप को प्रमोट करने के लिए विभिन्न कार्यशालाओं का भी आयोजन किया जाएगा ताकि ज्यादा से ज्यादा छात्रों का रुझान स्टार्टअप की ओर बढ़ सके। प्रेसवार्ता में प्रोग्राम हेड स्टूडेंट अमन गुप्ता और ई-सेल के प्रभारी पार्थ छबरवाल भी रहे।
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इन मुद्दों पर संवाद करेंगे देशभर के विशेषज्ञ
साइबर सिक्योरिटी, एग्री टेक, मेडी टेक, डिफेंस एंड एयरोस्पेस, फ्यूचर ऑफ ट्रांसपोर्टेशन
ये प्रमुख हस्तियां होंगी शामिल
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल, केंद्र सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. विजय कुमार राघवन, नीति आयोग के डिप्टी चेयरमैन राजीव कुमार या सीईओ अमिताभ कांत, डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (डीएसटी) के सचिव प्रो. आशुतोष शर्मा, इंडियन एंजल नेटवर्क के फाउंडर सौरभ श्रीवास्तव, वेंचर कैटेलिस्ट के को-फाउंडर और प्रेसिडेंट डॉ. अपूर्व रंजन शर्मा, केंद्र सरकार के साइबर सिक्योरिटी सलाहकार बालाजी वेंकटेश्वर, आईएएस अनिल श्रीवास्तव, रूमन टेक्नोलॉजी के सीईओ मनीष, डिफेंस सेक्रेटरी आलोक कुमार, अमेरिका के सिलिकॉन वैली से दीपक भगत मास्टर क्लास में शामिल होंगे।
साइबर सिक्योरिटी, एग्री टेक, मेडी टेक, डिफेंस एंड एयरोस्पेस, फ्यूचर ऑफ ट्रांसपोर्टेशन
ये प्रमुख हस्तियां होंगी शामिल
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल, केंद्र सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. विजय कुमार राघवन, नीति आयोग के डिप्टी चेयरमैन राजीव कुमार या सीईओ अमिताभ कांत, डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (डीएसटी) के सचिव प्रो. आशुतोष शर्मा, इंडियन एंजल नेटवर्क के फाउंडर सौरभ श्रीवास्तव, वेंचर कैटेलिस्ट के को-फाउंडर और प्रेसिडेंट डॉ. अपूर्व रंजन शर्मा, केंद्र सरकार के साइबर सिक्योरिटी सलाहकार बालाजी वेंकटेश्वर, आईएएस अनिल श्रीवास्तव, रूमन टेक्नोलॉजी के सीईओ मनीष, डिफेंस सेक्रेटरी आलोक कुमार, अमेरिका के सिलिकॉन वैली से दीपक भगत मास्टर क्लास में शामिल होंगे।
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कई विषयों पर होंगी कार्यशालाएं
एमएमसी के कार्यक्रम प्रभारी और टाई यूपी के प्रेसिडेंट अमित तिवारी ने बताया कि दो दिनों तक चलने वाली इस मास्टर क्लास में कई विषयों पर कार्यशालाएं भी आयोजित होंगी। इसमें कॉलेज और स्कूल के छात्र-छात्राएं हिस्सा ले सकते हैं। इसके विषय ब्लॉक चेन, साइबर सिक्योरिटी, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस एंड मशीन लर्निंग और फंड रेजिंग हैं।
एमएमसी के कार्यक्रम प्रभारी और टाई यूपी के प्रेसिडेंट अमित तिवारी ने बताया कि दो दिनों तक चलने वाली इस मास्टर क्लास में कई विषयों पर कार्यशालाएं भी आयोजित होंगी। इसमें कॉलेज और स्कूल के छात्र-छात्राएं हिस्सा ले सकते हैं। इसके विषय ब्लॉक चेन, साइबर सिक्योरिटी, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस एंड मशीन लर्निंग और फंड रेजिंग हैं।
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समस्याएं दूर कर पाएं लाखों के इनाम
प्रो. अमिताभ बंदोपाध्याय ने बताया कि डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (डीएसटी) और ईईएसएल ने समाज से जुड़ीं 25 विभिन्न समस्याओं को चिह्नित किया है। इन्हें दूर करने वालों को लाखों का इनाम दिया जाएगा और उन्हें स्टार्टअप शुरू करने के लिए डीएसटी की तरफ से आर्थिक मदद भी दी जाएगी।
कई गंभीर बीमारियों का इलाज ढूंढ रहा आईआईटी
प्रो. अमिताभ बंदोपाध्याय ने बताया कि आईआईटी के विशेषज्ञ और छात्र मेडिकल के क्षेत्र में काफी शोध कार्य कर रहे हैं। विभिन्न मेडिकल संस्थानों के विशेषज्ञों के साथ मिलकर सर्वाइकल कैंसर, डेंगू सहित अन्य बीमारियों का इलाज और तकनीक के माध्यम से इसके इलाज को सरल बनाने में जुटे हैं।
दो छात्रों को सर्वाइकल कैंसर के इलाज के लिए तकनीक तैयार करने के लिए 44 लाख, एक प्रोफेसर को 50 लाख, डेंगू किट तैयार करने के लिए एक विशेषज्ञ को 50 लाख रुपये की धनराशि दी जा चुकी है।
प्रो. अमिताभ बंदोपाध्याय ने बताया कि डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (डीएसटी) और ईईएसएल ने समाज से जुड़ीं 25 विभिन्न समस्याओं को चिह्नित किया है। इन्हें दूर करने वालों को लाखों का इनाम दिया जाएगा और उन्हें स्टार्टअप शुरू करने के लिए डीएसटी की तरफ से आर्थिक मदद भी दी जाएगी।
कई गंभीर बीमारियों का इलाज ढूंढ रहा आईआईटी
प्रो. अमिताभ बंदोपाध्याय ने बताया कि आईआईटी के विशेषज्ञ और छात्र मेडिकल के क्षेत्र में काफी शोध कार्य कर रहे हैं। विभिन्न मेडिकल संस्थानों के विशेषज्ञों के साथ मिलकर सर्वाइकल कैंसर, डेंगू सहित अन्य बीमारियों का इलाज और तकनीक के माध्यम से इसके इलाज को सरल बनाने में जुटे हैं।
दो छात्रों को सर्वाइकल कैंसर के इलाज के लिए तकनीक तैयार करने के लिए 44 लाख, एक प्रोफेसर को 50 लाख, डेंगू किट तैयार करने के लिए एक विशेषज्ञ को 50 लाख रुपये की धनराशि दी जा चुकी है।