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कैफियात एक्सप्रेस हादसे में यूं बची यात्रियों की जान, इन दो बड़ें फैक्टर ने किया काम

Thu, 24 Aug 2017 08:28 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Thu, 24 Aug 2017 08:28 AM IST
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How passenger survive in kaifiyat express derailed in auriya
डंपर के साथ टकराई कैफियत एक्सप्रेस
गनीमत रही कि औरैया में हुए ट्रेन हादसे में यात्रियों की जान-माल का नुकसान नहीं हुआ, जबकि हादसा बेहद भीषण था। हादसे के दौरान ट्रेन के 12 डिब्बे बेपटरी हो गए थे जिसमें 82 लोग घायल हुए जबकि 14 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। 23 अगस्त तड़के 2:50 बजे पाता-अछल्दा के बीच हुए इस हादसे में यात्रियों की जान कैसे बच गई ये सोचने वाली बात है। इस पर कुछ तथ्य सामने निकलकर आए हैं। 
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... तो औरैया रेल हादसे में ऐसे बच गई यात्रियों की जान

How passenger survive in kaifiyat express derailed in auriya
कैफियात एक्सप्रेस कोच के पास क्षतिग्रस्त डंपर
- एडवांस पेन्युमेटिक डिस्क ब्रेक सिस्टम से लैस थी बोगियां।
- अचानक ब्रेक लगने व दुर्घटना के समय एक दूसरे के ऊपर नहीं चढ़ते ये कोच।

- 107 किलोमीटर प्रति घंटा थी ट्रेन की रफ्तार।  
- इस दौरान ट्रेन रेलवे स्टेशन पाता से गुजरी।
- पाता स्टेशन से 8 K.m आगे करीब 2:50 बजे खंभा संख्या 1114/16 पार कर आगे बढ़ी थी कि वीरपुर गांव के पास रेलवे फ्रेट कॉरिडोर योजना की साइट पर एक मिट्टी भरा डंपर रेलवे ट्रैक पर पलटा दिखा।

- यह देख ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेक लगाया।
- गति अधिक होने के कैफियात एक्सप्रेस का इंजन डंपर से टकरा गया।
- इससे बोगियां बिखर गईं। इंजन के पीछे लगा एक ब्रेक यान, चार जनरल कोच एवं पांच एसी कोच रेलवे ट्रैक से उतर गए। एक जनरल कोच पलट गया, एक और अन्य जनरल कोच ट्रैक के किनारे खड्ड में लटक गया।
- ट्रेन के कोच को नहीं पहुंचा ज्यादा नुकसान।
 

 

 

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हादसे के बाद भगवान का नाम जपने लगे थे यात्री

How passenger survive in kaifiyat express derailed in auriya
कैफियात एक्सप्रेस हादसे के बाद मौके पर सुबह का ये रहा आलम
- तेज धमाके से गहरी नींद में सो रहे यात्रियों में चीख मच गई।
- सवा तीन बजे यूपी 100 को यात्रियों ने सूचना दी।
- सूचना के कुछ देर बाद यूपी 100 के साथ एंबुलेंस पहुंची। धमाके की आवाज सुनकर ग्रामीण भी पहुंचे और बचाव कार्य शुरू हुआ।

- यात्री भी अपनों को बचाने में जुट गए। लगभग चार बजे से प्रशासन की ओर से बचाव कार्य पूरी तरह से शुरू कर दिया गया।

 

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How passenger survive in kaifiyat express derailed in auriya
औरैया में बेपटरी हुए कैफियत एक्स्प्रेस के कोच व इंजन - फोटो : अमर उजाला
- आरपीएफ, जीआरपी, यूपी 100 एवं एंबुलेंस की टीमों ने यात्रियों की मदद से घायलों को बाहर निकाला। 81 घायलों को अछल्दा सीएचसी लाया गया। यहां से 33 घायलों को सैफई मिनी पीजीआई, चार को इटावा जिला अस्पताल, 22 को औरैया जिला अस्पताल, आठ को सौ शैय्या और 19 को अछल्दा सीएचसी में भर्ती किया गया। इसमें 12 गंभीर सैफई मिनी पीजीआई और दो को इटावा जिला अस्पताल में भर्ती हैं।

 

How passenger survive in kaifiyat express derailed in auriya
कैफियत एक्सप्रेस हादसे के बाद यात्री और ग्रामीणों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला
- हादसे का मंजर सोच, कांप उठे यात्री, जनरल का एक कोच जमीन में पलट गया, कूदकर निकले यात्री
- अस्पताल में भी बदहवास दिखे यात्री भगवान का नाम जपते दिखे।
- दिल्ली-हावड़ा रूट पर हुए रेल हादसे में घायल यात्री अस्पताल में ही भगवान का नाम जप रहे थे। आंखों में हादसे का मंजर तैर रहा था। सोचते ही कंपकंपी छूट जाती थी। यात्री बताते हैं कि उस समय सभी सो रहे थे और जैसे ही तेज झटके की आवाज लगी वैसे ही चीख पुकार मच गई। 
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