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हाईकोर्ट हुआ सख्त तो सीजेएम ने खारिज किया मुकदमा, पांच माह से दे रहे थे तारीख

Sat, 12 Feb 2022 01:30 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 12 Feb 2022 01:30 AM IST
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High Court got strict then CJM dismissed the case, was giving date for five months
कानपुर देहात। मारपीट के मामले में समझौता होने के बाद हाईकोर्ट ने मुकदमा निस्तारित करने के आदेश सीजेएम को दिए थे। इसके बाद भी पांच माह तक पीड़ित को मुकदमे में तारीख दी गई।
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इससे परेशान होकर पीड़ित ने हाईकोर्ट में अवमानना वाद दाखिल किया। इस हाईकोर्ट ने नाराजगी जाहिर कर सीजेएम से 14 फरवरी तक जवाब मांगा है। नोटिस आते ही सीजेएम ने मामले को तत्काल निस्तारित कर दिया।
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मूसानगर क्षेत्र में छह वर्ष पहले शामली के मुजफ्फर नगर निवासी मोहम्मद यूसुफ ने दिल्ली के विपुल गुप्ता व प्रवीण गुप्ता पर मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचना के बाद पुलिस ने विपुल गुप्ता के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय भेजा था। मामले की सुनवाई सीजेएम शिवानंद की अदालत में चल रही थी।
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इसी बीच यूसुफ और विपुल के बीच समझौता हो गया। इस पर उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर मुकदमा खत्म करने की मांग की। हाईकोर्ट ने नौ सितंबर 2021 को मुकदमा निस्तारित करने का आदेश कर दिया।
विपुल के अधिवक्ता काजी अफजल जुनैद ने बताया कि दिल्ली का रहने वाला विपुल पांच माह से लगातार सीजेएम कोर्ट के चक्कर काट रहा है। हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद मुकदमा खत्म करने के बजाय तकनीकी खामी बता हर बार उसे तारीख दी जा रही थी।
हाईकोर्ट के आदेश का पालन न करने पर विपुल ने सीजेएम के खिलाफ अवमानना वाद दाखिल कर दिया। इसमें सुनवाई के बाद कोर्ट ने सीजेएम को नोटिस जारी कर पूछा कि अवमानना के लिए उन्हें क्यों न दंडित किया जाए।

गुरुवार को हाईकोर्ट में अवमानना मामले की सुनवाई थी जबकि सीजेएम कोर्ट में मारपीट के मामले की सुनवाई होनी थी। आरोपी कोर्ट में हाजिर नहीं हो सका। इसके बाद भी मामले को निस्तारित कर दिया गया। शुक्रवार को मुकदमा निस्तारित होने के आदेश की प्रति बचाव पक्ष के अधिवक्ता को दी गई।
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