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अब तक 31: 22 के दाएं और 9 के बाएं, जानिए आखिर क्यों लगाया जा रहा घुटने के नीचे मांस पर ही निशाना

Wed, 16 Jan 2019 03:26 PM IST
gaurav gaurav यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: gaurav gaurav Updated Wed, 16 Jan 2019 03:26 PM IST
सार

- पुलिस का अचूक निशाना, मुठभेड़ में घुटने के नीचे मांस पर ही लग रही गोली                 
- 15 अक्तूबर 2018 से 14 जनवरी तक हुईं 31 मुठभेड़
- मुठभेड़ से कम हुआ अपराध का ग्राफ, कई बदमाश खुद ही पहुंचे सलाखों के पीछे

Half encounter By kanpur police
डेमो
कानपुर पुलिस का निशाना अचूक है। मुठभेड़ रात के अंधेरे में हो या फिर भोर मेें, पुलिस की गोली एकदम तय जगह घुटने के नीचे मांस में ही धंसती है। इससे न तो बदमाश की जान का खतरा रहता है और न लूला-लंगड़ा होने का। 15 अक्तूबर 2018 से 14 जनवरी तक 31 मुठभेड़ हुईं। इनमें 22 बदमाशों के दाएं और नौ के बाएं पैर में घुटने के नीचे गूदे (मांस) में गोली लगीं। एक भी बदमाश की हड्डी में गोली नहीं लगी। क्यों, कहीं गूदे में नाल धरके तो गोली नहीं दागी जा रही। खैर, मामला कुछ भी हो लेकिन अपराध के ग्राफ में गिरावट जरूर आई है।

 
Half encounter By kanpur police
डेमो
पैर में बोरा बांधकर मारी जा रही गोली
बदमाश के पैर में गोली मारने के लिए पुलिस हर वह जुगाड़ कर रही है, जिससे बदमाश को ज्यादा नुकसान न हो। कहा जा रहा गोली की रफ्तार और मार को कम करने के लिए बदमाशों के पैर मेें गीला बोरा बांधा जाता है, इसके बाद गोली मारी जाती है। 
Half encounter By kanpur police
डेमो
मांस का घाव जल्द भर जाता है
मुठभेड़ में घायल बदमाशों में ज्यादातर का मेडिकल करने वाले एक डॉक्टर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पुलिस बदमाशों के घुटने के नीचे गूदे में गोली मार रही है। इसमें दो से ढाई इंच का गहरा घाव ही दे रही है। मेडिकल के दौरान देखा गया कि पुलिस की गोली किसी भी बदमाश के पैर की हड्डी तक नहीं पहुंची। इससे बदमाश का घाव कुछ समय बाद भर जाएगा। पैर की हड्डी में गोली लगे तो हो सकता है बदमाश पूरी उम्र ठीक से न चल पाए। 
 
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Half encounter By kanpur police
डेमो
कुर्सी बचाने को दे रहे पैसा और भरोसा
खुद की कुर्सी बचाने के लिए भी थानेदार मुठभेड़ कर रहे हैं। सूत्रों की मानें तो हर थानेदार को टारगेट दिया गया है। इसके चलते बदमाशों से सेटिंग तक की जा रही है। कुछ थानेदारों ने बदमाशों को पैसा देने के साथ ही आगे परेशान न करने की बात कही है। इतना ही नहीं उनकी जमानत का भी भरोसा दिया गया है। अब तक की मुठभेड़ों में पकड़े गए कुछ बदमाशों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि गोली मारने से पहले ही थानेदारों ने पूरी सेटिंग कर ली थी। जमानत होने तक परिवार को हर माह खर्च भी देने की बात कही है। इसलिए वे मुठभेड़ में गोली खाने को तैयार हो गए।
Half encounter By kanpur police
डेमो
खर्च कम करने को मुठभेड़ में पड़ोसी थाना भी शामिल
मुठभेड़ के लिए बदमाशों से सेटिंग के लिए थानेदारों को मोटा खर्च उठाना पड़ रहा है। ऐसे में कुछ थानेदार खर्च कम करने के लिए पड़ोसी थानेदारों से मिलकर मुठभेड़ को अंजाम दे रहे हैं। अब तक की मुठभेड़ में कुछ ऐसे भी मामले सामने आए है, जिसमें एक ही थानेदार के गुडवर्क को दो थानों की पुलिस ने मिलकर अंजाम दिया।
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