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मोदी कैबिनेट का विस्तार: श्रीप्रकाश के बाद कानपुर को नहीं मिला केंद्र में प्रतिनिधित्व, क्या भोले और पचौरी को मिलेगा मौका?
Tue, 06 Jul 2021 10:59 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 06 Jul 2021 10:59 PM IST
सार
वर्ष 2014 में यहां से डॉ. मुरली मनोहर जोशी भाजपा के सांसद चुने गए। केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह न मिलने के पीछे उनकी उम्र को कारण बताया गया। वर्ष 2019 के चुनाव में उनकी जगह योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे सत्यदेव पचौरी भाजपा सांसद बने, तो भोले देहात से दूसरी बार चुने गए।
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सांसद देवेंद्र सिंह भोले और सत्यदेव पचौरी
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
कांग्रेस के नेतृत्व वाली संप्रग (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) की सरकार में लगातार 10 वर्ष तक केंद्रीय मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व मिलने के बाद करीब आठ साल से कानपुर इससे वंचित है। बुधवार को होने वाले केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार में कानपुर नगर और देहात के भाजपा सांसदों के नाम को लेकर चर्चा तेज है।
इसकी वजह यह कि सांसद देवेंद्र सिंह भोले और सत्यदेव पचौरी को दिल्ली बुलाया गया है। कांग्रेस सरकार में श्रीप्रकाश जायसवाल दो बार केंद्रीय मंत्री के रूप में कानपुर का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। संप्रग की पहली पारी में वह गृह राज्यमंत्री और दूसरी में कोयला मंत्री रहे।
वर्ष 2014 में यहां से डॉ. मुरली मनोहर जोशी भाजपा के सांसद चुने गए। केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह न मिलने के पीछे उनकी उम्र को कारण बताया गया। वर्ष 2019 के चुनाव में उनकी जगह योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे सत्यदेव पचौरी भाजपा सांसद बने, तो भोले देहात से दूसरी बार चुने गए।
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राज्य सरकार में मंत्री पद छोड़कर सांसद चुने जाने पर माना जा रहा था कि पचौरी को केंद्रीय राज्यमंत्री के रूप में कोई न कोई पद मिलेगा, लेकिन यह संभव न हुआ। अब मोदी सरकार की दूसरी पारी का आधा कार्यकाल बीतने के बाद शहर और देहात के सांसदों को दिल्ली बुलाने से एक बार फिर यह चर्चा तेज हुई है। इनके समर्थकों का दावा है कि दोनों को ही मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। हालांकि, रात तक इसकी पुष्टि करने की स्थिति में कोई भी नहीं रहा।
केंद्रीय मंत्रिमंडल में कानपुर
- सुशीला रोहतगी, कांग्रेस सरकार में उप वित्तमंत्री रहीं।
- आरिफ मोहम्मद खान, लगातार 10 साल कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे।
- श्रीप्रकाश जायसवाल, लगातार 10 साल कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे।
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इसकी वजह यह कि सांसद देवेंद्र सिंह भोले और सत्यदेव पचौरी को दिल्ली बुलाया गया है। कांग्रेस सरकार में श्रीप्रकाश जायसवाल दो बार केंद्रीय मंत्री के रूप में कानपुर का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। संप्रग की पहली पारी में वह गृह राज्यमंत्री और दूसरी में कोयला मंत्री रहे।
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वर्ष 2014 में यहां से डॉ. मुरली मनोहर जोशी भाजपा के सांसद चुने गए। केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह न मिलने के पीछे उनकी उम्र को कारण बताया गया। वर्ष 2019 के चुनाव में उनकी जगह योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे सत्यदेव पचौरी भाजपा सांसद बने, तो भोले देहात से दूसरी बार चुने गए।
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राज्य सरकार में मंत्री पद छोड़कर सांसद चुने जाने पर माना जा रहा था कि पचौरी को केंद्रीय राज्यमंत्री के रूप में कोई न कोई पद मिलेगा, लेकिन यह संभव न हुआ। अब मोदी सरकार की दूसरी पारी का आधा कार्यकाल बीतने के बाद शहर और देहात के सांसदों को दिल्ली बुलाने से एक बार फिर यह चर्चा तेज हुई है। इनके समर्थकों का दावा है कि दोनों को ही मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। हालांकि, रात तक इसकी पुष्टि करने की स्थिति में कोई भी नहीं रहा।
केंद्रीय मंत्रिमंडल में कानपुर
- सुशीला रोहतगी, कांग्रेस सरकार में उप वित्तमंत्री रहीं।
- आरिफ मोहम्मद खान, लगातार 10 साल कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे।
- श्रीप्रकाश जायसवाल, लगातार 10 साल कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे।