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एक्सक्लूसिव: बीआईसी नहीं दे रहा भूमिगत मेट्रो स्टेशन का काम शुरु करने के लिए एनओसी, काम अटका
Mon, 25 Oct 2021 04:07 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 25 Oct 2021 04:07 PM IST
सार
बीआईसी की जमीन से भूमिगत मेट्रो के लिए टनल बनाने की शुरुआत करने की योजना थी। इसके लिए बीआईसी की एनओसी की जरूरत है।
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कानपुर में तैयार मेट्रो स्टेशन
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
कानपुर मेट्रो की खातिर भूमिगत ट्रैक बिछाने और स्टेशन निर्माण के लिए बीआईसी (ब्रिटिश इंडिया कारपोरेशन) ने अभी तक मकरावटगंज स्थित अपनी जमीन की एनओसी नहीं दी है। कपड़ा मंत्रालय तक पैरवी करने के बाद भी एनओसी न मिलने से काम पिछड़ रहा है।
इस वजह से उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कारपोरेशन (यूपीएमआरसी) अब नरोना चौराहे से भूमिगत मेट्रो के लिए टनल बनाने का काम शुरू करेगा। यूपीएमआरसी कॉरिडोर-1 के पहले फेज में आईआईटी से मोतीझील, बृजेंद्र स्वरूप पार्क होते हुए सीसामऊ नाले तक एलीवेटेड मेट्रो का निर्माण करा रहा है।
काम अंतिम चरण में है। फेज-2 में सीसामऊ नाले के बाद मकराटगंज में बीआईसी की जमीन से भूमिगत मेट्रो के लिए टनल बनाने की शुरुआत करने की योजना थी। इसके लिए बीआईसी की एनओसी की जरूरत है। एनओसी के लिए यूपीएमआरसी और शासन की ओर से कपड़ा मंत्रालय को पत्र लिखे गए। पैरवी भी की गई पर एनओसी नहीं मिली।
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इस वजह से उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कारपोरेशन (यूपीएमआरसी) अब नरोना चौराहे से भूमिगत मेट्रो के लिए टनल बनाने का काम शुरू करेगा। यूपीएमआरसी कॉरिडोर-1 के पहले फेज में आईआईटी से मोतीझील, बृजेंद्र स्वरूप पार्क होते हुए सीसामऊ नाले तक एलीवेटेड मेट्रो का निर्माण करा रहा है।
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काम अंतिम चरण में है। फेज-2 में सीसामऊ नाले के बाद मकराटगंज में बीआईसी की जमीन से भूमिगत मेट्रो के लिए टनल बनाने की शुरुआत करने की योजना थी। इसके लिए बीआईसी की एनओसी की जरूरत है। एनओसी के लिए यूपीएमआरसी और शासन की ओर से कपड़ा मंत्रालय को पत्र लिखे गए। पैरवी भी की गई पर एनओसी नहीं मिली।
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यूपीएमआरसी के एमडी कुमार केशव हर बार आकर जल्द बीआईसी की एनओसी मिलने का दावा करते रहे, पर स्थिति जस की तस है। इस वजह से यूपीएमआरसी ने टनल बनाने की योजना में बदलाव किया है। यूपीएमआरसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि अब नरोना चौराहे से टनल बनाई जाएगी।
नरोना चौराहे से ट्रांसपोर्ट नगर चौराहे तक के टेंडरों का अध्ययन
कॉरिडोर एक के फेज-3 में नरोना चौराहे से ट्रांसपोर्ट नगर चौराहे तक तीन भूमिगत मेट्रो स्टेशन और टनल बननी है। इस काम के लिए टेंडर पड़ गए हैं। यूपीएमआरसी टेक्निकल बिड का अध्ययन कर रहा है। इसमें जिन ठेकेदार कंपनियों के टेंडरों की क्लीनचिट मिलेगी, उनकी फाइनेंशियल बिड खोलने के बाद कार्यादेश जारी किया जाएगा। यह काम नए साल में शुरू होना है। फेज-4 में ट्रांसपोर्ट नगर के आगे से नौबस्ता तक एलिवेटेड मेट्रो चलेगी। इसके निर्माण की टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है।
कॉरिडोर-2 में सीएसए से बर्रा-8 तक सर्वे
कॉरिडोर-2 के तहत सीएसए से बर्रा-8 तक मेट्रो के लिए सर्वे कार्य अंतिम चरण में है। अगले साल से इस कॉरिडोर का निर्माण भी शुरू कराने और 2024 तक दोनों कॉरिडोर में मेट्रो ट्रेन चलाने की तैयारी है।
नरोना चौराहे से ट्रांसपोर्ट नगर चौराहे तक के टेंडरों का अध्ययन
कॉरिडोर एक के फेज-3 में नरोना चौराहे से ट्रांसपोर्ट नगर चौराहे तक तीन भूमिगत मेट्रो स्टेशन और टनल बननी है। इस काम के लिए टेंडर पड़ गए हैं। यूपीएमआरसी टेक्निकल बिड का अध्ययन कर रहा है। इसमें जिन ठेकेदार कंपनियों के टेंडरों की क्लीनचिट मिलेगी, उनकी फाइनेंशियल बिड खोलने के बाद कार्यादेश जारी किया जाएगा। यह काम नए साल में शुरू होना है। फेज-4 में ट्रांसपोर्ट नगर के आगे से नौबस्ता तक एलिवेटेड मेट्रो चलेगी। इसके निर्माण की टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है।
कॉरिडोर-2 में सीएसए से बर्रा-8 तक सर्वे
कॉरिडोर-2 के तहत सीएसए से बर्रा-8 तक मेट्रो के लिए सर्वे कार्य अंतिम चरण में है। अगले साल से इस कॉरिडोर का निर्माण भी शुरू कराने और 2024 तक दोनों कॉरिडोर में मेट्रो ट्रेन चलाने की तैयारी है।