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कोरोना की दवा खोजने में जुटे चित्रकूट के डॉ. सत्यम, स्विट्जरलैंड के लॉजेन विवि में जारी हैं कोशिशें
Thu, 26 Mar 2020 04:14 PM IST
शिखा पांडेय
सुधीर अग्रवाल, अमर उजाला, चित्रकूट
सुधीर अग्रवाल, अमर उजाला, चित्रकूट
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 26 Mar 2020 04:14 PM IST
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कोरोना की दवा खोजने में जुटे चित्रकूट के डॉ. सत्यम
- फोटो : अमर उजाला
कोरोना वायरस के उपचार और बचाव की दवा तैयार करने की कोशिशें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेज हैं। इस बीच चित्रकूट के चिकित्सक डॉ. सत्यम तिवारी स्विट्जरलैंड में कोरोना से बचाव की दवा खोजने के लिए प्रयासरत हैं।
चित्रकूट जिले के शिवरामपुर निवासी किसान लक्ष्मण तिवारी ने बताया कि बेटे सत्यम ने फोन पर हुई बातचीत में बताया कि उनकी टीम कोरोना से बचाव की दवा के लिए गंभीर प्रयास कर रही है। अब तक की कोशिशें सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की देखरेख में जारी इन कोशिशों में संभावित दवा तक पहुंचने का रास्ता मिला है। संभावित दवा को चूहों (गिनी पिग) पर प्रयोग कर परिणाम देखे जा रहे हैं। यह प्रयोग सफल रहने पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की राय से दवा को सार्वजनिक किया जाएगा।
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चित्रकूट के सुरेंद्र पाल ग्रामोदय विद्यालय में शुरुआती पढ़ाई करने वाले डॉ. सत्यम ने प्रयागराज से बीएससी, झांसी से बायो टेक्नोलॉजी में एमएससी की थी। इसके बाद सीएसआईआर से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की थी। इस वक्त वह स्विट्जरलैंड के लॉजेन विश्वविद्यालय के बायोकेमिस्ट्री विभाग में कार्यरत हैं।
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चित्रकूट जिले के शिवरामपुर निवासी किसान लक्ष्मण तिवारी ने बताया कि बेटे सत्यम ने फोन पर हुई बातचीत में बताया कि उनकी टीम कोरोना से बचाव की दवा के लिए गंभीर प्रयास कर रही है। अब तक की कोशिशें सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
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विश्व स्वास्थ्य संगठन की देखरेख में जारी इन कोशिशों में संभावित दवा तक पहुंचने का रास्ता मिला है। संभावित दवा को चूहों (गिनी पिग) पर प्रयोग कर परिणाम देखे जा रहे हैं। यह प्रयोग सफल रहने पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की राय से दवा को सार्वजनिक किया जाएगा।
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चित्रकूट के सुरेंद्र पाल ग्रामोदय विद्यालय में शुरुआती पढ़ाई करने वाले डॉ. सत्यम ने प्रयागराज से बीएससी, झांसी से बायो टेक्नोलॉजी में एमएससी की थी। इसके बाद सीएसआईआर से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की थी। इस वक्त वह स्विट्जरलैंड के लॉजेन विश्वविद्यालय के बायोकेमिस्ट्री विभाग में कार्यरत हैं।