फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Doctors raised funds to capture rats in OT of hallet hospital

इस अस्पताल के अोटी में चूहों का अातंक, निपटने के लिए डॉक्टरों ने चलाया "चंदा अॉपरेशन"

Tue, 09 Oct 2018 06:08 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Updated Tue, 09 Oct 2018 06:08 PM IST
विज्ञापन
Doctors raised funds to capture rats in OT of hallet hospital
डेमो पिक

यूपी में कानपुर शहर के हैलट अस्पताल में एक एेसा मामला सामने आया है जिसे जानकर आप हैरान रह जाएंगे। यहां चूहों की बढ़ती तादाद मरीजों के लिए ही नहीं बल्कि डॉक्टरों के लिए भी अाफत का कारण बनी हुई है। यहां हैलट अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर (ओटी) में चूहों ने अपना ऐसा कब्जा बना लिया है कि अब निकलने का नाम नहीं ले रहे। 

विज्ञापन


ऑपरेशन के चलते चूहे बिजली के तार काट देते हैं जिससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ जाती है। इनसे बचने के लिए ओटी को पहली मंजिल में शिफ्ट किया था मगर इनकी पलटन वहां भी पहुंच गई। डॉक्टरों के कई बार चेताने पर भी अस्पताल प्रशासन ने बजट न होने का कारण बताते हुए इस समस्या का समाधान नहीं किया।
विज्ञापन


चूहों के खतरे को देखते हुए ओटी में फॉल सीलिंग तक नहीं लग पा रही है। अस्पताल की ओटी में चूहों की गंदगी की वजह से कॉक्रोच और दीमक भी काफी बढ़ गए हैं। इससे मरीजों में संक्रमण का खतरा दिनोंदिन बढ़ता ही जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

Doctors raised funds to capture rats in OT of hallet hospital
डेमो पिक

डॉक्टरों के एप्रेन और उपकरण तक सुरक्षित नहीं हैं। मरीजों को इस समस्या से बचाने के लिए यहां डॉक्टरों की टीम ने 50 हजार का चंदा इकट्ठा किया और चूहों को पकड़ने का ठेका एक कंपनी को दिया है। कंपनी ने प्रतिमाह 9600 रुपए में पहली और दूसरी मंजिल से छह महीने में चूहों को साफ करने का दावा किया है। 

डॉक्टरों के मुताबिक प्रमुख सचिव और तत्कालीन चिकित्सा शिक्षामंत्री को हैलट के ऑपरेशन थिएटर का हाल दिखाया तो गया मगर कुछ भी सुधार नहीं हो सका। मॉड्यूलर ओटी तक का प्रस्ताव लटका पड़ा हैं। 

सर्जरी विभागाधक्ष प्रोफेसर संजय काला ने साथी डॉक्टरों से चंदा जुटाकर इस परेशानी से छुटकारा पाने का सुझाव दिया था। इसके बाद सभी ने मिलकर पहले चरण में 50 हजार रुपये जुटा लिए हैं। सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. संजय काला के अनुसार, चूहों को पकड़ने के लिए इंतजाम किए गए हैं। मॉड्यूलर ओटी की सख्त जरूरत है। छात्रों को पुरानी ओटी में पढ़ाया जा रहा है और पढ़ने के बाद आधुनिक ओटी में काम करना पड़ता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed