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प्राइवेट अस्पताल में ऑपरेशन के बाद मरीज की मौत, दो डॉक्टर व अस्पताल संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
Wed, 13 Nov 2019 12:59 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, औरैया
यूपी डेस्क, अमर उजाला, औरैया
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 13 Nov 2019 12:59 PM IST
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सील किया गया रक्षा ओम कृष्णा अस्पताल
- फोटो : अमर उजाला
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औरैया जिले में मोहल्ला तिलक नगर सत्तेश्वर में संचालित प्राइवेट अस्पताल में आपरेशन के बाद सोमवार को युवक की मौत के मामले में सदर कोतवाली में सोमवार को देर रात दो डॉक्टरों व एक अस्पताल संचालक के साथ एक अज्ञात के खिलाफ दो रिपोर्ट दर्ज की गई हैं। इस मामले में मृतक युवक के पिता व डिप्टी सीएमओ की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
तिलक नगर सत्तेश्वर मोहाल स्थित रक्षा ओम कृष्णा अस्पताल में सोमवार की शाम दिबियापुर थाना क्षेत्र के ग्राम गपकापुर की मडैया निवासी अनूप उर्फ सोनपाल पुत्र जिलेदार की पित्त की थैली के आपरेशन के दौरान मौत होने के मामले में सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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तिलक नगर सत्तेश्वर मोहाल स्थित रक्षा ओम कृष्णा अस्पताल में सोमवार की शाम दिबियापुर थाना क्षेत्र के ग्राम गपकापुर की मडैया निवासी अनूप उर्फ सोनपाल पुत्र जिलेदार की पित्त की थैली के आपरेशन के दौरान मौत होने के मामले में सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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इसमें पीड़ित पिता जिलेदार सिंह की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने डॉ.अर्जित त्रिपाठी पुत्र राजेंद्र प्रसाद निवासी तिलक नगर स्टेडियम रोड औरैया, डॉ.संतोष गुप्ता के अलावा अस्पताल संचालक सुधीर कुमार पुत्र ओम प्रकाश निवासी देवरांव बिधूना औरैया के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है।
पुलिस को दी तहरीर में पिता ने कहा है कि उन्होंने अपने पुत्र को पेट दर्द होने पर रक्षा ओम कृष्णा अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां डॉक्टरों ने उसको पुत्र के पेट में पथरी बताते हुए तुरंत आपरेशन करने को कहा। पीड़ित पिता ने बताया कि इन तीनों लोगों ने ऑपरेशन के लिए 25 हजार रुपये भी जमा कराए।
पुलिस को दी तहरीर में पिता ने कहा है कि उन्होंने अपने पुत्र को पेट दर्द होने पर रक्षा ओम कृष्णा अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां डॉक्टरों ने उसको पुत्र के पेट में पथरी बताते हुए तुरंत आपरेशन करने को कहा। पीड़ित पिता ने बताया कि इन तीनों लोगों ने ऑपरेशन के लिए 25 हजार रुपये भी जमा कराए।
पीड़ित ने बताया कि इस दौरान आपरेशन शुरू किया गया, लेकिन उन लोगों को अंदर नहीं जाने दिया गया। जब काफी देर तक उन्हें कोई जानकारी नहीं मिली तो अपने दूसरे पुत्र अखिलेश के साथ अस्पताल के अंदर पहुंचे। वहां उनका पुत्र मृत पड़ा था।
उधर, डिप्टी सीएमओ डॉ.राकेश गुप्ता ने 50 शय्या युक्त जिला अस्पताल के ठीक पीछे संचालित हो रहे इस अस्पताल में हुई युवक की मौत को लेकर कोतवाली में दोनों डॉक्टरों व अस्पताल संचालक के खिलाफ मेडिकल एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है।
इस संबंध में डिप्टी सीएमओ ने बताया कि रक्षा ओम कृष्णा अस्पताल संचालक सुधीर कुमार की ओर से उनके यहां कराए गए पंजीकरण में डॉ.अर्जित त्रिपाठी के साथ पाटर्नरशिप में अस्पताल संचालित कराए जाने की कोई जानकारी नहीं दी गई है।
उधर, डिप्टी सीएमओ डॉ.राकेश गुप्ता ने 50 शय्या युक्त जिला अस्पताल के ठीक पीछे संचालित हो रहे इस अस्पताल में हुई युवक की मौत को लेकर कोतवाली में दोनों डॉक्टरों व अस्पताल संचालक के खिलाफ मेडिकल एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है।
इस संबंध में डिप्टी सीएमओ ने बताया कि रक्षा ओम कृष्णा अस्पताल संचालक सुधीर कुमार की ओर से उनके यहां कराए गए पंजीकरण में डॉ.अर्जित त्रिपाठी के साथ पाटर्नरशिप में अस्पताल संचालित कराए जाने की कोई जानकारी नहीं दी गई है।
यही नहीं डॉ.अर्जित त्रिपाठी औरैया में रक्षा ओम कृष्णा अस्पताल में काम कर रहे हैं इसकी भी विभाग को कोई सूचना नहीं दी गई। ऐसी स्थिति में डॉ.अर्जित त्रिपाठी का रक्षा ओम कृष्णा अस्पताल में काम करना अवैध है।
उनके यहां ओपीडी के संचालन के लिए पंजीकरण कराया गया था। अस्पताल में बिना किसी अनुमति के आपरेशन किया जाना गैर कानूनी है। उन्होंने बताया कि अभी प्रकरण की जांच की जा रही है। इसमें आगे भी धाराएं बढ़ने की संभावना है।
वहीं 50 शैय्या अस्पताल में तैनात बताए जा रहे संविदा सर्जन डॉक्टर संतोष गुप्ता की भी विभागीय स्तर पर जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय की जा सकेगी। इस प्रकरण में एडीएम रेखा एस चौहान ने बताया कि पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर डीएम को प्रेषित कर दी गई है।
उनके यहां ओपीडी के संचालन के लिए पंजीकरण कराया गया था। अस्पताल में बिना किसी अनुमति के आपरेशन किया जाना गैर कानूनी है। उन्होंने बताया कि अभी प्रकरण की जांच की जा रही है। इसमें आगे भी धाराएं बढ़ने की संभावना है।
वहीं 50 शैय्या अस्पताल में तैनात बताए जा रहे संविदा सर्जन डॉक्टर संतोष गुप्ता की भी विभागीय स्तर पर जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय की जा सकेगी। इस प्रकरण में एडीएम रेखा एस चौहान ने बताया कि पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर डीएम को प्रेषित कर दी गई है।