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हत्या के समय कैमरों की आंखें थी ‘बंद’

Wed, 02 Dec 2015 02:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर Updated Wed, 02 Dec 2015 02:21 AM IST
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Was killed when the eyes of the cameras 'locked'

होटल के कैमरे में आए लेकिन धुंधले

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परेड चौराहे पर अकील की हत्या के मामले में पुलिस को घटनास्थल के सामने स्थित एक होटल में लगे सीसीटीवी कैमरे से फुटेज मिले हैं। इसमें दो संदिग्ध व्यक्ति नजर आए हैं। पुलिस के अनुसार एक बाइक पर बैठा था और दूसरा फुटेज में भागता हुआ दिखाई दिया है। पुलिस होटल से प्राप्त फुटेज को और साफ कराने की तैयारी है।

गौरतलब है कि रविवार शाम परेड चौराहे पर स्क्रैप कारोबारी अकील की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसमें नफीस, आमिर, आसिफ, आरिफ और नौशाद कालिया के खिलाफ हत्या का मुकदमा कर्नलगंज थाने में दर्ज कराया गया है। पुलिस इन सभी की तलाश में लगी है। इसी क्रम में होटल से सीसीटीवी फुटेज हासिल किए गए है।
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पता चला है कि घटनास्थल के ठीक सामने दूसरे खंभे पर दो-दो सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। ये कैमरे सड़क की दोनों पटरियों को कवर करते हैं और इनका कंट्रोल चौराहे पर स्थित होटल के पास ही है, लेकिन रखरखाव न होने के चलते ये कैमरे खराब पड़े हैं।
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आईजी आशुतोष पांडे ने बताया कि तत्कालीन एसएसपी यशस्वी यादव की पहल पर व्यापारियों ने  प्रमुख बाजारों में कैमरे लगवाए थे। लेकिन अब पता चल रहा है कि कैमरे लगवाने वालों ने कभी इनकी देखरेख ही नहीं की।

पीपीएन मार्केट के डिवाइडर पर लगे कैमरों से कोई भी डाटा रिकवर नहीं हो पाया है। पुलिस की उदासीनता के चलते भी ऐसे कैमरों के बुरे हाल हैं। होटल ने भी इन कैमरों को अपने कंप्यूटर से नहीं जोड़ा है।

भांजे के बयान से ट्विस्ट
कानपुर। फुरकान हत्याकांड में मौके पर मौजूद फुरकान के नाबालिग भांजे के बयान से जांच में ट्विस्ट आ गया है। सूत्रों के मुताबिक फुरकान के भांजे  का कहना है कि हत्यारे अपना चेहरा कपड़े से कवर किए हुए थे।

भांजे के इस बयान से पुलिस अब पता लगाने मे लग गई है कि फुरकान की हत्या और उसकी हत्या के आरोप में शाहिद पिच्चा , शानू लफ्फाज और सनी के जेल जाने से किसे फायदा होगा। जिस जगह पर फुरकान की हत्या हुई उसके ठीक सामने खंभे पर दो सीसीटीवी लगे हैं। जांच करने पर पता चला कि दोनों कैमरे खराब हैं।

इलाके में एक पुराने अपराधी के नाम पर चर्चा चल रही है, जिसका इस हत्याकांड से फायदा हो सकता है। चमनगंज के रसूखदार लोग मृतक फुरकान के भाई रिजवान दागी और शाहिद पिच्चा में समझौते की कोशिश में लगे हैं।


गौरतलब है कि रविवार देर शाम  थाना चमनगंज के भन्नानापुरवा में फुरकान की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। फुरकान के भाई रिजवान की तहरीर पर शाहिद पिच्चा, शानू लफ्फाज और सनी के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास का मुकदमा चमनगंज थाने में दर्ज है।


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